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Story for Children]

याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें:

बीपी: 120/80पल्स: 70 – 100तापमान: 36.8 – 37सांस : 12-16हीमोग्लोबिन: पुरुष -13.50-18स्त्री- 11.50 – 16कोलेस्ट्रॉल: 130 – 200पोटेशियम: 3.50 – 5सोडियम: 135 – 145ट्राइग्लिसराइड्स: 220शरीर में खून की मात्रा: पीसीवी 30-40%शुगर लेवल: बच्चों के लिए (70-130) वयस्क: 70 – 115आयरन: 8-15 मिलीग्रामश्वेत रक्त कोशिकाएं WBC: 4000 – 11000प्लेटलेट्स: 1,50,000 – 4,00,000लाल रक्त कोशिकाएं RBC: 4.50 – 6 मिलियन.कैल्शियम: 8.6 -10.3 …

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राजा हरिश्चन्द्र

पहली भारतीय फिल्म “राजा हरिश्चन्द्र” का प्रदर्शन / 3 मई 1913दादा साहेब फाल्के द्वारा निर्मित तथा सन् 1913 में प्रदर्शित फिल्म “राजा हरिश्चन्द्र” को भारत की पहली फीचर फिल्म होने का श्रेय प्राप्त है। “राजा हरिश्चन्द्र” चार रीलों की लम्बाई वाली एक मूक फिल्म है। इस फिल्म की कहानी हिन्दू पौराणिक ग्रंथों में वर्णित राजा हरिश्चन्द्र की कथा पर आधारित …

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मूंछो वाले

रेल का सफर जाने कितने किस्से कहानियों का जनक होता है। कुछ साल पहले तक मैं काफी रेल यात्राएं किया करता था। उस दौरान ऐसे कई अनुभव हुए, जो यादगार बन गए। वहीं कुछ विचित्र और असहज करने वाले वाक़्यात भी हुए।हिंदुस्तान में रेल केवल लोगों और सामान को यहां से वहां पहुंचाने का जरिया भर नहीं है, लाखों लोगों …

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बाजीराव पेशवा

जिस व्यक्ति ने अपनी आयु के 20 वे वर्ष में पेशवाई के सूत्र संभाले हो …40 वर्ष तक के कार्यकाल में 42 युद्ध लड़े हो और सभी जीते हो यानि जो सदा “अपराजेय” रहा हो …जिसके एक युद्ध को अमेरिका जैसा राष्ट्र अपने सैनिकों को पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ा रहा हो ..ऐसे ‘परमवीर’ को आप क्या कहेंगे …?आप उसे …

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इंकलाब जिंदाबाद ✊✊✊

भगत सिंह की बैरक की साफ-सफाई करने वाले #वाल्मीकि समाज के व्यक्ति का नाम #बोघा था। भगत सिंह उसको बेबे (मां) कहकर बुलाते थे। जब कोई पूछता कि भगत सिंह ये भंगी बोघा तेरी बेबे कैसे हुआ? तब भगत सिंह कहता, मेरा मल-मूत्र या तो मेरी बेबे ने उठाया, या इस भले पुरूष बोघे ने। बोघे में मैं अपनी बेबे …

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हमारे टाइम पुराने……!

हमारे टाइम पुराने। लाइट आया नहीं करती थी, आती थी तो बस इतना ही सानी काट ली, चून पीस लिया। बाकी तो बाहर आंगन या गली में में चारपाइयां होती थी, दोपहर को आंगन के पेड के नीचे कब घंटों बीत जाया करते थे पता कहां चलता था। जमाना बीत गया अब तो वैसी नींद लिए।खाने का मैन्यू भी फिक्स …

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बेटे का माँ से हिसाब

बेटा पढ़-लिख कर बहुत बड़ा आदमी बन गया | पिता के स्वर्गवास के बाद माँ ने हर तरह का काम करके उसे इस काबिल बना दिया था |  शादी के बाद पत्नी को माँ से शिकायत रहने लगी के वो उन के स्टेटस मे फिट नहीं है

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माँ कभी वापिस नहीं आती है

माँ जैसा भी कोई नहीं है.उम्र – दो साल — मम्मा कहाँ है ? मम्मा को दिखा दो, मम्मा को देख लूँ, मम्मा कहाँ गयी ?… उम्र – चार साल* — मम्मी कहाँ हो ? मैं स्कूल जाऊँ ? अच्छा bye मुझे आपकी याद आती है स्कूल में… उम्र – आठ साल* — मम्मा, लव यू, आज टिफिन में क्या …

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सिंहासन बत्तीसी की 28वीं कहानी – वैदेही पुतली की कथा!!

लगातार 27 पुतलियों से राजा विक्रमादित्य की महानता की कहानी सुनकर परेशान हो चुके राजा भोज ने एक बार फिर सिंहासन पर बैठने की कोशिश की। वह जैसे ही सिंहासन पर बैठने गए, तभी 28वीं पुतली वैदेही ने उन्हें रोका और राजा विक्रमादित्य की स्वर्ग यात्रा और इस दौरान उनके द्वारा किए गए पुण्य कार्यों का किस्सा बताना शुरू किया। …

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सिंहासन बत्तीसी की 29वीं कहानी – मानवती पुतली की कथा!!

सिंहासन का महत्वाकांक्षी राजा भोज 29वीं बार सिंहासन पर बैठने की कोशिश करता है। वह जैसे ही सिंहासन पर बैठने जाता है, तभी 29वीं पुतली मानवती उसे रोकती है और राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाने लगती है। इस बार कहानी राजा की बहन की शादी की है। आइए जानते हैं कि इस किस्से में 29वीं पुतली ने क्या सुनाया …

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