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योगिनी एकादशी व्रत कथा

आषाढ़ कृष्ण एकादशी धर्मराज युधिष्ठिर कहने लगे कि भगवन, मैंने ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी के व्रत का माहात्म्य सुना। अब कृपया आषाढ़ कृष्ण एकादशी की कथा सुनाइए। इसका नाम क्या है? माहात्म्य क्या है? यह भी बताइए। श्रीकृष्ण कहने लगे कि हे राजन! आषाढ़ कृष्ण एकादशी का नाम योगिनी है। इसके व्रत सेसमस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। यह इस लोक में …

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Mithuna Sankranti

Mithuna Sankranti is celebrated marking the occasion of Sun moving into another constellation called Gemini or Mithuna. Known as Mithuna Sankramanam in South India, it is regarded as one of the most auspicious occasions as per Hindu traditions and customs. People in Orissa celebrate it as Raja Sankranti, a four day long festival consisting of several interesting activities. It marks …

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परमा एकादशी

भगवान विष्‍णु इस दिन व्रत और दान को उत्तम बताया गया है। परमा एकादशी के बारे में एक कहानी प्रचलित है। सुमेधा नामक एक ब्राह्मण गरीबी में दिन गुजार रहे थे। एक दिन ब्राह्मण के घर कौण्डिल्य ऋषि पधारे। सुमेधा की सेवा से प्रसन्न होकर ऋषि ने परमा एकादशी का व्रत करने के लिए कहा। ऋषि ने ब्राह्मण को यह …

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कर्क संक्रांति

कर्क संक्रांति का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। भगवान सूर्यदेव का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना संक्रांति कहलाता है और जब भगवान सूर्यदेव कर्क राशि में प्रवेश करता है तो इसे कर्क संक्रांति कहते है।  कर्क संक्रांति के दिन पूजा, जप, दान का बड़ा ही महत्व है। इस दिन किये गए दान-पुण्य से कई गुना फल …

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jagannath rathayatra

jagannath rathayatra bharat men manae jane vale dharmik mahamahotsavon men sabase pramukh tatha mahattvapoorn mani jati hai. yah rathayatra n keval bharat apitu videshon se ane vale paryatakon ke lie bhi khasi dilachaspi aur akarshan ka kendr banati hai. bhagavanshrikrishn ke avatar ‘jagannath’ ki rathayatra ka puny sau ygyon ke barabar mana jata hai.sagar tat par base puri shahar men hone vali ‘jagannath rathayatra utsav’ ke samay astha ka jo …

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देवशयनी एकादशी व्रत

पद्म पुराण के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘देवशयनी’ एकादशी कहा जाता है। देवशयनी या देवदेवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरूआत मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु सोने चले जाते हैं और कार्तिक माह में जागते हैं। इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह आदि नहीं किया जाता। देवशयनी …

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गुरू पूर्णिमा

हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गुरु की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।  नारदपुराण के अनुसार यह पर्व आत्मस्वरूप का ज्ञान पाने के अपने कर्तव्य की याद दिलाने वाला और गुरु के प्रति अपनी आस्था जाहिर करने वाला  होता है। गुरु पूर्णिमा व्रत विधि (Guru Purnima Vrat …

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कामिका एकादशी

kamika akadesh

कामिका एकादशी सावन माह के कृ्ष्ण पक्ष की एकादशीको मनाई जाती है.  इस एकादशी के दिन भगवान श्री कृ्ष्ण की पूजा करने से फल मिलता है. वही फल गांअ, काशी और अन्य तीर्थ स्थानों में स्नान करने से मिलने वाले फल के समान होता है. इस एकादशी का व्रत करने के लिये प्रात: स्नान करके भगवान श्री विष्णु को भोग लगाना चाहिए. आचमन …

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हरियाली तीज

आज देश भर के उत्तरी क्षेत्र में तीज त्यौहार की धूम है. श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज कहते हैं. उत्तरभारत में यह हरियाली तीज के नाम से भी जानी जाती है. तीज का त्योहार मुख्यत: स्त्रियों का त्योहार है. इस समय जब प्रकृति चारों तरफ हरियाली की चादर सी बिछा देती है तो प्रकृति की …

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नाग पंचमी

नागों को हिन्दू धर्म में अहम स्थान दिया गया है। त्रिदेवों में से एक भगवान शिव के गले में स्थान पाने वाले नागों की हिन्दू धर्म में पूजा की जाती है। नागों की पूजा का विशेष पर्व “नाग पंचमी” है। स्कन्द पुराण के अनुसार इस दिन नागों की पूजा करने से सारी मनोकामनाए पूर्ण होती हैं। कब मनाई जाती है नाग पंचमी? …

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