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शेख चिल्ली की कहानी : पहली कहानी!!

shaikh chili story

शेखचिल्ली को एक बार किसी सेठ के घर नौकरी मिल गई। शेख उसके घर के सारे काम कर दिया करता था। सेठ को भी तसल्ली थी कि घर में कोई हाथ बंटाने वाला आ गया है। वो सोचते थे कि अब सारा काम आसानी से हो जाएगा और मुझे किसी चीज की फिक्र भी करनी नहीं पड़ेगी। शेख ने भी …

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सिंहासन बत्तीसी की तेरहवीं कहानी – कीर्तिमती पुतली की कथा!!

keertimatee putalee kee katha

बारहवीं पुतली की कहानी को सुनकर जैसे ही राजा भोज महाराज विक्रमादित्य के सिंहासन की ओर बढ़े तभी वहां पर तेरहवीं पुतली आ गई। तेरहवीं पुतली का नाम कीर्तिमती था। उसने राजा भोज को यह पूछते हुए रोक लिया कि क्या राजा विक्रमादित्य में मौजूद सभी खूबियां आपके अंदर है? राजा भोज ने हाथ जोड़ते हुए निवेदन किया कि हे …

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सिंहासन बत्तीसी की छठी कहानी – रविभामा पुतली की कथा!!

ravibhaama putalee kee katha

पांचवीं पुतली से महाराज विक्रमादित्य की कहानी सुनकर जैसे ही राजा भोज सिंहासन पर बैठने लगे, तभी उन्हें छठवीं पुतली रविभामा ने रोक लिया। उसने राजा से पूछा कि क्या सच में वो इस सिंहासन पर बैठने योग्य हैं। रविभामा ने पूछा, क्या आप में महाराज विक्रमादित्य का वो गुण है, जो उन्हें सिंहासन पर बैठने योग्य बनाता था। जब …

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सिंहासन बत्तीसी की नौवीं कहानी – मधुमालती पुतली की कथा!!

madhumaalatee putalee kee katha

नवें दिन राजा भोज दरबार पहुंचे और विक्रमादित्य के सिंहासन पर बैठने लगे। इस बार उन्हें नवीं पुतली ने सिंहासन पर बैठने से रोक दिया। उसने कहा, “यहां बैठने के लिए तुम्हें राजा विक्रमादित्य जैसा होना पड़ेगा।” इतना कहकर वह विक्रमादित्य के गुणों को बताने के लिए कहानी सुनाने लगी। सालों से शासन करते हुए एक बार राजा विक्रमादित्य के …

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सिंहासन बत्तीसी की दसवीं कहानी – प्रभावती पुतली की कथा!!

prabhaavatee putalee kee katha

दसवें दिन दोबारा राजा भोज सिंहासन पर बैठने के लिए दरबार पहुंचे, तभी दसवीं पुतली प्रभावती ने सिंहासन से निकलकर उन्हें वहां बैठने से रोक दिया। प्रभावती ने कहा कि पहले आप राजा विक्रमादित्य की दयालुता की कथा सुनिए। अगर आप भी विक्रमादित्य जैसे दयालु होंगे, तो सिंहासन पर बैठ जाना। इतना कहने के बाद दसवीं पुतली राजा भोज को …

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नजर जाते ही सबकुछ बदल गया

story

मै अपनी कार से जा रहा था, रोड पर भीड़ बहुत थी, मेरी कार के आगे एक कार बहुत धीरे चल रही थी… मैंने खीझते हुए हॉर्न बजाए…. मन ही मन कार वाले को कहा चलाना नही आता तो क्यो गाड़ी ले आये…..तभी कार पर लगा स्टीकर देखा जिसपर लिखा था कि Physically challenged please be patient “कार में दिव्यांग …

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केश्टो मुखर्जी Kasto Mukerji

kesto-mukerjee

हिन्दी सिनेमा और #दूरदर्शन पर केश्टो मुखर्जी द्वारा अभिनीत शराबी के किरदार को देख किसी नें भी नहीं सोचा होगा कि यह शख्स शराब नहीं पीता होगा या वे इतना उच्च शिक्षित होगा,उन्होने अपने अभिनय के दम पर अपने आप को एक हास्य कलाकार के रूप में स्थापित किया,उनका जन्म 1925 में कोलकाता में एक बंगाली परिवार में हुआ था।वह …

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भीमा नायक

bhima nayak

भीमा नायक मध्य प्रदेश के स्वतंत्रता आंदोलन कारियों मैं जिन नायकों का नाम लिया जाता है उनमें से एक भीमा नायक हैं जिन का स्वतंत्रता के लिए विशेष स्थान है। भीमा नायक का संबंध भील जनजाति से है जिनका जन्म मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के पंच मोहाली नामक गांव में हुआ था और इनका जन्म वर्ष 1840 में हुआ bhima …

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लोग कैसे मानेंगे कि हमारी वैदिक संस्कृति महान है ?

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• जब हम आयुर्वेद की चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, वागभट्ट मुनिकृत अष्टांगहृदयम् आदि ग्रन्थों से सर्जरी चिकित्सा आदि प्रक्रीयाओं का उद्धार करेंगे और समाज में पुनः प्रतिष्ठित करेंगे तब लोग मानेंगे कि वैदिक सभ्यता महान है । • जब हम परशुराम, शिव, नकुल, इन्द्र आदि के धनुर्वेद में से प्रचीन परमाणु शस्त्रों अस्त्रों को पुनः प्रकाशित करके समाज के सामने …

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तोसिको बोस TOSIKO BOSS

TOSIKO BOSS

तोसिको बोस का नाम भारतीय क्रान्तिकारी इतिहास में अल्पज्ञात है। अपनी जन्मभूमि जापान में वे केवल 28 वर्ष तक ही जीवित रहीं. फिर भी सावित्री तुल्य नारी का भारतीय स्वाधीनता संग्राम को आगे बढ़ाने में अनुपम योगदान रहा। रासबिहारी बोस महान क्रान्तिकारी थे। 23 दिसम्बर, 1912 को दिल्ली में तत्कालीन वायसराय के जुलूस पर बम फैंक कर उसे यमलोक पहुंचाने …

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