कवि रहीम और कवि गंग गहरे मित्र थे। रहीम गरीबों को बड़े पैमाने पर दान दिया करते थे। वे पंक्ति में खड़े लोगों को जब दान देते थे तो अपनी नजरें नीची कर लेते थे। दान लेने वाले कुछ तो एक बार लेकर फिर दोबारा पंक्ति में लग जाते और फिर से दान ले लेते। गंग कवि को यह बड़ा …
Read More »Gyan Ganga
कैसे मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत हो?
Have you been finding that you cry at the drop of a hat? Get angry unnecessarily? Maybe you just feel nervous all the time. Whatever you may be feeling, you should begin by understanding that experiencing emotions is a normal part of human living. There is nothing inherently “wrong” with any emotion. a. You do not have to eliminate …
Read More »विद्वान और महान बनने का रहस्य
एक नवयुवक ने महान बनने का विचार किया। विश्वविद्यालय की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उसने महान व्यक्तियों के बारे में पढ़ डाला। किसी ने गुरुमंत्र दिया- महान बनने के लिए महान लोगों के संपर्क में रहना आवश्यक है। अब नवयुवक ने उन सब लोगों के संपर्क में रहना शुरू कर दिया जो महान साहित्यकार, कलाकार, नेता, विचारक और वैज्ञानिक …
Read More »खोजिए जिंदगी के हर पल में खुशियां
iग्लैंड के प्रसिद्ध लेखक जॉन रस्किन एक समारोह में गए। उनके पास बैठी युवती के हाथ में एक सुंदर रूमाल था। उसे वह उपहार में मिला था। अचानक उस रूमाल पर कुछ गिर गया। उस पर गहरा धब्बा हो गया। वह सुंदर युवती परेशान हो गई। पास में बैठे रस्किन ने उस लड़की से कहा कि कुछ देर के लिए …
Read More »बस चले तो मैं सभी विचारवान व्यक्तियों को सफाई में लगा दूं
महात्मा गांधी की ख्याति न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व में है। वह जहां भी जाते थे लोग उनका बहुत स्वागत सत्कार करते थे और यही आलम भारत के विभिन्न शहरों और गांवो में भी था। एक बार पत्रकारों की गोष्ठी में बापू राजनीतिक प्रसंगो पर उत्तर दे रहे थे। उसी समय हास्य-विनोद की मुद्रा में एक पत्रकार ने बापू …
Read More »मनाएँ शिवरात्रि 101 प्राचीन शिवलिंगों के अभिषेक साथ!
श्री नीलकंतेश्वर जी श्री रामेश्वर जी श्री गोपालेश्वर जी श्री पातालेश्वर जी श्री दशमेश्वर जी श्री घ्रनेश्वर जी श्री जागेश्वर जी श्री मामलेश्वर जी श्री केदारनाथ जी श्री महाकालेश्वर जी श्री राजेश्वर जी श्री मल्लिकार्जुन जी श्री विश्वनाथ जी श्री ब्रहमलेश्वर जी श्री बैजनाथ जी श्री भीमशंकर जी श्री सोमनाथ जी
Read More »सुखी जीवन का मूलमंत्र
जापान के सम्राट यामातो का एक राज्यमंत्री था। जिसका नाम था ‘ओ-चो-सान’। उसका परिवार सौहार्द के लिए बड़ा प्रसिद्ध था। हालांकि उसके परिवार में लगभग एक हजार सदस्य थे, पर उनके बीच एकता का अटूट संबंध था। सभी सदस्य साथ-साथ रहते और साथ-साथ ही खान खाते थे। फिर उनमें द्वेष कलह की बात ही कहां? ओ-चो-सान के परिवार के सौहार्द …
Read More »जानिए महात्मा गांधी की नजर में धर्म का अर्थ
एक बार महामना मदनमोहन मालवीय, महात्मा गांधी व कुछ अन्य लोग धर्म पर चर्चा कर रहे थे। चर्चा के दौरान मालवीय जी ने गांधीजी से पूछा, ‘बापू आपकी दृष्टि में धर्म क्या है?’ तब गांधीजी बोले, मेरी दृष्टि से धर्म का अर्थ कर्तव्य है। समाज के हर व्यक्ति का अलग धर्म है। सैनिक का धर्म अपने राष्ट्र व समाज की …
Read More »एक नगरवधू की सीख ने मठाधीश को कर दिया लज्जित
पाटलिपुत्र की एक नगरवधू थी। उसकी सुंदरता की चर्चा दूर-दूर तक होती थी। उसकी एक मुस्कान पर बड़े-बड़े लोग सब कुछ लुटाने को तैयार रहते थे। एक दिन शाल्वन बुद्ध पीठ के मठाधीश वसंत गुप्त उधर से निकले तो नगरवधू पर उनकी नजर पड़ी। उन्होंने उसे देखा तो सब कुछ भूल गए। वे उसी संत वेश में नगरवधू के घर …
Read More »गणेशजी ने यूं चकनाचूर किया था कुबेर का घमंड
एक बार की बात है। कुबेर को अपने धन-वैभव पर बहुत अभिमान हो गया था। उन्होंने सोचा कि मेरे पास इतनी समृद्धि है, तो क्यों न मैं शंकरजी को अपने घर पर भोजन का न्योता दूं औैर उन्हें अपना वैभव दिखाऊं। यह विचार लेकर कुबेर कैलाश पर्वत गए और वहां शंकरजी को भोजन पर पधारने का न्योता दिया। शंकरजी को …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…