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विवेकानंद कहते थे – बंदरों की तरह होती हैं कठिनाइयां

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घटना तब की है जब स्वामी विवेकानंद वृंदावन में थे। सड़क पर चल रहे थे। कुछ लाल मुंह के बंदर उनके पीछे पड़ गए। स्वामीजी भागने लगे। बंदर भी उन पर तेजी से आक्रमण करने लगे। तभी एक समझदार व्यक्ति ने कहा, भागो मत। इनके सामने डट कर खड़े रह जाओ। मुकाबला करो। स्वामीजी ने वैसा ही किया और बंदर …

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रोते-रोते हंसना कुछ इनसे सीखो

Rote rote hasna kuch in se sikho

  वह स्कूल के मेधावी छात्र माने जाते थे। एक बार स्कूल में कहानी प्रतियोगिता आयोजित की गई। कहानी लिखने के लिए महीने भर का समय दिया गया। उस छात्र को ही नहीं बल्कि उसके अध्यापकों को भी पूरा भरोसा था कि पुरस्कार उसी को मिलेगा। लेकिन उस छात्र को केवल एक कहानी लिखने के लिए महीने भर का समय …

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मुमताज़ महल का इतिहास

मुमताज़ महल का इतिहास

मुमताज़ महल का इतिहास / Mumtaz Mahal History in Hindi/English मुमताज़ महल मुग़ल महारानी और मुग़ल शासक शाहजहाँ की मुख्य पत्नी भी थी. मुमताज की ही याद में उनके पति शाहजहाँ ने आगरा में ताजमहल का निर्माण किया था. मुमताज़ महल / Mumtaz Mahal का  जन्मअरजुमंद बानू बेगम के नाम से आगरा के एक पर्शियन परीवार में अब्दुल हसन असफ …

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जानिए कबीरदास की बेबाक सोच

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एक बार रामानंद जी ने कबीरदास से कहा, श्राद्ध के दिन चल रहे हैं। पितरों का तर्पण करना है। इसलिए पितरों के लिए खीर बनाने का प्रबंध करो।’ कबीरदास जी खीर के लिए दूध लेने चल दिए। उस समय कबीरदास जी की उम्र महज 9 वर्ष थी। कबीर दास ने बाजार से दूध लिया और थोड़े आगे चले ही थे …

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आचार्य बहुश्रुत के शिष्यों की कांटों भरी अंतिम परीक्षा

The final examination of the thorns of Acharya Purshuva's disciples

एक बार गुरुकुल में तीन शिष्यों की विदाई का अवसर आया तो आचार्य बहुश्रुत ने कहा की सुबह मेरी कुटिया में आना। तुम्हारी अंतिम परीक्षा होगी। आचार्य बहुश्रुत ने रात्रि में कुटिया के मार्ग पर कांटे बिखेर दिए। सुबह तीनों शिष्य अपने-अपने घर से गुरु के निवास की ओर चल पड़े। मार्ग पर कांटे थे। लेकिन शिष्य भी कमजोर नहीं …

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आचरण सुंदर तो तन और मन भी सुंदर

behaviour-beautiful-to-tan-and-mind-too-su

बात उन दिनों की है जब भगवान श्रीराम अपने 14 वर्षों के वनवास के दौरान चित्रकूट में थे। भगवान राम एवं माता सीता कुटिया के बाहर बैठे हुए थे। लक्ष्मणजी उनके चरणों में बैठे थे। तभी श्रीराम ने कहा कि लक्ष्मण यहां आओ मेरे और सीता के बीच एक झगड़ा हो गया है। इसलिए तुम न्याय करो। लक्ष्मण जी मान …

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क्‍या था उन गायब होती गायों का रहस्‍य!

what-was-the-secret-of-those-disappearing-cows

दो संन्यासी युवक यात्रा करते-करते किसी गांव में पहुंचे। वहां लोगों से पूछा हमें एक रात्रि यहां रहना है किसी पवित्र परिवार का घर दिखाओ। लोगों ने बताया कि वहां एक चाचा का घर है। साधु-महात्माओं का आदर सत्कार करते हैं। अखिल ब्रह्माण्डमां एकतुं श्रीहरि’ का पाठ उनका पक्का हो गया है। वहां आपको ठीक रहेगा। उन्होंने उन सज्जन चाचा …

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कहीं भटकने की जरूरत नहीं क्योंकि यह है सफलता का मंत्र

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प्राचीन काल में उत्तरी चीन में एक बुजुर्ग रहता था। जो उत्तरी पहाड़ी का महामूर्ख कहलाता था। क्योंकि उसके घर के सामने दो बड़े पहाड़ थे। आने-जाने में बड़ी ही परेशानी होती थी। तो उस वृद्ध व्यक्ति ने अपने दोनों बेटों के साथ पहाड़ को काटना आरंभ कर दिया। उनके इस काम को देखकर वहां रहने वाले सभी लोगों ने …

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स्वामी विवेकानंद ने सुना वेश्या का गीत

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स्वामी विवेकानंद को विदेश जाने से पहले एक बार खेतड़ी (राजस्थान) जाना पड़ा क्योंकि वहां के महाराजा की कोई संतान नहीं थी और स्वामीजी के आशीर्वाद से पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई थी। इसी की खुशी में एक उत्सव मनाया जा रहा था। दरबार में कई सामंत, प्रजाजन और कलाकार उपस्थित थे। कार्यक्रम के आखिरी में एक गणिका (वेश्या) अपना नृत्य …

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हतोत्साहित नहीं प्रोत्साहित करें

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एक दिन एक किसान का गधा कुएं में गिर गया। वह गधा घंटों जोर-जोर से रेंकता (गधे के बोलने की आवाज) रहा से और किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिए और क्या नहीं। आखिर उसने निर्णय लिया कि गधा काफी बूढा हो चूका था, उसे बचाने से कोई लाभ होने वाला नहीं था इसलिए …

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