कई लोग हनुमान चालीसा नियमित पढ़ते हैं और कई लोग मंगलवार या शनिवार को ही हनुमान चालीसा पढ़ते हैं। हनुमान चालीसा पढ़ने के कुछ नियम होते हैं और इसे पढ़ने में पवित्रता एवं शुद्धता के साथ ही पवित्र भावना का भी ध्यान रखना जरूरी है। अन्यथा इसका फल नहीं मिलता है, क्योंकि आजकल लोग कहीं पर भी इसका पाठ करने …
Read More »Guru_Profile
हनुमान चालीसा पढ़ने के फायदे |3, 5, 7, 8, 11, 100 या 108 बार हनुमान चालीसा पढने से फायदे
क्या आपको पता है कि कलयुग में भगवान हनुमान ही एक ऐसे देवता हैं जो आज भी इस प्रकृति के साथ हर पल विचरण करते रहते हैं. इसीलिए हनुमान जी को जागृत देवता भी कहा जाता है. हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा से बढ़कर कोई भी अन्य सरल उपाय नहीं है. जो व्यक्ति रोजाना हनुमान चालीसा …
Read More »रावण से बदला क्यों लेना चाहती थी शूर्पणखा
शूर्पणखा के पति का नाम विद्धुत जिह्वा था और वो राजा कालकेय का सेनापति था। कालकेय के साथ हुए युद्ध में रावण ने विद्धुत जिह्वा को मार डाला था
Read More »नारायण नारायण नारायण
वैशाखमास-महात्म्य (प्रथम अध्याय)〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️इस अध्याय में:- वैशाख मास की श्रेष्ठता; उसमें जल, व्यजन, छत्र, पादुका और अन्न आदि दानों की महिमा का वर्णन किया गया है.नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम्।देवीं सरस्वतीं व्यासं ततो जयमुदीरयेत्॥ ‘भगवान् नारायण, नरश्रेष्ठ नर, देवी सरस्वती तथा महर्षि वेदव्यास को नमस्कार करके भगवान् की विजय-कथा से परिपूर्ण इतिहास-पुराण आदि का पाठ करना चाहिये।सूतजी कहते हैं 👉 राजा …
Read More »भक्ति में शक्ति आओ जानें कथा
क्षीरसागर में भगवान विष्णु शेष शैया पर विश्राम कर रहे हैं और लक्ष्मी जी उनके पैर दबा रही हैं। विष्णु जी के एक पैर का अंगूठा शैया के बाहर आ गया और लहरें उससे खिलवाड़ करने लगीं !क्षीरसागर के एक कछुवे ने इस दृश्य को देखा और मन में यह विचार कर कि मैं यदि भगवान विष्णु के अंगूठे को …
Read More »श्रीराम की परीक्षा
श्रीराम की परीक्षा.श्रीराम का वनवास ख़त्म हो चुका था..एक बार श्रीराम ब्राम्हणों को भोजन करा रहे थे तभी भगवान शिव ब्राम्हण वेश में वहाँ आये. श्रीराम ने लक्ष्मण और हनुमान सहित उनका स्वागत किया और उन्हें भोजन के लिए आमंत्रित किया..भगवान शिव भोजन करने बैठे किन्तु उनकी क्षुधा को कौन बुझा सकता था ? बात हीं बात में श्रीराम का …
Read More »श्री कृष्ण के कंजूस भक्त की कथा
एक बार एक कंजूस सेठ करोड़ी मल था। कंजूसी में उसका हाल ऐसा की चमड़ी जाए पर दमड़ी ना जाए। वह #श्रीकृष्ण का भक्त था। एक बार वह संत के पास गया और कहने लगा कि महाराज कोई ऐसा उपाय बताए जिससे मैं श्री कृष्ण की सेवा भी कर सकूं और मेरा कोई पैसा भी ना लगे।संत जी उसकी कंजूसी …
Read More »सेवा से भौतिक लाभ
सत्यराम 🙋🏻यदि कोई व्यक्ति भक्ति सेवा से भौतिक लाभ चाहता है, तो कृष्ण ऐसी भौतिकवादी इच्छाओं की निंदा करते हैं। भक्ति सेवा में संलग्न रहते हुए भौतिक ऐश्वर्य की इच्छा करना मूर्खता है। यद्यपि व्यक्ति मूर्ख हो सकता है, कृष्ण, सर्व-बुद्धिमान होने के नाते, उसे अपनी भक्ति सेवा में इस तरह संलग्न करते हैं कि वह धीरे-धीरे भौतिक ऐश्वर्य को …
Read More »श्रीहनुमान जन्मोत्सव 6 अप्रैल विशेष
〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️पवन पुत्र हनुमान के जन्म की कहानी〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ज्योतिषीयों के सटीक गणना के अनुसार हनुमान जी का जन्म 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 115 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्र नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 06:03 बजे हुआ था।वाल्मीकि रचित रामायण (मतान्तर से) के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि (छोटी दीपावली) …
Read More »श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी
प्रारंभिक बचपन: एक अव्यक्त आध्यात्मिक स्पार्क पूज्य महाराज जी एक मामूली और अत्यंत पवित्र (सात्विक) ब्राह्मण (पांडे) परिवार में पैदा हुए थे और उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। उनका जन्म अखरी गाँव, सरसोल ब्लॉक, कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके दादा एक सन्यासी (सन्यासी) थे और समग्र घरेलू वातावरण गहरा भक्तिपूर्ण, अत्यंत शुद्ध और निर्मल था। उनके पिता …
Read More »
पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…