साठे में नागपंचमी के दिन सभी जवान लड़कों ने अलग-अलग रंगों की कुश्ती के कपड़े सिलवाए। ढोल-नगाड़े बज रहे थे, क्योंकि कुश्ती का मुकाबला होने वाला था। महिलाएं आंगन को गोबर से लीपकर गीत गाती हुई नाग देवता को पूजने के लिए कटोरी में दूध लेकर जा रही थीं। साठे की तरह ही पाठे दोनों गंगा किनारे बसे हुए गांव …
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मुंशी प्रेमचंद की कहानी : आप-बीती
साहित्यकारों की जिंदगी में एक ऐसा वक्त भी जरूर आता है, जब प्रशंसकों की तरफ से उन्हें ढेरों पत्र प्राप्त होते हैं और वो खुशी से झूम उठते हैं। यह एक ऐसा वक्त होता है जब लेखक अपनी सारी समस्याओं को भूल खुशी का अनुभव करता है। वो पत्रों के सागर में डूब जाता है और लहरों के साथ कल्पना …
Read More »अलिफ लैला – दरियाबार की शहजादी की कहानी!!
शहजादी ने जैनुस्सनम और हैरन के 49 शहजादों को कहानी सुनाना शुरू किया। उसने बताया कि मैं काहिरा के पास के द्वीप दरियाबार के बादशाह की बेटी हूं। मेरे अब्बा ने सालों दुआ की थी, जिसके बाद मैं पैदा हुई। मुझे उन्होंने राजनीति, घुड़सवारी और राज्य को चलाने के लिए जरूरी अन्य सभी कौशल की विद्या दी। उनकी इच्छा थी …
Read More »भूत की कहानी : भूतिया ढाबा |!!
एक दिन बच्चों ने पिकनिक जाने की बात कही। यह सुनते ही अंकिता की रूह कांप गई, क्योंकि उसे एक पुराना किस्सा याद आ गया। ये बात तब कि है जब अंकिता 10वीं क्लास में पढ़ रही थी। एक दिन टीचर ने पिकनिक का प्लान बनाया था। अपने सभी दोस्तों के साथ अंकिता ने भी जाने के लिए हां कर …
Read More »भूत की कहानी : रास्ते का भूत!!
रवि नाम का एक लड़का दिल्ली की किसी फैक्ट्री में सफाई का काम किया करता था। उसके घर से फैक्ट्री करीब पांच किलोमीटर दूर थी। वो हमेशा अपनी साइकिल से ही फैक्ट्री जाता था। रोज की ही तरह आज भी वो घर से फैक्ट्री के लिए निकला। उसे रास्ते में पड़ने वाले एक चौराहे पर एक लड़की दिखी, जो उसे …
Read More »गुरुवार को करें गुड़ के ये उपाय, हमेशा भरी रहेगी झोली
आज के दौर में हर व्यक्ति अपने और अपने परिवार के लिए एक सुखी जीवन चाहता है। इसके लिए वह हर तरह की कोशिशें करता है। लेकिन हर तरह की कोशिशों के बावजूद, कई बार परिस्थितियों और धन की कमी के कारण, सुखी जीवन जीना मुश्किल हो जाता है। माना जाता है कि गुरुवार के दिन बृहस्पति देव की पूजा …
Read More »” मैं हैरान हूँ “
” मैं हैरान हूं यह सोचकर ,किसी औरत ने क्यों नहीं उठाई उंगली ?तुलसी दास पर ,जिसने कहा ,“ढोल ,गंवार ,शूद्र, पशु, नारी,ये सब ताड़न के अधिकारी।” मैं हैरान हूं ,किसी औरत नेक्यों नहीं जलाई “मनुस्मृति”जिसने पहनाई उन्हेंगुलामी की बेड़ियां ? मैं हैरान हूं ,किसी औरत ने क्यों नहीं धिक्कारा ?उस “राम” कोजिसने गर्भवती पत्नी सीता को ,परीक्षा के बाद …
Read More »डरपोक पत्थर
बहुत पहले की बात है एक शिल्पकार मूर्ति बनाने के लिए जंगल में पत्थर ढूंढने गया। वहाँ उसको एक बहुत ही अच्छा पत्थर मिल गया। जिसको देखकर वह बहुत खुश हुआ और कहा यह मूर्ति बनाने के लिए बहुत ही सही है। जब वह आ रहा था तो उसको एक और पत्थर मिला उसने उस पत्थर को भी अपने साथ …
Read More »हमारा भी एक जमाना था
खुद ही स्कूल जाना पड़ता था। क्योंकि साइकिल बस आदि से भेजने की रीत नहीं थी, स्कूल भेजने के बाद कुछ अच्छा बुरा होगा ऐसा हमारे मां-बाप कभी सोचते भी नहीं थे, उनको किसी बात का डर भी नहीं होता था, 🤪 पास/नापास यही हमको मालूम था… परीक्षा में % से हमारा कभी भी संबंध ही नहीं था…😛 ट्यूशन लगाई …
Read More »पितृ देवो भवः
प्रिंसिपल वर्मा जी जैसे ही घर से निकले पीछे से उनके पिता ने आवाज लगाई- बेटा जी, मेरी आँख का ड्रॉप्स खत्म हो गया तीन दिन हो गए ,तुम आफिस जा रहे हो तो ले आना।तब वर्मा जी गुस्सा होते हुए बोले-पापा, कितनी बार कहा है कि जाते समय पीछे से टोका मत करो, अपशगुन होता है।तब वह बोले-बेटे, तुम …
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