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भक्त यदि सच्चा हो तो उसके बुलाने पर आते हैं कृष्ण

He lent five hundred rupees to Seth for the marriage of his daughter.

एक बार एक गरीब किसान था। उसने अपनी बेटी की शादी के लिए सेठ से पांच सौ रुपए उधार लिए। गरीब किसान ने अपनी बेटी की शादी के बाद धीरे-धीरे सब पैसा ब्याज समेत चुकता कर दिया। लेकिन उस सेठ के मन में पाप आ गया। उसने सोचा ये किसान अनपढ़ है। इसे लूटा जाए। गरीब किसान ने कहा की …

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यहां मौजूद है मन की हलचल को दूर करने का अचूक उपाय

Here is the perfect remedy for the movement of mind

महात्मा बुद्ध अपने शिष्यों के संग जंगल से गुजर रहे थे। दोपहर को एक वृक्ष के नीचे विश्राम करने रुके। उन्होंने शिष्य से कहा, ‘प्यास लग रही है, कहीं पानी मिले, तो लेकर आओ।’ शिष्य एक पहाड़ी झरने से लगी झील से पानी लेने गया। झील से कुछ पशु दौड़कर निकले थे, जिससे उसका पानी गंदा हो गया था। उसमें …

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चिंटू और चीनी

story of two friends

चिंटू और चीनी भाईबहन थे। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे इसलिए एकसाथ आतेजाते थे।चिंटू और चीनी के स्वभाव बिलकुल भिन्न थे। चीनी सीधीसादी थी, जबकि चिंटू को घर में रखी चीजें खाने की बहुत बुरी आदत थी। बिस्कुट हो या नमकीन, पेस्ट्री हो या चौकलेट वह कुछ नहीं छोड़ता था। अकसर माँ उसे इस बात के लिए डाँटती …

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चाणक्य और यूनान का राजदूत

Chanakya-quotes

पाटलिपुत्र के मंत्री आचार्य चाणक्य बहुत ही विद्वान और न्यायप्रिय व्यक्ति थे। वह एक सीधे आैर ईमानदार व्यकि् भी थे। वे इतने बडे साम्राज्य के महामंत्री होने के बावजूद छप्पर से ढकी कुटिया में रहते थे। एक आम आदमी की तरह उनका रहन-सहन था। एक बार यूनान का राजदूत उनसे मिलने राजदरबार पहुंचा। राजनीति और कूटनीति में दक्ष चाणक्य की …

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धर्म के आगे कुछ नहीं

धर्म के आगे कुछ नहीं

गांधीजी के पुत्र मणिलाल एक बार बचपन में बहुत बीमार हो गए। डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टर ने जांच के बाद कहा, बच्चे को मीट का शोरबा देना पड़ेगा। बापू शाकाहारी थे। इसीलिए उन्होंने डॉक्टर से निवेदन किया कि वह बच्चे को शोरबे के बदले कोई और खाद्य बताएं। डॉक्टर ने इस पर झुंझलाती हुए कहा, बापू, आपके बच्चे की …

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जानिए जीतने का रहस्य

जानिए जीतने का रहस्य

एक बार देवों और असुरों में घोर युद्ध हो रहा था। राक्षसों के शस्त्र, बल, और युद्ध कौशल के सामने देवता नहीं टिक पाए। वे हार कर जान बचाने के लिए भागे। सभी देवता महर्षि दत्तात्रेय के पास पहुंचे और उन्हें अपनी विपत्ति सुनाई। महर्षि ने उनको धैर्य बांधते हुए कहा ‘आप सभी पुनः युद्ध की तैयारी करें, देवताओं ने …

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संतोषी व्यक्ति सदा सुखदायी

भगवान बुद्ध पाटलिपुत्र में प्रवचन कर रहे थे। लोग मंत्रमुग्ध थे। प्रवचन के बाद बुद्ध आंखे बंद किए बैठे थे। स्वामी आनंद ने जिज्ञासा व्यक्त की, तथागत, आपके सामने बैठे लोगों में सबसे सुखी कौन है? तथागत बोले कि सबसे पीछे जो सीधा-साधा या कहें फटेहाल सा ग्रामीण आंखें बंद किए बैठा है, वह सबसे ज्यादा सुखी है। यह सुनकर …

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निरर्थक चर्चा में खर्च न करें समय

मैं जो कल था, वह आज नहीं

भगवान बुद्ध, अनमोल समय के सदुपयोग के पक्षधर थे। निकम्मी बातों में समय गंवाने का सदा विरोध किया करते थे। कोई आदमी उनके पास आया और बोला, भगवन् आप बार-बार दुख और विमुक्ति पर ही बोलते हैं। कृप्या यह तो बताइए यह दुख होता किसको है? और दुखों से विमुक्ति होती किसको है? प्रश्न करने वाले का प्रश्न निरर्थक था। …

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ताकि मैं उन दिनों को न भूल जाऊं

ताकि मैं उन दिनों को न भूल जाऊं

हेनरी फोर्ड संसार के अग्रणी उद्योगपति थे। उन्होंने अमेरिका में फोर्ड मोटर कंपनी की स्थापना की। उनके नाम पर बनाई गई फोर्ड मोटर ने हर जगह नाम कमाया। एक भारतीय उद्योगपति ने मोटर का कारखाना लगाने से पहले हेनरी फोर्ड से भेंट करने निश्चय किया।अमेरिका पहुंचकर उसने हेनरी फोर्ड को फोन किया और मिलने की इच्छा व्यक्त की। फोर्ड ने …

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उज्जैन नगर का, ‘मैं अकेला भिक्षुक’

उज्जैन नगर का, 'मैं अकेला भिक्षुक'

उज्जैन के राजकुमार शातवाहन की बुरी संगति को छुड़ाने के लिए आश्रम में उनके गुरु शिवदास ने उन्हें बहुत पीटा। शिवदास अपने प्रयास में सफल रहे और शातवाहन ने कुसंगति छोड़ दी। कुछ समय बाद जब शातवाहन राजा बने तब तक गुरु शिवदास की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी थी। एक दिन वे भिक्षा मांगते हुए राजा के पास जा …

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