आओ बालाजी आओ आज माहरे आँगने भगत बुलावे थाने आयां सरसी लाल लगोटों हाथ में घोटो सर पर छतर हजारी जी लाल ध्वजा थारे मंड पर सोहे घृत सिन्दूर छुवाव जी ओ बाबा घृत सिन्दूर छुवाव जी लाखों नर नारी आवे आवे थारे बारणे सबका कष्ट मिटायां सरसी आओ बालाजी आओ आज माहरे आँगने अंजनी माँ का पुत्र हो प्यारा …
Read More »Gyan Ganga
है बलकारी और भ्रमचारी सालासर का बजरंगी
है बलकारी और भ्रमचारी अवतारी जो नाथ भुजंगी है.. कोई और नही है वो मेरा…सालासर का बजरंगी है॥ संकटहर्ता मंगलकर्ता आ…. बजरंबलि का इतिहास जगत में सबसे न्यारा है,नही कोई हिंसा बाली ये दावा हमारा है । रूप भोले का और सेवक बना है श्री राम का, राजपाल बार-बार इनको परिणाम हमारा है ॥ ये बल बुद्धि का दाता है, …
Read More »हे महादेव मेरी लाज रहे
हे महादेव मेरी लाज रहे | मेरी लाज रहे, तेरा राज रहे || जहर कंठ में, नाग गले में, आग नयन में, फिर भी अमृत तुम्ही लुटाते, इस त्रिभुवन में | आज भगत पर भीड़ पड़ी है, फिर तुम कहाँ विराज रहे || नाथ बता दो इस मन्दिर में, विश्वनाथ हो, आज दिखा दो कोई ना जिसका, उसके साथ हो …
Read More »शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे
ओ शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे | जीवन पथ पर, शाम सवेरे छाए है घनघोर अँधेरे || मै मूरख तू अंतरयामी, मै Servant तू मेरा स्वामी | काहे मुझ से नाता तोडा, मन छोड़ा, मन्दिर भी छोड़ा, कितनी दूर लगाये तूने जा कैलाश पे डेरे || तेरे द्वार पे जोत जगाते, युग बीते तेरे गुण गाते | ना मांगू …
Read More »भोले नाथ से निराला कोई और नहीं
भोले नाथ से निराला, गौरीनाथ से निराला, कोई और नहीं | ऐसा बिगड़ी बनाने वाला, कोई और नहीं || उन का डमरू डम डम बोले, अगम निगम के भेद खोले | ऐसा भक्तो का रखवाला कोई और नहीं || काया जब जब करवट बदले, पाप चमकते अगले पिछले | ऐसा जोत जगाने वाला कोई और नहीं || तुमने जग का …
Read More »ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय | सांसो की सरगम पे धड़कन यह दोहराए || जीवन मे कैसा अँधेरा हुआ है, संदेह ने हमें घेरा हुआ | मन पंछी आज भगवन बहुत घबराए || विशवास की माला टूटी पड़ी है, भगवान् सहारा दे मुश्किल घडी है | रसता दिखा राही तेरी शरण आये ||
Read More »शम्भू मेरे शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे
शम्भू मेरे, शंकर मेरे, कब होंगे दर्शन तेरे | अखियन मे आस लेके, दर्शन की प्यास लेके, आयीं हूँ मै द्वार तेरे || धूनी रमाये, समाधी लगाये गंगा किनारे बैठा है तू | भंग चड़ाए भसम लगाये मरघट पे लेता है तू | हो के मगन मै गाऊं गुण तेरे || तेरे चरण मे, तेरी शरण मे, आये है हम …
Read More »राजा की तीन सीखें
बहुत समय पहले की बात है , सुदूर दक्षिण में किसी प्रतापी राजा का राज्य था . राजा के तीन पुत्र थे, एक दिन राजा के मन में आया कि पुत्रों को को कुछ ऐसी शिक्षा दी जाये कि समय आने पर वो राज-काज सम्भाल सकें. इसी विचार के साथ राजा ने सभी पुत्रों को दरबार में बुलाया और बोला , …
Read More »शिव की करो आराधना
शिव की करो आराधना | सुनते हैं वो हर प्रार्थना || वो सब के पालनहारे हैं, श्रृष्टि के रचना कार हैं | उनकी शरण मे जो गया, उस भक्त का उधार है | चरणों मे उनके बैठना, हाथो से उनको थामना || भोले हैं वो प्यारे भी हैं, सब देव मे न्यारे भी है | माना गले मे सर्प भी, …
Read More »हार-जीत का फैसला !
बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ मेँ निर्णायक थीँ- मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार-जीत का निर्णय होना बाक़ी था, इसी बीच देवी भारती को लेकिन जाने से पहले देवी भारती नेँ दोनोँ ही विद्वानोँ के गले मेँ एक-एक फूल माला डालते हुए कहा, येँ दोनो मालाएं मेरी …
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