एक मकड़ी थी. उसने आराम से रहने के लिए एक शानदार जाला बनाने का विचार किया और सोचा की इस जाले मे खूब कीड़ें, मक्खियाँ फसेंगी और मै उसे आहार बनाउंगी और मजे से रहूंगी . उसने कमरे के एक कोने को पसंद किया और वहाँ जाला बुनना शुरू किया. कुछ देर बाद आधा जाला बुन कर तैयार हो गया. यह देखकर …
Read More »vikkykyt@yahoo.com
Yogi Bhajan
Acknowledgements The teachings in this manual are entirely the gift of Yogi Bhajan {Siri Singh Sahib Harbhajan Singh Khalsa Yogiji) who has brought the technology of Kundalini Yoga to the West. Our gratitude to him is infinite. Any errors or omissions in the following pages are entirely the fault of the Editors and Staff and by no means reflect upon …
Read More »दर का भिखारी शम्बू मुझे ठुकराना ना
दर दा भिखारी शम्बू, मैनू ठुकरावीं ना । जग ने रुलाया शम्बू, तू वी रुलावी ना ॥ चाँद ते सितारे तेरी आरती उतारदे, गांदे ने गीत भोले नित्त तेरे प्यार दे । दासां तो उदास होके, दर तों उठावी ना, जग ने रुलाया शम्बू, तू वि रुलावी ना ॥ धी पुत्त सो सो गलतीयां करदे, माँ बाप ज़रा वी ना …
Read More »मुल्ला और पड़ोसी
एक पड़ोसी मुल्ला नसरुद्दीन के द्वार पर पहुंचा . मुल्ला उससे मिलने बाहर निकले . “ मुल्ला क्या तुम आज के लिए अपना गधा मुझे दे सकते हो , मुझे कुछ सामान दूसरे शहर पहुंचाना है ? ” मुल्ला उसे अपना गधा नहीं देना चाहते थे , पर साफ़ -साफ़ मन करने से पड़ोसी को ठेस पहुँचती इसलिए उन्होंने झूठ कह …
Read More »मुल्ला बने कम्युनिस्ट
एक बार खबर फैली की मुल्ला नसरुदीन कम्युनिस्ट बन गए हैं . जो भी सुनता उसे आश्चर्य होता क्योंकि सभी जानते थे की मुल्ला अपनी चीजों को लेकर कितने पोजेसिव हैं . जब उनके परम मित्र ने ये खबर सुनी तो वो तुरंत मुल्ला के पास पहुंचा . मित्र : “ मुल्ला क्या तुम जानते हो कम्युनिज्म का मतलब क्या …
Read More »मुल्ला का प्रवचन
एक बार मुल्ला नसरुदीन को प्रवचन देने के लिए आमंत्रित किया गया . मुल्ला समय से पहुंचे और स्टेज पर चढ़ गए , “ क्या आप जानते हैं मैं क्या बताने वाला हूँ ? मुल्ला ने पूछा . “नहीं ” बैठे हुए लोगों ने जवाब दिया . यह सुन मुल्ला नाराज़ हो गए ,” जिन लोगों को ये भी नहीं …
Read More »सुबह सुबह ले शिव का नाम
सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे यह शुभ काम । सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम ॥ खुद को राख लपेटे फिरते, औरों को देते धन धाम । देवो के हित विष पी डाला, नील कंठ को कोटि प्रणाम ॥ सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम ॥ शिव के …
Read More »रसगुल्ले की जड़
मध्य पूर्वी देश से एक ईरानी शेख व्यापारी महाराज कृष्णदेव राय का अतिथि बन कर आता है। महाराज अपने अतिथि का सत्कार बड़े भव्य तरीके से करते हैं और उसके अच्छे खाने और रहने का प्रबंध करते हैं, और साथ ही कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान करते हैं। एक दिन भोजन पर महाराज का रसोइया शेख व्यापारी के लिए रसगुल्ले …
Read More »मंगलकारी शिव का नाम
मंगलकारी शिव का नाम । चरण हैं शिव के सुख का धाम ॥ पात पात में वो घाट में, फैली उनकी माया । जिस के मन में वो बस जाए, मंदिर बनती काया । जिस पर शिव जी कृपा करते, बनते काम तमाम ॥ वो ही जगत का करता धर्ता, वो ही जग के सवामी । भक्त जनों के मन …
Read More »स्वर्ग की खोज
महाराज कृष्णदेव राय अपने बचपन में सुनी कथा अनुसार यह विश्वास करते थे कि संसार-ब्रह्मांड की सबसे उत्तम और मनमोहक जगह स्वर्ग है। एक दिन अचानक महाराज को स्वर्ग देखने की इच्छा उत्पन्न होती है, इसलिए दरबार में उपस्थित मंत्रियों से पूछते हैं, ” बताइए स्वर्ग कहाँ है ?” सारे मंत्रीगण सिर खुजाते बैठे रहते हैं पर चतुर तेनालीराम महाराज कृष्णदेव राय को …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…