एक दिन भगवान् श्रीकृष्ण और अर्जुन टहलने निकल गए। रास्ते में उनकी भेंट एक निर्धन ब्राह्मण से हुई। उन्होंने उस ब्राह्मण को देखा कि वह ब्राह्मण बहुत ही निर्धन था और उसका व्यवहार भी थोड़ा विचित्र था। वह ब्राह्मण सूखी घास खा रहा था और उसकी कमर से तलवार लटक रही थी। लटकती हुई तलवार को देख अर्जुन थोड़ा चौंका …
Read More »Guru_Profile
मनुष्य उदारता से कर सकता है हर बुराई में सुधार
एक गुरु अपने आश्रम में कई जगह से आए शिष्यों को शिक्षा देते थे। ऐसे ही एक वर्ष आश्रम में एक छात्र चोरी करते हुए पकडा गया। यह प्रकरण गुरु के ध्यान में लाया गया और उनसे निवेदन किया गया कि ऐसे छात्र को तो आश्रम से बाहर निकाल देना चाहिए। गुरु ने इस बात की ओर कोई ध्यान नहीं …
Read More »क्यों कहलाते हैं पांचरुपी हनुमान
जब राम और रावण की सेना के मध्य भयंकर युद्ध चल रहा था और रावण अपने पराजय के समीप था तब इस समस्या से उबरने के लिए उसने अपने मायावी भाई अहिरावण को याद किया जो मां भवानी का परम भक्त होने के साथ- साथ तंत्र – मंत्र का बड़ा ज्ञाता था। उसने अपने माया के दम पर भगवान राम …
Read More »भगवान विष्णु के दस अवतार
राम अवतार श्रीहरि के जय–विजय नाम के दो द्वारपाल थे। वे सनकादि ब्रह्मर्षियों के शाप से घोर निशाचर कुल में पैदा हुए। उनके नाम रावण और कुम्भकर्ण थे। उनके अत्याचारों से पृथ्वी कांप उठी। वह पाप के भार को सह न सकी। अन्त में वह ब्रह्मादि देवताओं के साथ भगवान की शरण में गयी। देवताओं की प्रार्थना से परब्रह्म परमात्मा …
Read More »महाभारत से एक बहुत अच्छी कहानी
महाभारत की एक बहुत अच्छी कहानी – बहुत प्रासंगिक कर्ण कृष्ण से पूछता है – “मेरी माँ ने मुझे पल जन्म दिया था। क्या यह मेरी गलती है कि मैं एक नाजायज बच्चे का जन्म हुआ? मुझे ध्रुवचर्या से शिक्षा नहीं मिली क्योंकि मुझे गैर क्षत्रिय माना जाता था। परशुराम ने मुझे सिखाया लेकिन तब मुझे क्षत्रिय होने के बाद …
Read More »राम राम क्यों कहा जाता है
क्या कभी सोचा है कि बहुत से लोग जब एक दूसरे से मिलते हैं तो आपस में एक दूसरे को दो बार ही “राम राम” क्यों बोलते हैं ? एक बार या तीन बार क्यों नही बोलते ? दो बार “राम राम” बोलने के पीछे बड़ा गूढ़ रहस्य है क्योंकि यह आदि काल से ही चला आ रहा है… हिन्दी …
Read More »सचमुच! भक्त भी भगवान को देते हैं सीख
यह बात त्रेतायुग में उस समय की है जब केवट भगवान के चरण धो रहा हैं, वह भगवान राम का एक पैर धोते और उसे निकालकर कठौती से बाहर रख देते हैं। और जब दूसरा धोने लगता है तो पहला वाला पैर गीला होने से जमीन पर रखने से धूल भरा हो जाता है। केवट दूसरा पैर बाहर रखता है। …
Read More »रामायण मे एक घास के तिनके का भी रहस्य है
रामायण मे एक घास के तिनके का भी रहस्य है, और रामायण के अंदर इस टाइप के बहुत से रहस्य छिपे हैं जो हर किसी को नहीं मालूम क्योंकि आज तक किसी ने हमारे ग्रंथो को समझने की कोशिश नहीं की,सिर्फ हमने पढ़ा है देखा है और सुना है,आज मैं आप के समक्ष ऐसा ही एक रहस्य बताने जा रहा …
Read More »पितृ पक्ष श्राद्ध
हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद श्राद्ध करना बेहद जरूरी माना जाता है। मान्यतानुसार अगर किसी मनुष्य का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण ना किया जाए तो उसे इस लोक से मुक्ति नहीं मिलती और वह भूत के रूप में इस संसार में ही रह जाता है। पितृ पक्ष का महत्त्व (Importance of Pitru Paksha) ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार देवताओं को …
Read More »मनाएँ शिवरात्रि 101 प्राचीन शिवलिंगों के अभिषेक साथ!
श्री नीलकंतेश्वर जी श्री रामेश्वर जी श्री गोपालेश्वर जी श्री पातालेश्वर जी श्री दशमेश्वर जी श्री घ्रनेश्वर जी श्री जागेश्वर जी श्री मामलेश्वर जी श्री केदारनाथ जी श्री महाकालेश्वर जी श्री राजेश्वर जी श्री मल्लिकार्जुन जी श्री विश्वनाथ जी श्री ब्रहमलेश्वर जी श्री बैजनाथ जी श्री भीमशंकर जी श्री सोमनाथ जी
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…