ओ रे जगदीश तू है कहाँ मुश्किलों में है तेरा जहांहर तरफ आफतों का पता राहतों का ठिकाना बताओ रे मुरलीवाले तेरे हैं हम सारेतुम ही हो रखवाले| ओ पालनहारे निर्गुण और न्यारेतुम्ही ना सुने तो फिर कौन सुनेहमरी उलझन सुलझाओ भगवनतुमरे बिना संकट कौन हारे| ऐसे हालातों से हम कैसे लड़ेंये समय चल रहा पर हम वहीँ हैं खड़ेसाड़ी …
Read More »hanuman ji
बंसी वाले को हम याद आने लगे
बंसी वाले को हम याद आने लगे,कान्हा मंदिर में आंसू बहाने लगे| अब ना कीर्तन में नर्तन कहीं हो रहा,अब ना भक्तों का दर्शन कहीं हो रहा,कितना सुनसान मंदिर पड़ा देख कर,कान्हा अश्क़ों में भी मुस्कुराने लगे,बंसी वाले को …………….. अब ना याचक कोई ना दया पात्र है,पूजा को कुछ पुजारी ही बस मात्र हैं,अपना जीवन बचने में सब लग …
Read More »हनुमान चालीसा का सत्य -FACT OF HANUMAN CHALISA-तुलसीदास जी को हनुमान चालीसा जेल में क्यों लिखनी पड़ी
आज हम बात करेंगे हनुमान चालीसा के बारे में, हनुमान चालीसा कब लिखी गयी इसके पीछे का रहस्य क्या है। और इससे चालीसा क्यों कहा कहा जाता है। इसको हम कैसे पढ़ें की हमें इसका पूरा – पूरा फल मिले। यह साड़ी बातें हम आज की इस वीडियो में करने वाले हैं। जानना चाहते हैं तो वीडियो को अंत तक …
Read More »बेट द्वारका हनुमान दंडी मंदिर, गुजरात
बेट द्वारका से चार मील की दूरी पर मकर ध्वज के साथ में हनुमानजी की मूर्ति स्थापित है। कहते हैं कि पहले मकरध्वज की मूर्ति छोटी थी परंतु अब दोनों मूर्तियां एक सी ऊंची हो गई हैं। अहिरावण ने भगवान श्रीराम लक्ष्मण को इसी स्थान पर छिपा कर रखा था। जब हनुमानजी श्रीराम-लक्ष्मण को लेने के लिए आए, तब उनका …
Read More »क्यों कहलाते हैं पांचरुपी हनुमान
जब राम और रावण की सेना के मध्य भयंकर युद्ध चल रहा था और रावण अपने पराजय के समीप था तब इस समस्या से उबरने के लिए उसने अपने मायावी भाई अहिरावण को याद किया जो मां भवानी का परम भक्त होने के साथ- साथ तंत्र – मंत्र का बड़ा ज्ञाता था। उसने अपने माया के दम पर भगवान राम …
Read More »मरते वक्त बालि ने, अंगद से कही थी ये तीन बातें . .
मरते वक्त बालि ने, अंगद से कही थी ये तीन बातें रामायण में जब श्रीराम ने बालि को बाण मारा तो वह घायल होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा था। इस अवस्था में जब पुत्र अंगद उसके पास आया तब बालि ने उसे ज्ञान की कुछ बातें बताई थीं। बालि ने कहा- देश काल और परिस्थितियों को समझो। किसके साथ कब, …
Read More »भगवान विष्णु के दस अवतार
राम अवतार श्रीहरि के जय–विजय नाम के दो द्वारपाल थे। वे सनकादि ब्रह्मर्षियों के शाप से घोर निशाचर कुल में पैदा हुए। उनके नाम रावण और कुम्भकर्ण थे। उनके अत्याचारों से पृथ्वी कांप उठी। वह पाप के भार को सह न सकी। अन्त में वह ब्रह्मादि देवताओं के साथ भगवान की शरण में गयी। देवताओं की प्रार्थना से परब्रह्म परमात्मा …
Read More »एक लघुकथा सवा मणी
हनुमान जी के मन्दिर में सवामणी चढ़ा कर लौटते हुए एक भक्त से उसके बेटे ने गुब्बारे दिलवाने की जिद की। बच्चा पिट गया। वजह शायद बच्चे की जिद रही होगी या सवामणी के पुण्य का दम्भ इतना बढ़ गया होगा कि भक्त सिर्फ उसी में बौराया था और उसका बच्चे के भाव से तारतम्य टूट गया हो । या …
Read More »राम से बड़ा राम का नाम
राम से बड़ा राम का नाम .. अंत में निकला ये परिणाम, राम से बड़ा राम का नाम .. सुमिरिये नाम रूप बिनु देखे, कौड़ी लगे ना दाम . नाम के बाँधे खिंचे आयेंगे, आखिर एक दिन राम . राम से बड़ा राम का नाम .. जिस सागर को बिना सेतु के, लाँघ सके ना राम . कूद गये हनुमान …
Read More »जय जय बजरंगी महावीर
जय जय बजरंगी महावीर तुमबिन को जन की हरे पीर अतुलित बलशाली तव काया , गति पिता पवन का अपनाया शंकर से देवी गुन पाया शिव पवन पूत हे धीर वीर जय जय बजरंगी महावीर —– दुखभंजन सब दुःख हरते हो , आरत की सेवा करते हो , पलभर बिलम्ब ना करते हो जब भी भगतन पर पड़े भीर जय …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…