सांझ सवेरे संवारे मेरे कान्हा कान्हा गाती हु,सच कहती हु संवारे मेरे मन की शांति पाती हुसांझ सवेरे संवारे मेरे कान्हा कान्हा गाती हु, मैंने तुझसे प्रीत लगा ली हैतेरी बांसुरी मन में रमा ली हैमिल जाए प्रेम तुम्हारा मोहन बस इतना ही चाहती हुसांझ सवेरे संवारे मेरे कान्हा कान्हा गाती हु, मेरी रूह में तुम्ही समाये होमेरे रोम रोम …
Read More »SHYAM BHAJAN
मैं तो अपने मोहन की प्यारी साजन मेरो गिरधारी
मैं तो अपने मोहन की प्यारी साजन मेरो गिरधारी, कौन रूप कौन रंग अंग शोभा काहू सखी,काबू न देखि शवि वो निराली है,तन मन धन वारी संवारी सूरत वारी,माधुरी मूरत तीनो लोक से प्यारी है,मुकुट लटक थारो लगे मत वालो है,तेन सेन बेन जग उझारो है,एसो है मेरो गिरधारी,मैं तो अपने मोहन…………. आके माथे पे मुक्त देख चंद्रिका चटक देख,तेरी …
Read More »भजो भजो गोपाल
भजो भजो गोपाल,देखो प्रकट भये नंदलाला,देखो प्रकट भये नंदलाला,भजो भजो गोपाल, बृज में,प्रकट भये नंदलाला,देखो प्रकट भये नंदलाला,बाल रूप में आया देखो,जग का पालनहारा,भजो भजो गोपाल, बृज में,प्रकट भये नंदलाला,देखो प्रकट भये नंदलाला। मोटे मोटे नैन हैं,उनपर काजल डारे,अधरों पे है बाँसुरी,केश हैं घूँघर वारे,मोर मुकुट माथे पर साजे,गल वैजयंती माला,भजो भजो गोपाल, बृज में,प्रकट भये नंदलाला,देखो प्रकट भये नंदलाला। …
Read More »प्रेम जगत में सार
कहा घनश्याम, उधौ से वृन्दावन जरा जाना,वहाँ की गोपियों को ज्ञान, का कुछ तत्व समझाना,विरह की वेदना में वे सदा बेचैन रहती हैं,तड़पकर आँह भर कर और, रो रोकर ये कहती हैं,प्रेम जगत में सार और कुछ सार नहीं है,कहा घनश्याम, उधौ से वृन्दावन जरा जाना,वहाँ की गोपियों को ज्ञान, का कुछ तत्व समझाना। कहा उधौ ने हँसकर, अभी जाता …
Read More »भजन बिना कोई न जागै रे
भजन बिना कोई न जागै रे, लगन बिना कोई न जागै रैतेरा जनम जनम का पाप करेड़ा, रंग किस बिध लागे रै, संता की संगत करी कोनी भँवरा, भरम कैयाँ भागै रैराम नाम की सार कोनी जाणै, बाताँ मे आगै रै, या संसार काल वाली गीन्डी,टोरा लागे रै,गुरु गम चोट सही कोनी जावै, पगाँ ने लागे रै, सत सुमिरण का …
Read More »ऐसी मुरली बजा गया कान्हा
ऐसी मुरली बजा गया कान्हाँ,ऐसी मुरली बजा गया कान्हा,चैन दिल का चुरा गया कान्हा,ऐसी मुरली बजा गया कान्हा….. मैं तो पनघट पर पनिया भरन गई,मैं तो पनघट पर पनिया भरन गई,नाम ले ले बुला गया, कान्हां,ऐसी मुरली बजा गया कान्हा। छुप के बैठा कहाँ बंसी वाला,छुप के बैठा कहाँ बंसी वाला,कैसा जादू चला गया कान्हा,ऐसी मुरली बजा गया कान्हा। मैं …
Read More »कृष्ण गोवर्धनधारि हरे
कृष्ण गोवर्धन धारि हरे,जय मुरमर्दन मुरारि हरे, गोकुल कृत गोचारण ये,ब्रह्मा के भ्रम कारण हेमहेन्द्र महामद हारण हेजन-पशु-त्रास निवारण हेनन्द सुवन सुख कारण हेमोहन मुरली प्यारि धरे।। कृष्ण० जय नररूप नरायन हे,जग-हित गीता गायन हेजय सुख सौख्य प्रदायन हेभक्ति देहि अनपायन हेमति रत पाप परायन येचक्र सुदर्शन धारि हरे, कृष्ण० जय यदुवंश विभूषण हेकंस विमर्दन भूषण ये,जय हरि वाग-विभूषण हेहर …
Read More »तेरे चरणों में जीवन बिताऊं
तेरे चरणों में जीवन बिताऊं सुबह शाम,मेरे श्याम, मेरे श्याम,मेरे प्यारे घनश्याम।लबो पे रहता है बस तेरा ही नाम,मेरे श्याम, मेरे श्याम,मेरे प्यारे घनश्याम।बांके बिहारी तू है बांके बिहारी,बिगड़ी बनाता सबकी मदन मुरारी। तुझसे से मेरी दिन कटे,तुझसे मेरी रात मोहन,हर रोज़ तुम सपनों में,करते हो मुलाक़ात मोहन,तुझे अंतरआत्मा से करूँ मैं प्रणाम,मेरे श्याम, मेरे श्याम,मेरे प्यारे घनश्याम।लबों पे रहता …
Read More »कभी मेरे घर श्याम आया करो
न तुम बहाने बनाया करोकभी मेरे घर श्याम आया करोतेरे नाम का ही मैं तो दीवाना हो गयामेरे पास तेरी दया का खजाना हो गयामेरा खाटू में श्याम आना जाना हो गयाचुप के से तुम मिल जाया करोकभी मेरे घर श्याम आया करो मैंने सुना है बाबा तुम हो मिजाजीसारी दुनिया कहती हां जीदानी दयालु बड़े दातार हो भगतो से …
Read More »मटकी न फोड़ो सांवरियां मोहे माई मारेगी
मटकी न फोड़ो सांवरियां मोहे माई मारेगी, यमुना तट से नीर भरन को दूर से चल के आई,कैसे टूट गई रे मटकीपूछे गी मेरी माई,रसता छोड़ दे ओ सांवरियां ना कर यु तू अटखेली,मटकी न फोड़ो सांवरियां मोहे माई मारेगी, श्याम सलोने मान ले केहना दूर बहुत है जाना,इस में कोई माखन न है जो तुझको है खाना,पानी यमुना जी …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…