Breaking News

books

अनुशासन के बिना विकास नहीं

disciplinee

प्राचीन समय में एक नगर था। वहां एक मठ था। उस मठ के एक वरिष्ठ भिक्षु रहते थे। उनके पास अनेकों सिद्धियां थीं, जिसके चलते उनका सम्मान होता था। सम्मान बहुत बड़ी चीज होती है ये वो जानते थे। इसलिए उनकी महत्वाकांक्षा और कुछ न थी। एक दिन दोपहर के समय वह अपने शिष्यों के साथ ध्यान कर रहे थे। …

Read More »

घर से मिलती है सच्ची शिक्षा

Parent-and-Child-reading

संत विनोबा भावे की माता का नाम रखुनाई और पिता का नाम नरहरि भावे था। नरहरि भावे हमेशा जरूरतमंद लोगों की सहायता करते थे। वे अमूमन एक या दो विदार्थी हमेशा अपने साथ रखते थे। उनके खान-पान का वो विशेष ध्यान रखते थे। यदि खाना बच जाता तो स्वयं वो खाना खाते लेकिन उन बच्चों को ताजा खाना बनाकर खिलाते …

Read More »

यदि नहीं मालूम तो यह है आस्था

FAITH &PRAY IN GOD

एक गांव में सत्संग चल रहा था। गुरुजी प्रवचन का वाचन कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘यदि ईश्वर पर आस्था है तो वह रक्षा करते हैं।’ एक व्यक्ति एकाग्रचित्त मन से यह बात सुन रहा था। अगले दिन व्यक्ति एक जंगल से जा रहा था। तभी एक आदमी दौड़ता हुआ आया। वह बोला, ‘भागो सामने से एक हाथी आ रहा …

Read More »

इसीलिए कभी न छोड़ें आत्म संयम

budha

बोधिसत्व (बुद्धत्व पाने के लिये बौधिसत्व को दस अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है। उस व्यक्ति के बोधिसत्व कहा जाता है। बोधिसत्व किसी व्यक्ति का नाम भी हो सकता है।) का जन्म वाराणसी के बंजारों के यहां हुआ था। उस समय बंजारों का काम था खाने पीने और जरूरत में आने वाली अन्य वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक …

Read More »

ईश्वर में विश्वास रखने की सीख देती प्रेरक कहानी

shiva_moon

4 साल से किशनगढ़ गाँव में बारिश की एक बूँद तक नहीं गिरी थी। सभी बड़े परेशान थे। हरिया भी अपने बीवी-बच्चों के साथ जैसे-तैसे समय काट रहा था। एक दिन बहुत परेशान होकर वह बोला, “अरे ओ मुन्नी की माँ, जरा बच्चों को लेकर पूजा घर में तो आओ…” बच्चों की माँ 6 साल की मुन्नी और 4 साल के राजू …

Read More »

अभिमान से नहीं उदारता से करो दान

अभिमान से नहीं उदारता से करो दान

राजा जानुश्रुति अपने समय के महान दानी थे। एक शाम वह महल की छत पर विश्राम कर रहे थे, तभी सफेद हंसों का जोड़ा आपस में बात करता आकाश-मार्ग से गुजरा। हंस अपनी पत्नी से कह रहा था। क्या तुझे राजा जानुश्रुति के शरीर से निकल रहा यश प्रकाश नहीं दिखाई देता। बचकर चल, नहीं तो इसमें झुलस जाएगी। हंसिनी …

Read More »

मैं जो कल था आज नहीं

एक बौद्ध धर्मगुरु थे। उनके दर्शनों के लिए लोग अक्सर आश्रम में आते थे। स्वामीजी बड़ी उदारता से सबसे मिलते-बात करते और उनकी समस्याओं का समाधान करते। रोज स्वामीजी के पास दर्शनार्थी की भीड़ लगी रहती थी। स्वामीजी की प्रशंसा सुनकर एक साधारण ग्रामीण बहुत प्रभावित हुआ। वह भी स्वामीजी के दर्शानार्थ आश्रम पहुंचा। स्वामी जी की अलौकिक छबि की …

Read More »

बदलाव लाना है तो स्वयं से करें शुरुआत

make-change-so-it-yourself

प्रिय दोस्तों, जब मैं छोटा था तो आजाद था । मेरी कल्पना की कोई सीमा नहीं थी। तब मैं दुनिया को बदलने का सपना देखता था। जब मैं थोड़ा बड़ा और समझदार हुआ, तो मैं समझ गया कि दुनिया नहीं बदलने वाली, इसलिए मैंने अपने लक्ष्य को थोड़ा छोटा कर लिया और सिर्फ अपने देश को बदलने का फैसला किया, …

Read More »

नवरात्रि 2017: 21 सितंबर से शुरू हो रहा है पर्व, नौ दिनों तक इन 9 चीजों से करें मां की पूजा

Navaratri 2017: Feast is starting from 21st of September, do 9 days of these 9 things to worship the mother

शारदीय नवरात्रि इस बार 21 सितंबर से शुरु हो रही है। नवरात्रि के नौ दिनों में प्रत्येक दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के आते ही घर-घर में मां के आगमन की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। गुरुवार से शुरू होने वाली नवरात्रि के नौ दिनों में यदि नौ विशेष चीजों का इस्तेमाल …

Read More »

क्यों कहलाते हैं पांचरुपी हनुमान

why-are-they-called-panchuru-hanuman

जब राम और रावण की सेना के मध्य भयंकर युद्ध चल रहा था और रावण अपने पराजय के समीप था तब इस समस्या से उबरने के लिए उसने अपने मायावी भाई अहिरावण को याद किया जो मां भवानी का परम भक्त होने के साथ- साथ तंत्र – मंत्र का बड़ा ज्ञाता था। उसने अपने माया के दम पर भगवान राम …

Read More »