कैलाशवासी बम बम बम, तेरी जटों से बह रही गंग गंग गंग सावन का महिना आया, कदम्ब की डाल पे झुला डाला भूत प्रेत सब संग संग संग संग कैलाशवासी बम बम बम, भोला नाचे गौरां नाचे संग में सारी सांगत नाचे डमरू बाजे डम डम डम कैलाशवासी बम बम बम, भोला गौरा को जो ध्यावे भूत प्रेत निकट नहीं …
Read More »Gyan Ganga
सुन ले रे भोले ये बात हमारी
सुन ले रे भोले ये बात हमारी, भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे, भोले भंग पियोगे या दम लगाओगे भोले के माथे पे चंदा विराजे भोले की जटों में गंगा विराजे हाथ डमरू साजे रे भंग पियो रे भोले के गल में नाग विराजे भोले के कानो में कुंडल है साजे तन मृगशाला साजी …
Read More »शिव शंकर डमरू वाले मेरा सहारा तू ही है
शिव शंकर डमरू वाले मेरा सहारा तू ही है, लोक्कां दे लक्खा सहारे मेरा सहारा तू ही है मेरा सहारा तू ही है, मेरा सहारा तू ही है , तेरी जटों में गंगा साजे, गल नाग राज विराजे तू तो सबके कष्ट मिटादे, मेरा सहारा तू ही है, शिव शंकर डमरू वाले मेरा सहारा तू ही है, लोक्कां दे लक्खा सहारे …
Read More »प्रेम और परमात्मा
संतो की उपदेश देने की रीति-नीति भी अनूठी होती है. कई संत अपने पास आने वाले से ही प्रश्न करते है और उसकी जिज्ञासा को जगाते है; और सही-सही मार्गदर्शन कर देते है. आचार्य रामानुजाचार्य एक महान संत एवं संप्रदाय-धर्म के आचार्य थे . दूर दूर से लोग उनके दर्शन एवं मार्गदर्शन के लिए आते थे. सहज तथा सरल रीति से वे उपदेश देते …
Read More »जय भोले भंडारी बाबा जय भोले भंडारी
जय भोले भंडारी बाबा जय भोले भंडारी , तेरी लीला न्यारी बाबा तेरी लीला न्यारी कौन सी तपस्या बाबा गंगा माँ ने की थी अपनी जट्टो पे बाबा उनको जगह दी थी जय भोले भंडारी बाबा जय भोले भंडारी कौन सी तपस्या बाबा चंद्रमा ने की थी अपने मस्तक पे बाबा उनको जगह दी थी जय भोले भंडारी बाबा जय …
Read More »सोने का त्रिशूल कमंडल पित्तल दा
सोने का त्रिशूल कमंडल पित्तल दा कैसा सोहना रूप है भोले शंकर का मैं जब जब तुमको देखूं, तेरी जटो में गंगा साजे तेरी जटो में गंगा साजे वो बड़ी प्यारी लागे कमंडल पित्तल दा, कैसा सोहना रूप है भोले शंकर का सोने का त्रिशूल कमंडल पित्तल दा कैसा सोहना रूप है भोले शंकर का मैं जब जब तुमको देखूं, …
Read More »बीता हुआ कल
बुद्ध भगवान एक गाँव में उपदेश दे रहे थे. उन्होंने कहा कि “हर किसी को धरती माता की तरह सहनशील तथा क्षमाशील होना चाहिए. क्रोध ऐसी आग है जिसमें क्रोध करनेवाला दूसरोँ को जलाएगा तथा खुद भी जल जाएगा.” सभा में सभी शान्ति से बुद्ध की वाणी सून रहे थे, लेकिन वहाँ स्वभाव से ही अतिक्रोधी एक ऐसा व्यक्ति भी …
Read More »शिव ॐ शिव ॐ कहिये तेरे लगदे नही रुपैये
शिव ॐ शिव ॐ कहिये तेरे लगदे नही रुपैये रब ने तैनू अखियाँ दिति तैनू वि दिति मेनू वि दिति दर्शन करदे रहिये तेरे लगदे नही रुपैये रब ने तैनू वाणी दिति तैनू वि दिति मेनू वि दिति भजन करदे रहिये तेरे लगदे नही रुपैये रब ने तैनू कन दिते तैनू वि दिते मेनू वि दिते सत्संग सुन्दे रहिये तेरे …
Read More »भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी वृन्दावन आ गए
इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी ब्रज में आ गए पार्वती भी मना के हारी ना माने त्रिपुरारी ब्रज में आ गए पार्वती से बोले मैं भी चलूँगा तेरे संग मैं राधा संग श्याम नाचे मैं भी नाचूँगा तेरे संग में रास रचेगा ब्रज मैं भारी हमे दिखादो प्यारी ओ मेरे भोले स्वामी, कैसे ले जाऊं …
Read More »जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी
जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी जय हो कैलाश पति जय त्रिपुरारी दुखियो के तूने है काज सवाँरे जो भी है आया भगवन तेरे द्वारे कर दिया कल्याण पिता कल्याण कारी जय हो भोलेनाथ जय हो भंडारी तेरी जटाओ मैं गंगा का पानी गंगा के पानी मैं शक्ति रूहानी मस्तक का चंद्रमा पीड़ा हरे सारी जय हो भोलेनाथ जय हो …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…