सौराष्ट्र (गुजरात) के काठियावाड़ क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रभास तीर्थ स्थित है, जहां प्रसिद्ध सोमनाथ का मंदिर है। देश के १२ ज्योतिर्लिंगों में प्रसिद्ध सोमनाथ ज्योतिर्लिंग (Somnath Jyotirlinga in Gujrat) का स्थान प्रथम है। कहते हैं कि सोमनाथ में महामृत्युंजय का जाप करने से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। सोमनाथ मंदिर के परिसर में एक कुंड है, …
Read More »Gyan Ganga
जानकी जानकी मैं ना दूँ जानकी
रावण मंदोदरी से कहता है:- जानकी जानकी मैं ना दूँ जानकी, मैंने बाज़ी लगाई है जान की। मुझको परवा नहीं अपनी जान की, मैं चुरा लाया मैं राम की जानकी। तेरा बीटा जला, मेरी लंका जली, अब ना वापिस करूँगा मैं जानकी॥ मेरे महलो की रानी बने जानकी, तेरे पास बिठाऊंगा मैं जानकी। मेरे मन में बसी उस दिन जानकी, …
Read More »रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग
रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग दक्षिण भारत के समुद्र तट पर स्थित है। कहते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने स्वयं अपने हाथों से श्री रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग (Shri Rameshwaram Jyotirling) की स्थापना की थी। रामेश्वरम की कथा (Story of Shri Rameshwaram Jyotirling in Hindi) शिव पुराण के अनुसार जब श्रीराम ने रावण के वध हेतु लंका पर चढ़ाई की थी तो विजयश्री की …
Read More »हम राम जी के राम जी हमारे हैं
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं वो तो दशरथ राज दुलारे हैं मेरे नयनो के तारे हैं सारे जग के रखवारे हैं मेरे तो प्राण अधारे हैं सब भगतन के रखवारे हैं जो लाखो पापीओं को तारे हैं जो अघमन को उधारे हैं हम इनके सदा सहारे हैं हम उनकी शरण पधारे हैं गणिका और गीध उधारे …
Read More »ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग
देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ओंकारेश्वर तीर्थ (Shri Omkareshwar Jyotirling) अलौकिक है। यह तीर्थ नर्मदा नदी के किनारे विद्यमान है। नर्मदा नदी के दो धाराओं के बंटने से एक टापू का निर्माण हुआ था जिसका नाम मान्धाता पर्वत पड़ा। आज इसे शिवपुरी भी कहा जाता है। इसी पर्वत पर भगवान ओंकारेश्वर और परमेश्वर विराजमान हैं। ओम्कारेश्वर ज्योतिर्लिंग …
Read More »मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग
श्रीशैलम (श्री सैलम नाम से भी जाना जाता है) नामक ज्योतिर्लिंग आंध्रप्रदेश के पश्चिमी भाग में कुर्नूल जिले के नल्लामल्ला जंगलों के मध्य श्री सैलम पहाड़ी पर स्थित है। यहां शिव की आराधना मल्लिकार्जुन नाम से की जाती है। मंदिर का गर्भगृह बहुत छोटा है और एक समय में अधिक लोग नहीं जा सकते। शिवपुराण के अनुसार भगवान कार्तिकेय को …
Read More »राम को देख कर के जनक नंदिनी
राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग़ में वो खड़ी की खड़ी रह गयी । राम देखे सिया को सिया राम को, चारो अँखिआ लड़ी की लड़ी रह गयी ॥ यज्ञ रक्षा में जा कर के मुनिवर के संग, ले धनुष दानवो को लगे काटने । एक ही बाण में ताड़का राक्षसी, गिर जमी पर पड़ी की पड़ी रह …
Read More »केदारनाथ मंदिर
पवित्र ज्योतिर्लिंग केदारनाथ भगवान शिव के साधना स्थल हिमालय पर्वत के केदार नामक शृंग पर स्थित हैं। उत्तराखंड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ-साथ चार धाम में से भी एक है। यहां की प्रतिकूल जलवायु के कारण यह मंदिर अप्रैल से नवंबर माह के मध्य ही दर्शन के लिए खुलता है। …
Read More »श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मैं
नहीं चलाओ बाण व्यंग के ऐह विभीषण ताना ना सेह पाऊं, क्यों तोड़ी है यह माला, तुझे ए लंकापति बतलाऊं मुझ में भी है तुझ में भी है, सब में है समझाऊं ऐ लंका पति विभीषण ले देख मैं तुझ को आज दिखाऊं – जय श्री राम – श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, देख लो मेरे मन …
Read More »राम भक्त ले चला रे राम की निशानी
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि सादर भारत शीश धरी लीन्ही राम भक्त ले चला रे राम की निशानी, शीश पर खड़ाऊँ, अँखिओं में पानी । शीश खड़ाऊ ले चला ऐसे, राम सिया जी संग हो जैसे । अब इनकी छाव में रहेगी राजधानी, राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ॥ पल छीन लागे सदिओं जैसे, चौदह वरष कटेंगे …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…