कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के दिन गोर्वधन पूजा (Govardhan Puja) की जाती है। हिन्दू मान्यतानुसार महाभारत काल में इसी दिन भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। तभी से यह परंपरा कायम है। गोवर्धन पूजा से जुड़ी कथा निम्न है: गोवर्धन पूजा कथा (Govardhan Puja Katha) एक बार की बात है इंद्र को अपनी शक्तियों पर घमंड हो गया। तब …
Read More »Gyan Ganga
भाई दूज Bhai Dooj
भाई दूज, भाई- बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है, जिसे यम द्वितीया या भैया दूज (Bhaiya Dooj) भी कहते हैं। यह हिन्दू धर्म के प्रमुख त्यौहारों में से एक है, जिसे कार्तिक माह की शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है। भाई दूज पूजा विधि (Bhai Dooj Puja Vidhi) भाई दूज के दिन बहनों को भाई के …
Read More »छठ पूजा Chaat Pooja
सूर्य षष्टी महात्मय (Surya Sasthi Mahatmya) भगवान सूर्य जिन्हें आदित्य भी कहा जाता है वास्तव एक मात्र प्रत्यक्ष देवता हैं. इनकी रोशनी से ही प्रकृति में जीवन चक्र चलता है. इनकी किरणों से ही धरती में प्राण का संचार होता है और फल, फूल, अनाज, अंड और शुक्र का निर्माण होता है. यही वर्षा का आकर्षण करते हैं और ऋतु …
Read More »देव उतहा एकादशी Dev Uthha Ekadashi
श्रीमद् भगवतद् पुराण के अनुसार श्री हरि विष्णु ही सृष्टि के आदि कर्ता हैं. इन्हीं की प्रेरणा से ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की और शिव जी संहार कर रहे हैं. स्वयं भगवान विष्णु चराचर जगत का पालन कर रहे हैं. विष्णु की प्रसन्नता के लिए ही एकादशी का व्रत किया जाता है. कार्तिक शुक्ल एकादशी इनमें अत्यंत उत्तम …
Read More »तुलसी-विवाह Tulasee vivaah
प्राचीन ग्रंथों में तुलसी विवाह व्रत की अनेक कथाएं दी हुई हैं. उन कथाओं में से एक कथा निम्न है. इस कथा के अनुसार एक कुटुम्ब में ननद तथा भाभी साथ रहती थी. ननद का विवाह अभी नहीं हुआ था. वह तुलसी के पौधे की बहुत सेवा करती थी. लेकिन उसकी भाभी को यह सब बिलकुल भी पसन्द नहीं था. …
Read More »भैरवाष्टमी कथा
मार्गशीर्ष कृष्ष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को भगवान भोले नाथ भैरव रूप में प्रकट हुए थे. कालाष्टमी का व्रत इसी उपलक्ष्य में इस तिथि को किया जाता है. आदि देव महादेव ने यह रूप किस कारण से धारण किया इस सम्बन्ध में एक पारणिक कथा है। आइये यह क्था सुनें। भैरवाष्टमी कथा (Bhairavaaṣṭamee kathaa ) कथा के अनुसार एक बार श्री हरि …
Read More »कार्तिक पूर्णिमा व्रत Kartik Purnima Vrat
कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन वृषोसर्ग व्रत रखा जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान हैं। यह व्रत शत्रुओं का नाश करने वाला माना जाता है। इसे नक्त व्रत भी कहा जाता है। कार्तिक पूर्णिमा की विधि (Kartik Purnima Vrat Vidhi ) नारद पुराण के अनुसार कार्तिक मास की …
Read More »विवाह पंचमी Vivah Panchami
भारत में कई स्थानों पर विवाह पंचमी को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। मार्गशीर्ष (अगहन) मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को भगवान श्रीराम तथा जनकपुत्री जानकी (सीता) का विवाह हुआ था। तभी से इस पंचमी को ‘विवाह पंचमी पर्व’ के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक धार्मिक ग्रथों के अनुसार इस तिथि को भगवान राम ने जनक नंदिनी …
Read More »उत्पन्ना एकादशी Utpannaa Ekaadashee
उत्पन्ना एकादशी का व्रत मार्गशीर्ष मास के कृ्ष्ण पक्ष में किया जाता है. इस दिन भगवान श्री कृ्ष्ण की पूजा करने का विधान है. व्रत वाले को दशमी के दिन रात में भोजन नहीं करना चाहिए. एकादशी के दिन ब्रह्रा बेला में भगवान का पुष्प, धूप, दीप, अक्षत से पूजन करके पूजन करना चाहिए. इस व्रत में केवल फलों का …
Read More »Mokshada Ekadasi
मोक्षदा एकादशी महात्मय (Mokṣadaa ekaadashee mahaatmay) गीता के अनुसार अन्य सभी लोक में मर कर गया हुआ प्राणी पुन: गर्भ में आता है लेकिन जो विष्णु लोक (Vishnu lok) में जाता है वह जीवन चक्र के फेर से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करता है। यूं तो पृथ्वी पर जितने भी प्रकार के जीव हैं वह सभी परमात्मा के ही अंश …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…