इन दोनों ने बेहद छोटी उम्र में बॉलीवुड में कदम रखा और खूब नाम कमाया। दोनों का ही बचपन मुफलिसी में बीता लेकिन बड़ी होकर एक इन्होंने पैसा और रुतबा दोनों पाया । इसमें से एक तो 60 और 70 के दशक की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस के तौर पर भी जानी जाती हैं. वहीं एक को अपने डांस स्किल्स के …
Read More »Poem / Kavita
राजकुमारी कार्विका
राजकुमारी कार्विका सिंधु नदी के उत्तर में कठगणराज्य की राजकुमारी थी । राजकुमारी कार्विका बहुत ही कुशल योद्धा थी। रणनीति और दुश्मनों के युद्ध चक्रव्यूह को तोड़ने में पारंगत थी। राजकुमारी कार्विका ने अपने बचपन की सहेलियों के साथ फ़ौज बनाई थी।जिस उम्र में लड़कियाँ गुड्डे गुड्डी का शादी रचना खेल खेलते थे उस उम्र में कार्विका को शत्रु सेना …
Read More »मेरा जादुई घर
आज मेरे लिए कुछ लिखो तो फिर मुझे विश्वास होगा कि तुम सच में एक अच्छे लेखक हो…फिर लेखक ने लिखा.. मेरा जादुई घरमैं,मेरी पत्नी और हमारे बच्चे,एक जादुई घर में रहते हैं….हम अपने गंदे कपड़े उतार देते हैं,जिन्हें अगले दिन साफ कर दिया जाता है
हम स्कूल और ऑफिस से आते ही अपने जूते उतार देते हैं, फिर अगली सुबह …
भारत भूषण
सितारा भी कभी इतनी गर्दिश में पड़ गया था कि उन्हें अपना गुजारा चलाने के वास्ते दोयम दर्जे की फ़िल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं करने को मजबूर होना पड़ा था।अलीगढ़ में 1920 में जन्मे भारत भूषण गायक बनने का ख्वाब लिए बम्बई की फ़िल्म नगरी में पहुंचे थे, लेकिन जब इस क्षेत्र में उन्हें मौका नहीं मिला तो उन्होंने निर्माता-निर्देशक केदार …
Read More »मानसिक गुलामी की आदत
बिलकुल नहीं, नाना जगन्नाथ शंकर सेठ वो पहले व्यक्ति है जिन्होंने इसके लिए पहल शुरू की थी | नाना स्वर्णकार परिवार में जन्मे थे और व्यवसाई घराना होने के कारण वे धन संपदा से काफी संपन्न भी थे, इंग्लैंड में जब ट्रेन पहली बार चली तो ये पूरी दुनिया की हेडलाइन बन जाती है, ये खबर जब नाना तक पहुंची …
Read More »सुपर पापा थे तब ये मेरे।
ना चाहते हुए भी धीरे धीरे उनसे लगाव कम होता जा रहा है। मैं चाहता हूँ कुछ देर बैठूँ उनसे बातें करूँ पर वो एक ही बात की रट लगाने लग जाते हैं। उन्हें लगता है मैंने सुना नहीं। सुनाई उन्हें कम देता है तो मुझे भी कुछ कहने के लिए जोर से बोलना पड़ता है या एक ही बात …
Read More »वह तो एक साधारण सी महिला थी
विनीता के घर के सामने बहुत से लोगों की भीड़ लगी हुई थी ।सब लोग विनीता के दर्शन करने के लिए खड़े थे । विनीता कोई नेता थी नहीं ईश्वर थी नहीं वह तो एक साधारण सी महिला थी । लोग उसे पतिव्रता कहते हैं । लोगों का कहना था कि उसका पति उसे इतना मारता पीटता था पर उसने …
Read More »साधना
इस फिल्म में एक गाना था जिसे लोग आज भी गुनगुनाते हुए नजर आते हैं और वो है ‘मुड़ मुड़ के न देख मुड़ मुड़ के’। इस गाने में साधना कोरस गर्ल में नजर आई थीं। कहा जाता है कि इसी गाने की शूटिंग के दौरान साधना और राज कपूर की अनबन हो गई थी। यहां तक कि वह राज …
Read More »बशीर बद्र
डॉ॰ बशीर बद्र इनका पुरा नाम सैयद मुहम्मद बशीर जन्म (15 फ़रवरी 1935) को उर्दू का वह शायर माना जाता है जिसने कामयाबी की बुलन्दियों को फतेह कर बहुत लम्बी दूरी तक लोगों की दिलों की धड़कनों को अपनी शायरी में उतारा है। साहित्य और नाटक विद्यापीठ में किए गये योगदानो के लिए उन्हें 1972 में पद्मश्री से सम्मानित किया …
Read More »प्रख्यात लेखक रामदरश मिश्र
रामदरश मिश्र की गजलों में प्रेम, प्रकृति, शहर, गांव, मनुष्य, घर परिवार, एवं निजी अनुभवों की तमाम यात्राएं शामिल हैं. सामाजिक राजनीतिक जीवन की विडंबनाए भी. धार्मिकता के स्याह चेहरे भी. पर आम आदमी के पक्ष में उनकी आवाज में करुणा नजर आती है. कविताएं रामदरश जी की रचनात्मकता का पुराना ठीहा हैं तो ग़ज़लें उनके कवित्व का नया विस्तार. …
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