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Do you Know?

वो बंद दरवाजे बुलाते हैं पर कोई नहीं आता

किसी दिन सुबह उठकर एक बार इसका जायज़ा लीजियेगा कि कितने घरों में अगली पीढ़ी के बच्चे रह रहे हैं? कितने बाहर निकलकर नोएडा, गुड़गांव, पूना, बेंगलुरु, चंडीगढ़,बॉम्बे, कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बड़ौदा जैसे बड़े शहरों में जाकर बस गये हैं? कल आप एक बार उन गली मोहल्लों से पैदल निकलिएगा जहां से आप बचपन में स्कूल जाते समय या दोस्तों …

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अलीबाबा चालिस चोर की कहानी!!

सालों पहले फारस देश में अलीबाबा और कासिम नाम के दो भाई रहते थे। पिता की मृत्यु के बाद से दोनों भाई मिलकर अपने पिता का व्यापार संभालते थे। बड़ा भाई कासिम बहुत लालची था। उसने धोखे से पूरा व्यापार हथिया कर अलीबाबा को घर से निकाल दिया। इसके बाद अलीबाबा किसी बस्ती में जाकर अपनी पत्नी के साथ झोपड़ी …

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महाकपि की सूझ-बूझ!!

कभी एक राजा के बगीचे में अनेक बंन्दर रहते थे और बड़ी स्वच्छंदता से वहाँ कूद-फांद करते थे। एक दिन उस बगीचे के द्वार के नीचे राज-पुरोहित गुजर रहा था। उस द्वार के ऊपर एक शरारती बंदर बैठा था। जैसे ही राज-पुरोहित उसके नीचे आया उसने उसके गंजे सर पर विष्ठा कर दी। अचम्भित हो पुरोहित ने चारों तरफ देखा, …

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जातक कथा: महाकपि का बलिदान!!

हिमालय के जंगल में ऐसे कई पेड़-पौधे हैं, जो अपने आप में अनोखे हैं। ऐसे पेड़-पौधे और कही नहीं पाए जाते। इन पर लगने वाले फल और फूल सबसे अलग होते हैं। इन पर लगने वाले फल इतने मीठे और खुशबूदार होते हैं कि कोई भी इन्हें खाए बिना रह नहीं सकता। ऐसा ही एक पेड़ नदी किनारे था, जिस …

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जातक कथा: लक्खण मृग की कहानी !!

कई वर्षों पहले मगध जनपद नामक एक नगर हुआ करता था। उसी के पास एक घना जंगल था, जहां हजार हिरणों का एक समूह रहा करता था। हिरणों के राजा के दो पुत्र थे, जिनमें से एक का नाम लक्खण और दूसरे का काला था। जब राजा बहुत बुढ़ा हो गया, तो उसने अपने दोनों बेटों को उत्तराधिकारी घोषित कर …

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जातक कथा: छद्दन्त हाथी की कहानी!!

सदियों पहले की बात है हिमालय के घने जंगलों में हाथियों की दो खास प्रजातियां पाई जाती थीं। एक प्रजाती थी छद्दन्त और दूसरी प्रजाती का नाम था उपोसथ। इनमें से छद्दन्त प्रजाती काफी मशहूर थी। विशाल छह दांतों की मौजूदगी के कारण ही इन्हें छद्दन्त के नाम से पुकारा जाता था। इन हाथियों का सिर और पैर किसी मणि …

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जातक कथा: बिना अकल के नक़ल की कहानी!!

एक समय की बात है, किसी देश में सूखे की वजह से अकाल पड़ गया। सभी लोगों की फसलें सूखकर बर्बाद हो गई। उस देश के लोग खाने-पीने के लिए तरसने लगे। ऐसी मुश्किल घड़ी में बेचारे कौवों और अन्य पशु-पक्षियों को भी रोटी या खाने के टुकड़े नहीं मिल रहे थे। जब कौवों को काफी दिनों से कुछ खाने …

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गौतम बुद्ध और अंगुलिमाल की कथा!!

मगध देश के जंगलों में एक खूंखार डाकू का राज हुआ करता था। वह डाकू जितने भी लोगों की हत्या करता था, उनकी एक-एक उंगली काटकर माला की तरह गले में पहन लेता। इसी वजह से डाकू को सभी अंगुलिमाल के नाम से जानते थे। मगध देश के आसपास के सभी गांवों में अंगुलिमाल का आतंक था। एक दिन उसी …

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बुज़ुर्ग बोझ नहीं, अनमोल धरोहर: जापानी लोक-कथा!!

जापान के एक राज्य में किसी वक्त क़ानून था कि बुजुर्गों को एक निश्चित उम्र में पहुंचने के बाद जंगल में छोड़ आया जाए…जो इसका पालन नहीं करता था, उसे संतान समेत फांसी की सज़ा दी जाती थी…उसी राज्य में पिता-पुत्र की एक जोड़ी रहती थी…दोनों में आपस मे बहुत प्यार था…उस पिता को भी एक दिन जंगल में छोड़ने …

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बाघ की खाल मुंशी प्रेमचंद!!

राँची से लेकर चक्रधरपुर तक घना जंगल है। उसकी लम्बाई कोई ७५ मील होगी । इस जंगल में तरह-तरह के जानवर रहते हैं, उनमें बाघ सबसे खौफ़नाक होता है। कई साल हुए मेरा एक दोस्त और मैं रांची के एक दफ़्तर में काम करते थे। हम दोनों चक्रधरपुर के रहनेवाले थे। जब दफ्तर में छुट्टियाँ हो जातीं, तो हम दोनों …

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