Breaking News

Gyan Ganga

“नर्मदा नदी के हर पत्थर में है शिव, आखिर क्यों ?”

नर्मदेश्वर शिवलिंग के सम्बन्ध में एक धार्मिक कथा है –भारतवर्ष में गंगा, यमुना, नर्मदा और सरस्वती ये चार नदियां सर्वश्रेष्ठ हैं। इनमें भी इस भूमण्डल पर गंगा की समता करने वाली कोई नदी नहीं है। प्राचीनकाल में नर्मदा नदी ने बहुत वर्षों तक तपस्या करके ब्रह्माजी को प्रसन्न किया। प्रसन्न होकर ब्रह्माजी ने वर मांगने को कहा। तब नर्मदाजी ने …

Read More »

सिंहासन बत्तीसी की ग्यारहवीं कहानी – त्रिलोचनी पुतली की कथा!!

हर बार की तरह इस बार भी राजा भोज सिंहासन पर बैठने के लिए राज दरबार पहुंचते हैं। इस बार सिंहासन की ग्यारहवीं पुतली त्रिलोचना उन्हें रोक देती है। फिर वह राजा विक्रमादित्य के गुणों के बारे में बताने के लिए महायज्ञ का एक किस्सा सुनाने लगती है। एक बार राजा विक्रमादित्य ने राज्य की खुशहाली के लिए महायज्ञ करने …

Read More »

सिंहासन बत्तीसी की बारहवीं कहानी – पद्मावती पुतली की कथा!!

विक्रमादित्य की खूबियों के बारे में बताने के लिए इस बार बारहवीं पुतली सिंहासन से निकलती है। वह राजाभोज को राजा विक्रमादित्य और एक राक्षस की कहानी सुनाती है। एक दिन राजा विक्रमादित्य अपने राज-पाठ का काम खत्म करके सुहाने मौसम का आनंद उठा रहे थे। तभी उन्हें एक महिला की चीख सुनाई दी। वह मदद के लिए के लिए …

Read More »

समुद्र के किनारे जब एक तेज़ लहर आयी तो एक बच्चे का चप्पल ही अपने साथ बहा ले गयी..

बच्चा रेत पर अंगुली से लिखता है… “समुद्र चोर है” उसी समुद्र के दूसरे किनारे पर एक मछुवारा बहुत सारी मछलियाँ पकड़ लेता है…. वह उसी रेत पर लिखता है…”समुद्र मेरा पालनहार है” एक युवक समुद्र में डूब कर मर जाता है…. उसकी मां रेत पर लिखती है… “समुद्र हत्यारा है” एक दूसरे किनारे एक गरीब बूढ़ा टेढ़ी कमर लिए …

Read More »

विक्रम बेताल की बाईसवीं कहानी: चार ब्राह्मण भाइयों की कथा!!

जब राजा विक्रमादित्य ने एक बार फिर बेताल को पकड़ा, तो उसने हर बार की तरह एक नई कहानी शुरू कर दी। बेताल ने कहानी सुनाते हुए राजा विक्रमादित्य से कहा…. कुसुमपुर नाम के एक नगर में एक ब्राह्मण परिवार रहा करता था। ब्राह्मण के परिवार में चार बेटे और उसकी पत्नी थी। ब्राह्मण अपने परिवार के साथ सुखी-सुखी जीवन …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : पूस की रात!!

हल्कू ने घर आकर अपनी पत्नी मुन्नी से कहा, “घर में जो रुपए रखे हैं उसे ले आओ, सहना आया है, उसे दे देता हूं, ताकि उससे पीछा छूटे।” बरामदे में झाड़ू लगा रही मुन्नी ने पलटकर गुस्से से हल्कू को देखा और बोली, “चार रुपए ही तो बचे हैं घर में, अब वो भी सहना को दे दोगे, तो …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : धिक्कार!!

बात उस समय की है जब ईरान और यूनान के बीच लड़ाई हो रही थी। ईरानियों का आक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा था और यूनानी कमजोर पड़ रहे थे। आलम ऐसा था कि देश के सारे व्यापार बंद हो चुके थे और सभी युद्ध की तैयारी में जुट गए थे। यहां तक की देश के किसान भी अपने हाथों …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : एक आंच की कसर!!

पूरी नगरी में श्रीमान यशोदानंद की खूब चर्चा हो रही थी। उनकी कीर्ति के बारे में नगरवासी ही नहीं, बल्कि अखबारों में तक लोग लिख रहे थे। उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा थी। यही तो होती है समाज सेवा, जो इंसान को इतना मान-सम्मान दिला दे। ऊंचे विचार के लोग अक्सर ही …

Read More »

बुद्धिमान् वानर की कथा!!

हज़ारों साल पहले किसी वन में एक बुद्धिमान बंदर रहता था। वह हज़ार बंदरों का राजा भी था।एक दिन वह और उसके साथी वन में कूदते-फाँदते ऐसी जगह पर पहुँचे जिसके निकट क्षेत्र में कहीं भी पानी नहीं था। नयी जगह और नये परिवेश में प्यास से व्याकुल नन्हे वानरों के बच्चे और उनकी माताओं को तड़पते देख उसने अपने …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : नैराश्य लीला!!

एक बार की बात है, अयोध्या में एक सम्मानित पंडित रहते थे, जिनका नाम हृदयनाथ था। भले ही उनके पास बहुत धन-दौलत न था, लेकिन वे थोड़े में ही संतोष रखते थे। हालांकि, उनके पास जो कुछ मकान थे, उनसे आने वाले किराए से उनका जीवन गुजर बसर हो जाता था। किराया बढ़ाने के साथ ही उन्होंने एक सवारी खरीद …

Read More »