मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम द्वार तिहारे आन पड़ा हूँ मेरी खबरीआ ले लो राम ले लो राम मुझे अपनी शरण में ले लो राम ले लो राम… इस जग ने मुझको ठुकराया मीत कोई न तुमसा पाया दुःख संताप मिटाकर मेरे नज़र दया की फेरो राम मेरे राम मुझे अपनी शरण में ले लो …
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हे राम हे राम जग में साचो तेरो नाम
हे राम, हे राम जग में साचो तेरो नाम हे राम, हे राम तू ही माता, तू ही पिता है तू ही तो है राधा का श्याम हे राम, हे राम तू अंतर्यामी, सबका स्वामी तेरे चरणों में चारो धाम हे राम, हे राम तू ही बिगड़े, तू ही सवारे इस जग के सारे काम हे राम, हे राम तू …
Read More »राम तुम बड़े कृपालु हो शाम तुम बड़े दयालु हो
राम तुम बड़े कृपालु हो, शाम तुम बड़े दयालु हो । नाथ तुम बड़े दयालु हो,प्रभु जी तुम बड़े कृपालु हो ॥ और न कोई हमारा है, मुझे इक तेरा सहारा है । कि नईया डोल रही मेरी,प्रभु जी तुम करो न अब देरी ॥ तेरा यश गाया वेदों ने, पार नहीं पाया वेदों ने । नेती नेती गाया वेदों …
Read More »मुझमे राम तुझमे राम सबमे राम समाया
मुझमे राम तुझमे राम सबमे राम समाया, सबसे करलो प्रेम यहां कोई नहीं पराया, यहां कोई नहीं पराया। एक बाग़ के फूल हैं सारे,एक हार के मोती, जितने हैं संसार में प्राणी,सबमे एक ही ज्योति भूल गए उस परम-पिता को जिसने हमे बनाया, सबसे करलो प्रेम यहां कोई नहीं पराया, यहां कोई नहीं पराया। एक पिता के बच्चे है हम,एक …
Read More »लौट चलो तुम घर को
“यह सच है तो अब लौट चलो तुम घर को |” चौंके सब सुनकर अटल कैकेयी स्वर को | सबने रानी की ओर अचानक देखा, बैधव्य-तुषारावृता यथा विधु-लेखा | बैठी थी अचल तथापि असंख्यतरंगा , वह सिंही अब थी हहा ! गौमुखी गंगा — “हाँ, जनकर भी मैंने न भारत को जाना , सब सुन लें,तुमने स्वयं अभी …
Read More »ओ मईया तैने का ठानी मन में
ओ मईया तैने का ठानी मन में, राम-सिया भेज दइ री वन में -२ हाय री तैने का ठानी मन में, राम-सिया भेज दइ री वन में -२ यधपि भरत तेरो ही जायो, तेरी करनी देख लज्जायो, अपनों पद तैने आप गँवायो भरत की नजरन में, राम-सिया भेज दइ री वन में , हठीली तैने का ठानी मन में, राम-सिया …
Read More »देखा लखन का हाल तो श्री राम रो पड़े
देखा लखन का हाल तो श्री राम रो पड़े ।अंगत सुग्रीव जामवंत बलवान रो पड़े ॥ लंका विजय की अब मुझे, चाहत नहीं रही ।मुझमें धनुष उठाने की, ताकत नही रही ।रघुवर के साथ धरती, आसमान रो पड़े ॥ करने लगे विलाप, श्री राम फुटकर ।क्या मै जवाब दूँगा, अयोध्या में लौटकर ।जितने थे मन में राम के, अरमान रो …
Read More »सीता जी की आरती
सीता जी की आरती सीता बिराजथि मिथिलाधाम सब मिलिकय करियनु आरती। संगहि सुशोभित लछुमन-राम सब मिलिकय करियनु आरती।। विपदा विनाशिनि सुखदा चराचर,सीता धिया बनि अयली सुनयना घर मिथिला के महिमा महान…सब मिलिकय करियनु आरती।।सीता बिराजथि… सीता सर्वेश्वरि ममता सरोवर,बायाँ कमल कर दायाँ अभय वर सौम्या सकल गुणधाम…..सब मिलिकय करियनु आरती।। सीता बिराजथि… रामप्रिया सर्वमंगल दायिनि,सीता सकल जगती दुःखहारिणि करथिन सभक …
Read More »मां गंगा का धरती पर जन्म (Birth of maa Ganga on the Earth)
शास्त्रों के अनुसार माना गया है कि महाराजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों का उद्धार करने के लिए कठोर तप किया था और धरती के पाप कम करने के लिए मां गंगा को धरती पर लेकर आए थे. मां के जन्म की कथा बहुत ही प्रसिद्ध और पावन है. इसे सुनने से भी मां का आशीर्वाद भक्तों पर बना रहता है. …
Read More »श्री कृष्ण चालीसा
श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa in Hindi) ॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज॥ जय यदुनंदन जय जगवंदन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥ जय यशुदा सुत नन्द दुलारे। जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥ जय नटनागर, नाग नथइया॥ कृष्ण …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…