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संत कबीरदास जंयती पर विशेष- कबीर दास की शिक्षा

Abhi to jagaya tujhe fir so gya bhajan

एक ब्राह्मण हमेशा धर्म-कर्म में मग्न रहता था। उसने जीवनभर पूजा पाठ किए बिना कभी भी अन्न ग्रहण नहीं किया था। जब वृद्धावस्था आई तो वह बीमार पड़ गया और अपना अंत समय निकट जानकर विचार करने लगा, काश! प्राण निकलने से पूर्व मुझे गंगाजल की एक बूंद मिल जाती तो मेरे पापों का नाश हो जाता और मुझे मुक्ति …

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शिक्षाप्रद कहानियां- रानी का हार

Rani Ka Harr Story

एक बार की बात है। एक बहुत ही बड़े साम्राज्य का राजा था। इस कारण उसकी रानी के पास गहनें, हीरे, मोतियों और माणिक्य आदि के अम्बार लगे थे। उन सभी गहनों में से रानी को एक नौलखा हीरों का हार बहुत प्रिय था। एक बार रानी नहाकर अपने महल की छत पर बाल सुखाने के लिए गई। रानी के …

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आखिर क्यों दिया था माता पार्वती ने भगवान शिव, विष्णु, नारद, कार्तिकेय और रावण को श्राप!!

Aakhir Kyo Diya Tha Mata Parvati Ne Story

एक बार भगवान शंकर ने माता पार्वती के साथ जुआ खेलने की अभिलाषा प्रकट की। खेल में भगवान शंकर अपना सब कुछ हार गए। हारने के बाद भोलेनाथ अपनी लीला को रचते हुए पत्तों के वस्त्र पहनकर गंगा के तट पर चले गए। कार्तिकेय जी को जब सारी बात पता चली, तो वह माता पार्वती से समस्त वस्तुएँ वापस लेने …

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शिक्षाप्रद कहानियां- सत्संग का लाभ‬

Satsung Ka Labh Story

बहुत समय पहले की बात है। एक गुरु अपने शिष्यों के साथ घूमने जा रहे थे। वे अपने शिष्यों से बहुत स्नेह करते थे और उन्हें सदैव प्रकृति के समीप रहने की शिक्षा दिया करते थे। रास्ते में एक शिष्य पत्थर से ठोकर खाकर गिर पड़ा। गुरु ने उसे सहारा देकर उठाया। शिष्य ने क्रोध से उस पत्थर को ठोकर …

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काशी विश्वनाथ मंदिर

Kashi Vishavnath Mandir Story

काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी (Kashi Vishwanath Temple, Varanasi) काशी विश्वनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर वाराणसी में स्थित है। काशी विश्वनाथ मंदिर का हिंदू धर्म में एक विशिष्ट स्थान है। ऐसा माना जाता है कि एक बार इस मंदिर के दर्शन करने और पवित्र गंगा में स्नान कर लेने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। वर्तमान …

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‎धीरज‬ और ‪‎शांति‬ का महत्त्व

धीरज‬ और ‪‎शांति‬ का महत्त्व

एक दिन भगवान बुद्ध कहीं जा रहे थे, उनके साथ उनका एक शिष्य भी था जिसका नाम था आनंद । वे पैदल चलते हुए बहुत दूर निकल गए। ज्यादा चलने के कारण वे थक गए थे इसलिए रास्ते में आराम करने के लिए वे एक पेड़ के नीचे रुक गए। अचानक से भगवान बुद्ध को बहुत जोर की प्यास लगी। …

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आखिर क्यों पड़ी थी समुद्र मंथन की जरूरत..

Aakhir Kyo Pari Samunder Manthan Ki Jarurat Srory

एक बार शिवजी के दर्शन के लिए दुर्वासा ऋषि अपने शिष्यों के साथ कैलाश जा रहे थे। मार्ग में उन्हें देवराज इन्द्र मिले। इन्द्र ने दुर्वासा ऋषि और उनके शिष्यों को भक्तिपूर्वक प्रणाम किया। तब दुर्वासा ऋषि ने इन्द्र को आशीर्वाद देकर विष्णु भगवान का पारिजात पुष्प प्रदान किया। इन्द्रासन के गर्व में चूर देवराज इन्द्र ने उस पुष्प को …

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कैसे वृंदा ने लिया तुलसी का रूप

Kaise Varinda Ne Liya Tulsi Ka Roop Story

पौराणिक कथा के अनुसार एक बड़ी ही सुशील कन्या थी। नाम था वृंदा। उसका जन्म राक्षस कुल में हुआ था लेकिन वृंदा बचपन से ही भगवान विष्णु जी की परम भक्त थी। बड़े ही प्रेम से भगवान की पूजा किया करती थी। जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया, जलंधर समुद्र …

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गणेश संकष्ट चतुर्थी व्रत‬

Jai Ganesh Bhajan

सभी महीनों की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी गणेश संकष्ट चतुर्थी कहलाती है। इसे वक्रतुंडी चतुर्थी, माही चौथ, तिल अथवा तिलकूट चतुर्थी व्रत भी कहते हैं। मंगलमूर्ति और प्रथम पूज्य भगवान गणेश को संकट हरण भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस चतुर्थी के दिन व्रत रखने और भगवान गणेश की पूजा करने से जहां सभी कष्ट दूर हो जाते …

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गुरुवयुर मंंदिर

guruvayur-temple

गुरुवयुर श्री कृष्ण मंदिर गुरुवयुर केरला में स्थित है। यह मंदिर विष्णु भगवान का सबसे पवित्र मंदिर माना जाता है। कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग 5000 साल पुराना है। गुरुवयुर मंंदिर वैष्णवों की आस्था का केंद्र है। अपने खजाने के कारण यह मंदिर भी भारत के 10 सबसे अमीर मंदिरों में से एक है। wish4me in English guruvayur …

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