एक बार की बात है , मगध साम्राज्य के सेनापति किसी व्यक्तिगत काम से चाणक्य से मिलने पाटलिपुत्र पहुंचे । शाम ढल चुकी थी , चाणक्य गंगा तट पर अपनी कुटिया में, दीपक के प्रकाश में कुछ लिख रहे थे। कुछ देर बाद जब सेनापति भीतर दाखिल हुए, उनके प्रवेश करते ही चाणक्य ने सेवक को आवाज़ लगायी और कहा …
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एक पुत्र अपने पिता के विषय में उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर क्या विचार रखता है
4 वर्ष : मेरे पापा महान है । 6 वर्ष : मेरे पापा सबकुछ जानते है, वे सबसे होशियार है।। 10 वर्ष : मेरे पापा अच्छे है, परन्तु गुस्से वाले है। 12 वर्ष : मैं जब छोटा था, तब मेरे पापा मेरे साथ अच्छा व्यवहार करते थे । 16 वर्ष : मेरे पापा वर्तमान समय के साथ नही चलते, सच …
Read More »राजा और महात्मा
चंदनपुर का राजा बड़ा दानी और प्रतापी था , उसके राज्य में सब खुशहाल थे पर राजा एक बात को लेकर बहुत चिंतित रहा करता था कि धर्म व दर्शन पर लोगोँ के विचारोँ मेँ सहमति क्योँ नहीँ बनती। एक बार राजा ने विभिन्न धर्मोँ के उपदेशकोँ को आमंत्रित किया और एक विशाल कक्ष में सभी का एक साथ रहने …
Read More »भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए
भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए सखी एक बोली मैया बाहर पधारो आयो एक बाबो दिखे बड़ो मतवारो भिक्षा देयीके कहदो आसन पधारो भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए भरी थार कंचन को मैया सिधारी नमन करीके मैया वचन उचारी आशीष दीजै बाबा सुखी भये मुरारी भभूती रमाये …
Read More »दिखावे का फल
मैनेजमेंट की शिक्षा प्राप्त एक युवा नौजवान की बहुत अच्छी नौकरी लग जाती है, उसे कंपनी की और से काम करने के लिए अलग से एक केबिन दे दिया जाता है। वह नौजवान जब पहले दिन office जाता है और बैठ कर अपने शानदार केबिन को निहार रहा होता है तभी दरवाजा खट -खटाने की आवाज आती है दरवाजे पर …
Read More »कल्पतरु पुन्यातामा
कल्पतरु पुन्यातामा, प्रेम सुधा शिव नाम हितकारक संजीवनी, शिव चिंतन अविराम पतित पावन जैसे मधु शिव रस नाम का घोल भक्ति के हंसा ही चुगे मोती ये अनमोल जैसे तनिक सुहाग सोने को चमकाए शिव सिमरन से आत्मा उज्जवल होती जाए जैसे चन्दन वृक्ष को डसते नहीं है साँप शिव भक्तों के चोले को कभी न लगे दाग ॐ नमः …
Read More »जय जय अमरनाथ
नाथां दा तूं नाथ कहवे, अमरनाथ विच्च डेरे, नाम तेरे दा चानण बन के मिटदे घूप हनेरे। श्याम सवेरे शंकर तेरा करदा रहां मैं जाप, जय जय अमरनाथ, जय जय अमरनाथ॥ माँ शक्ति नू जित्थे बैह के आप ने कथा सुनाई, ओस जगह नू सजदे करदी फिरदी कुल लुकाई। सबना ते तूं करदे भोले खुशीआं दी बरसात, जय जय अमरनाथ, …
Read More »साधु और नर्तकी
एक दिन गाँव मेँ बाढ़ आ गयी और दोनोँ एक साथ ही मर गये। मरनेँ के बाद जब ये दोनोँ यमलोक पहूँचे तो इनके कर्मोँ और उनके पीछे छिपी भावनाओँ के आधार पर इन्हेँ स्वर्ग या नरक दिये जानेँ की बात कही गई। साधु खुद को स्वर्ग मिलनेँ को लेकर पुरा आश्वस्त था। वहीँ नर्तकी अपनेँ मन मेँ ऐसा कुछ भी विचार नहीँ कर …
Read More »सफलता का रहस्य
एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो. वो मिले. फिर सुकरात ने नौजवान से उनके साथ नदी की तरफ बढ़ने को कहा.और जब आगे बढ़ते-बढ़ते पानी गले तक पहुँच गया, तभी अचानक सुकरात ने उस लड़के का सर पकड़ …
Read More »भोले जपो जपो मन प्यारा
भोले जपो जपो मन प्यारा मुक्ति मिले मिले छुटकारा तुझको जपना होगा तुझको जपना होगा भोले का जो नाम गाता नहीं है उसके कोई काम आता नहीं है भोले चरण को अगर जो बिसारे लगती नहीं नाव उसकी किनारे तुझको जपना होगा तुझको जपना होगा भोले जपो जपो मन प्यारा मुक्ति मिले मिले छुटकारा ऐसा भला कौन है जग में …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…