Breaking News

child

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : धिक्कार!!

बात उस समय की है जब ईरान और यूनान के बीच लड़ाई हो रही थी। ईरानियों का आक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा था और यूनानी कमजोर पड़ रहे थे। आलम ऐसा था कि देश के सारे व्यापार बंद हो चुके थे और सभी युद्ध की तैयारी में जुट गए थे। यहां तक की देश के किसान भी अपने हाथों …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : एक आंच की कसर!!

पूरी नगरी में श्रीमान यशोदानंद की खूब चर्चा हो रही थी। उनकी कीर्ति के बारे में नगरवासी ही नहीं, बल्कि अखबारों में तक लोग लिख रहे थे। उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा थी। यही तो होती है समाज सेवा, जो इंसान को इतना मान-सम्मान दिला दे। ऊंचे विचार के लोग अक्सर ही …

Read More »

बुद्धिमान् वानर की कथा!!

हज़ारों साल पहले किसी वन में एक बुद्धिमान बंदर रहता था। वह हज़ार बंदरों का राजा भी था।एक दिन वह और उसके साथी वन में कूदते-फाँदते ऐसी जगह पर पहुँचे जिसके निकट क्षेत्र में कहीं भी पानी नहीं था। नयी जगह और नये परिवेश में प्यास से व्याकुल नन्हे वानरों के बच्चे और उनकी माताओं को तड़पते देख उसने अपने …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : नैराश्य लीला!!

एक बार की बात है, अयोध्या में एक सम्मानित पंडित रहते थे, जिनका नाम हृदयनाथ था। भले ही उनके पास बहुत धन-दौलत न था, लेकिन वे थोड़े में ही संतोष रखते थे। हालांकि, उनके पास जो कुछ मकान थे, उनसे आने वाले किराए से उनका जीवन गुजर बसर हो जाता था। किराया बढ़ाने के साथ ही उन्होंने एक सवारी खरीद …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : उद्धार!!

आजकल विवाह से जुड़ी प्रथाएं इतनी चिंताजनक हो गई हैं कि कुछ भी समझना मुश्किल हो जाता है। इसमें सुधार जरूरी है, लेकिन कम ही लोग ऐसा कर पाते हैं। ऐसे कम ही मां-बाप होते हैं, जो सात बेटों के बाद भी एक बेटी होने पर उसे प्यार से रखते हैं। जैसे ही एक बेटी पैदा होती है, वो उसकी …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : अंधेर!!

Vinarmta

मेरे स्वामी को एक साल की सजा मिली है। उनका अपराध सिर्फ इतना था कि तीन रोज पहले जेठ की तेज गर्मी में उन्होने कई राष्ट्र सेवकों की पानी व शर्बत के साथ खातिरदारी की थी। मैं उस दौरान कोर्ट में खड़ी थी। ऐसा लग रहा था मानो कमरे से बाहर खड़े शहर की सभी राजनीतिक चेतना किसी बंदी पशु …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : कौशल!!

पंडित बलराम से उनकी पत्नी माया काफी समय से एक हार की मांग कर रही थी। हर बार पंडित उनकी बातों को टाल देते थे। वो कभी अपनी पत्नी से यह नहीं कह पाते थे कि उनके पास हार खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। वो हमेशा कहते, “घर में हार रखने से चोरी हो जाता है। ऊपर से हमेशा …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : नेउर!!

मौसम का मिजाज बदला हुआ था। बरसात के दिन थे। आकाश में बादल इधर-उधर भाग रहे थे, आपस में गले मिल रहे थे। कभी छाया, तो कभी चमकती धूप हो रही थी। ऐसा लग रहा था मानों सूरज और बादलों में लड़ाई हो रही हो। वहीं, गांव के बाहर कई मजदूर एक खेत में मेड़ बांध रहे थे। सभी पसीने …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : वफा का खंजर!!

विजयगढ़ और जयगढ़ राज्य में कई तरह की समानताएं थीं। दोनों ही बेहद संपन्न, मजबूत और धार्मिक राज्य थे। दोनों राज्य के रस्म-ओ-रिवाज ही नहीं, बल्कि बोली भी एक सी ही थी। यहां तक की विजयगढ़ और जयगढ़ राज्यों की लड़कियों की शादी भी एक दूसरे राज्य में होती थी। अंतर की बात करें, तो यही था कि जयगढ़ की …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : माता का हृदय!!

माधवी के पति की 22 साल पहले मौत हो गई थी। उसके पास कोई धन दौलत नहीं थी और संपत्ति के नाम पर सिर्फ एक बेटा था, जो इस वक्त जेल में बंद था। अपने उस घर में वो अकेली पड़ गई थी और उसके आंसू तक पोंछने वाला कोई नहीं था। माधवी ने बड़ी दुख तकलीफों को झेलते हुए …

Read More »