Breaking News

Guru Parvachan

उसकी भोग ही भोग की जिंदगी थी।

Bure Samye Main Khud Ko Shant Rakhe

एक राजकुमार बुद्ध के पास दीक्षित हुआ। श्रोण उसका नाम था। वह भोगी था, महाभोगी था। उसके भोग की कथाएं सारे देश में प्रचलित थीं। बुद्ध तक भी उसकी कथाएं बहुत बार पहुंची थीं। Budh रात भर जागता था—नाच—गाना, शराब; और दिन भर सोता था। सीढ़ियां भी चढ़ता था तो नग्न स्त्रियां सीढ़ियों के दोनों तरफ खड़ी कर रखी थीं, रेलिंग …

Read More »

KUNDALINI YOGA MANUAL

KUNDALINI YOGA MANUAL

  Yogi Bhajan, Master of Kundalini Yoga, the yoga of awareness Y03IBHAJAN Accepting an invitation to teach Kundalini Yoga at the University of ‘!bronte in Canada, Yogi B.ho.jan arrived in the west frcm India in 1969. He soon rroved to Los Angeles where he began giving lecture series through UCIA, university of california, Los Angeles. Within a few years, the …

Read More »

Co-Existence

ten ke tambure main bhajan

For the last 3,000 years we have been taught nothing. We have been taught that there is a God somewhere up there, and that we must make an effort, a journey, to reach there. But it is very simple: If you cannot see God in all, you cannot see God at all. If the Muslim God is better than the …

Read More »

Body, Mind and Spirit

Subha kabir Hai Taro Ka Hal Kya Hoga Bhajan

I have called you today, as these nine days are very auspicious. The moon is crossing beneath the sun. It is a time to sharpen the mind. Why not to do it the way of the century-old custom? It is not very difficult, and you will be very comfortable in the end. Guided Meditation with the Master, To Enter the …

Read More »

The Power of Memories

Subha kabir Hai Taro Ka Hal Kya Hoga Bhajan

We all have a sense of memory of what happened to us in the past or beyond the past, and sometimes we have a memory of what has happened, but not in this time and space. It is called Ankaray Karm. Memory is very important. To remember we are human is very important, but we mostly forget. Our anger, negativity …

Read More »

लक्ष्य पर ध्यान: स्वामी विवेकानन्द

lakshye per dhyan story

स्वामी विवेकानन्द अमेरिका में भ्रमण कर रहे थे। एक जगह से गुजरते हुए उन्होंने पुल पर खड़े कुछ लड़कों को नदी में तैर रहे अंडे के छिलकों पर बन्दूक से निशाना लगाते देखा। किसी भी लड़के का एक भी निशाना सही नहीं लग रहा था। तब उन्होंने ने एक लड़के से बन्दूक ली और खुद निशाना लगाने लगे। उन्होंने पहला …

Read More »

संवाद संभव न होने पर मौन रहना उचित

Shistha Sabse Bari Sifarish

एक बहरा चरवाहा पहाड़ों पर भेड़ें चरा रहा था। दोपहर हो गई थी लेकिन उसकी पत्नी अभी तक भोजन लेकर नहीं आई थी। जब भूख असहनीय हो गई तो वह अपने स्थान से थोड़ा नीचे उतरा कि तभी उसे एक लकड़हारा पेड़ पर बैठा दिखाई दिया। चरवाहे ने नीचे से ही कहा- जरा मेरी भेड़ों का ख्याल रखना भाई, मै …

Read More »

मगर ईश्वर पर मुझे भरोसा नहीं आता: ओशो

मैंने सुना. पुरी के शंकराचार्य दिल्ली में ठहरे हुए थे। और एक आदमी ने खड़े होकर उनसे जिज्ञासा की कि मैं खोजी हूं। मगर ईश्वर पर मुझे भरोसा नहीं आता, विश्वास नहीं होता। मुझे भरोसा दिलवाइए। कुछ ऐसा प्रमाण दीजिए कि ईश्वर है। और पता है, शंकराचार्य ने क्या कहा! शंकराचार्य ने उस आदमी की तरफ क्रोध से देखा और …

Read More »

Bhagavad Gita :अध्याय 11 श्लोक 11 – 43 ,

JAI HARI

आप इस चर तथा अचर सम्पूर्ण दृश्यजगत के जनक हैं । आप परम पूज्य महान आध्यात्मिक गुरु हैं । न तो कोई आपके तुल्य है, न ही कोई आपके समान हो सकता है । हे अतुल शक्ति वाले प्रभु! भला तीनों लोकों में आपसे बढ़कर कोई कैसे हो सकता है? तात्पर्य भगवान् कृष्ण उसी प्रकार पूज्य हैं, जिस प्रकार पुत्र …

Read More »

बीता हुआ कल

gautam buddha

बुद्ध भगवान एक गाँव में उपदेश दे रहे थे. उन्होंने कहा कि “हर किसी को धरती माता की तरह सहनशील तथा क्षमाशील होना चाहिए. क्रोध ऐसी आग है जिसमें क्रोध करनेवाला दूसरोँ को जलाएगा तथा खुद भी जल जाएगा.” सभा में सभी शान्ति से बुद्ध की वाणी सून रहे थे, लेकिन वहाँ स्वभाव से ही अतिक्रोधी एक ऐसा व्यक्ति भी …

Read More »