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मनाएँ शिवरात्रि 101 प्राचीन शिवलिंगों के अभिषेक साथ!
श्री नीलकंतेश्वर जी श्री रामेश्वर जी श्री गोपालेश्वर जी श्री पातालेश्वर जी श्री दशमेश्वर जी श्री घ्रनेश्वर जी श्री जागेश्वर जी श्री मामलेश्वर जी श्री केदारनाथ जी श्री महाकालेश्वर जी श्री राजेश्वर जी श्री मल्लिकार्जुन जी श्री विश्वनाथ जी श्री ब्रहमलेश्वर जी श्री बैजनाथ जी श्री भीमशंकर जी श्री सोमनाथ जी
Read More »सुखी जीवन का मूलमंत्र
जापान के सम्राट यामातो का एक राज्यमंत्री था। जिसका नाम था ‘ओ-चो-सान’। उसका परिवार सौहार्द के लिए बड़ा प्रसिद्ध था। हालांकि उसके परिवार में लगभग एक हजार सदस्य थे, पर उनके बीच एकता का अटूट संबंध था। सभी सदस्य साथ-साथ रहते और साथ-साथ ही खान खाते थे। फिर उनमें द्वेष कलह की बात ही कहां? ओ-चो-सान के परिवार के सौहार्द …
Read More »बनाना’ का पूछा था सवाल ‘शून्य’ का मिल गया उत्तर
महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन् के बचपन की एक दिलचस्प घटना है उनके अध्यापक गणित पढ़ा रहे थे। उन्होंने ब्लैक-बोर्ड पर तीन केले (बनाना) बनाए और पूछा, यदि हमारे पास तीन केले हों, और तीन ही विद्यार्थी हों तो प्रत्येक विद्यार्थी को कितने केले मिलेंगे? एक विद्यार्थी ने तुरंत उत्तर दिया, ‘सभी को एक-एक केला मिल जाएगा।’ अध्यापक ने कहा, ‘तुम …
Read More »जानिए महात्मा गांधी की नजर में धर्म का अर्थ
एक बार महामना मदनमोहन मालवीय, महात्मा गांधी व कुछ अन्य लोग धर्म पर चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान मालवीय जी ने गांधीजी से पूछा, ‘बापू आपकी दृष्टि में धर्म क्या है?’ तब गांधीजी बोले, मेरी दृष्टि से धर्म का अर्थ कर्तव्य है। समाज के हर व्यक्ति का अलग धर्म है। सैनिक का धर्म अपने राष्ट्र व समाज की …
Read More »एक नगरवधू की सीख ने मठाधीश को कर दिया लज्जित
पाटलिपुत्र की एक नगरवधू थी। उसकी सुंदरता की चर्चा दूर-दूर तक होती थी। उसकी एक मुस्कान पर बड़े-बड़े लोग सब कुछ लुटाने को तैयार रहते थे। एक दिन शाल्वन बुद्ध पीठ के मठाधीश वसंत गुप्त उधर से निकले तो नगरवधू पर उनकी नजर पड़ी। उन्होंने उसे देखा तो सब कुछ भूल गए। वे उसी संत वेश में नगरवधू के घर …
Read More »गणेशजी ने यूं चकनाचूर किया था कुबेर का घमंड
एक बार की बात है। कुबेर को अपने धन-वैभव पर बहुत अभिमान हो गया था। उन्होंने सोचा कि मेरे पास इतनी समृद्धि है, तो क्यों न मैं शंकरजी को अपने घर पर भोजन का न्योता दूं औैर उन्हें अपना वैभव दिखाऊं। यह विचार लेकर कुबेर कैलाश पर्वत गए और वहां शंकरजी को भोजन पर पधारने का न्योता दिया। शंकरजी को …
Read More »संयम की परीक्षा के लिए चाहिए आत्मसंयम
प्राचीन मिस्र में जुन्नून नाम के एक प्रसिद्ध महान संत हुए थे। प्रसिद्ध मुस्लिम पीर यूसुफ़ हुसैन धर्म की दीक्षा लेने उनके पास पहुंचे। संत ने एक संदूक यूसूफ़ को दे दी और उसे नील नदी के किनारे बसे अपने मित्र को देकर आने के लिए कहा। यूसुफ़ हुसैन उसे लेकर चल पड़े। मार्ग में वे अपनी उत्सुकता को न …
Read More »गुस्से पर भारी बु्द्धि जिसे गुस्सा भी रोक न पाया
एक बार एक संत के शिष्य ने संत से पूछा ‘गुरुदेव आप हमेशा कहते हैं कि हमें एक क्षण के लिए भी प्रभु की ओरसे ध्यान नहीं हटाना चाहिए। किंतु यह कैसे संभव है? माया का इतना मोहक स्वरूप है जो सभी को अपनी और आकर्षित कर लेता है और वैसे भी जिसे मोक्ष मिलना है, उसे किसी भी समय …
Read More »राजा और रंक यहां होते हैं एक समान
सुल्तान ग्यासुद्दीन तीर कमान से अभ्यास कर रहे थे। अचानक एक तीर एक बालक को लग गया और उसकी मृत्यु हो गई। बालक की मां ने दिल्ली के प्रधानमंत्री काजी सिराजुद्दीन की अदालत में मुकदमा दायर किया। काजी ने सुल्तान को अदालत में तलब किया। सुल्तान साधारण पोशाक में पेश हुए और मुजरिम की तरह खड़े हो गए। उन्होंने जुर्म …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…