आज हम बात करेंगे हनुमान चालीसा के बारे में, हनुमान चालीसा कब लिखी गयी इसके पीछे का रहस्य क्या है। और इससे चालीसा क्यों कहा कहा जाता है। इसको हम कैसे पढ़ें की हमें इसका पूरा – पूरा फल मिले। यह साड़ी बातें हम आज की इस वीडियो में करने वाले हैं। जानना चाहते हैं तो वीडियो को अंत तक …
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पिला दे साँवरिया अपने नाम की मस्ती
पिला दे साँवरिया, अपने नाम की मस्ती तेरे हवाले करदी मैंने ll,,अपनी जीवन हस्ती,,,पिला दे,,, जय हो lll साँवरिया, अपने नाम की मस्ती मैं तेरे चरणों में आया, “मन में लेकर आशा” lजी भर मुझको पिला दे बाबा, “न जाऊँ मैं प्यासा” ll*दाम की मुझको, फ़िक्र नहीं है ll,,मँहगी हो या सस्ती,,,पिला दे,,, जय हो lll साँवरिया, अपने नाम की …
Read More »राज़ी तेरी राजा में मुझे एतराज़ क्या हैं
राज़ी तेरी राजा में मुझे एतराज़ क्या हैं,तेरे पास बिजलिया हैं मेरे पास आशियाना,तेरे नाम ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना.मुझे इसका गम नहीं हैं कि बदल गया ज़माना,मेरे ज़िन्दगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना, वो जो इश्क था मोनो वो जूनून था,लेकिन ये जो विरह, मानों ये मेरा नसीब हैं,तेरी बंदगी से पहले मुझे कौन जानता था, …
Read More »घणी दूर से दोड़्यो थारी गाडुली के लार
घणी दूर से दोड़्यो थारी गाडुली के लार,अर र र, थारी गाडूली के लार,गाड़ी में बिठा ले रे बाबा,जाणों है नगर अंजार। नरसी बोल्यो म्हारे सागे, के करसी,ओढ़न कपडा नाहीं,बैठ सियां मरसी,बूढ़ा बैल टूट्योड़ी गाड़ी,पैदल जावे हार,अर र र, पैदल जावे हार,गाड़ी में बिठा ले रे बाबा,जाणों है नगर अंजार। ज्ञान दासजी कहवे गाडुली तोड़ेगा,ज्ञान दासजी कहवे तूमड़ा फोड़ेगा,घणी भीड़ …
Read More »सखी री छैल बिहारी से निगोड़ी लड़ गयी अँखियाँ
सखी री छैल बिहारी से निगोड़ी लड़ गयी अँखियाँ सखी री छैल बिहारी से,निगोड़ी लड़ गयी अँखियाँ,मनाई लाख ना मानी,छिछोरी लड़ गयी अँखियाँ,सखी री छैल ……… निरखि सखी रूप मोहन का,दमकती रह गयी अँखियाँ,श्याम मिलि श्यामल बन जाऊं,तरसती रह गयी अँखियाँ,सखी री छैल…….. वह छैला कर गया जादू,कि तकती रह गयी अँखियाँ,चलाई बान नैनन से,जिगर में गड़ गयी अँखियाँ,सखी री …
Read More »हे गोपाल सांवरिया मेरे, नन्दलाल सांवरिया मेरे
हे गोपाल सांवरिया मेरे नन्दलाल सांवरिया मेरे,मेरा कोई नहीं बिन तेरे, नन्दलाल सांवरियां मेरे,हे गोपाल सांवरिया मेरे, नन्दलाल सांवरिया मेरे,हे गोविन्द …. हे गोपाल …. जितना दिया सरकार ने, उतनी मेरी औकात नहीं,ये तो कर्म हैं मेरे दाता का, मुझमें कोई ऐसी बात नहीं. गोपाल ….पूजा का अधिकार दे दिया, मैं वरदान और क्या मांगू,जीवन दान दे दिया तूने, अब …
Read More »श्री राम जपो रघुवंश मणि, मिट जाए तीनो ताप
श्री राम जपो रघुवंश मणि, मिट जाए तीनो तापकाल काँपे, जम थरथरे, ऐसा है नाम प्रताप भज राम सिया मूरख जिया,अइसन सुन्दर देहिया बार बार ना मिली,बिना भजन के देहिया भाव से पार ना चली भज राम सिया मूरख जिया,अइसन सुन्दर देहिया बार बार ना मिली,बिना भजन के देहिया भाव से पार ना चली भज राम सिया मूरख जिया,अइसन सुन्दर …
Read More »राम को जब तिलक की तैयारी हुई
राम को जब तिलक की तैयारी हुई,फिर तो खुशियाँ अयोध्या में भारी हुई,चंद घड़ियों में बदली ख़ुशी की घड़ी,एक दासी ने कर दी मुसीबत खड़ी,रानी कैकई को मंथरा ने भड़का दिया,यह बचन मांगों राजा से समझा दिया,राज गद्दी हो मेरे भरत के लिए,राम बनबास चौदह बरस के लिए| राजा दशरथ यूं रो रो के कहने लगे,हाय बनबास मेरा दुलारा गयालुट …
Read More »कैसे पाता मैं तुमको कन्हैया
कैसे पाता मैं तुमको कन्हैया,इस ज़माने से जो गम ना मिलते,रिसते रहते मेरे घाव दिल के,आप जो बनके मरहम ना मिलते,कैसे पाता मै तुमको कन्हैया,इस ज़माने से जो गम ना मिलते बस तेरी एक नजर से ही हमको,जो थे बिछड़े हमारे मिले है,बेसहारा था जीवन जो उसको,जिंदगी के सहारे मिले है,अपनी आँखों में लेकर के आंसू खाटू में तुमसे जो …
Read More »हो जाए बंद वाणी तेरा नाम रटते रटते
हो जाए बंद वाणी तेरा नाम रटते रटते,एक साथ यही होगा हरि नाम हम मरते मरते,तेरा नाम रटते रटते…. यस आपका मैं गाऊं दुनियाँ से चला जाऊंतेरे धाम तक में पहुँचूँ गुणगान करते करते,हो जाए बंद वाणी तेरा नाम रटते रटते खुद को मैं भूल जाऊँ फिर होश में ना आऊँ,प्रभु नाम वाले अमृत का पान करते करतेहो जाए बंद …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…