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अहंकार का परिणाम

Soo Uth Story

एक बार एक किसान की फसल चौपट हो गई। हारकर वह मेहनत-मजदूरी की तलाश में शहर चला गया। शहर से कुछ कमाई करने के बाद जब वह गांव लौट रहा था तो उसे रास्ते में एक ऊंटनी और उसका छोटा बच्चा नजर आया। किसान उन्हें अपने घर ले आया। कुछ दिन बाद एक कलाकार ग्रामीण जीवन के चित्रण हेतु उसी …

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गुरु द्रौण का पुत्र मोह

द्रौण को अपने पुत्र अश्वत्थामा से बहुत प्यार था। शिक्षा में भी अन्य छात्रों से भेदभाव करते थे। जब उन्हें सभी कौरव और पांडव राजकुमारों को चक्रव्यूह की रचना और उसे तोडऩे के तरीके सिखाने थे, उन्होंने शर्त रखी की जो राजकुमार नदी से घड़ा भरकर सबसे पहले पहुंचेगा, उसे ही चक्रव्यूह की रचना सिखाई जाएगी। सभी राजकुमारों को बड़े …

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जिधर देखूं जहाँ देखूं तेरा दीदार हो जाए

  बुत्तखाना और नसुए-हरम देख रहे हैं | साईं सनम को सारे सनम देख रहें हैं || करम इतना तो मुझ पे, साईं जी एक बार हो जाए, जिधर देखूं ,जहाँ देखूं, तेरा दीदार हो जाए | मुझे दुनिया से क्या मतलब, मुझे तुमपे भरोसा है | जिसे साईं नवाजे, उसका बेडा पार हो जाए || गदाई आप के दर …

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किसी का अंधा अनुसरण ना करने की सीख देती हिंदी कहानी

एक बार की बात है। एक गुरूजी थे। उनके बहुत से शिष्य थे। उन्होंने एक दिन अपने शिष्यों को बुलाया और समझाया-शिष्यों सभी जीवों में ईश्वर का वास होता है इसलिए हमें सबको नमस्कार करना चाहिए। कुछ दिनों बाद गुरूजी ने एक विशाल हवन का आयोजन किया और कुछ शिष्यों को लकड़ी लेने के लिए पास के जंगल भेजा। शिष्य लकड़ियाँ …

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जानिए कबीरदास की बेबाक सोच

know-kabiradas-helpless-thinking

एक बार रामानंद जी ने कबीरदास से कहा, श्राद्ध के दिन चल रहे हैं। पितरों का तर्पण करना है। इसलिए पितरों के लिए खीर बनाने का प्रबंध करो।’ कबीरदास जी खीर के लिए दूध लेने चल दिए। उस समय कबीरदास जी की उम्र महज 9 वर्ष थी। कबीर दास ने बाजार से दूध लिया और थोड़े आगे चले ही थे …

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मन को मनाने के लिए, आनंद की बारिश में भीगिए

to-celebrate-the-mind-enjoy-the-rain-of-joy

प्रभु यीशु एक बार झील किनारे उपदेश दे रहे थे। उपदेश के कुछ अंश इस तरह हैं, एक किसान बहुत सारे बीज लेकर खेत में बोने के लिए निकला। बीज कुछ रास्ते में गिर गए तो कुछ पक्षियों ने चुग लिए। कुछ पथरीली जमीन पर गिरे तो कुछ नम जमीन पर गिरकर अंकुरित हो गए। चट्टान होने के कारण कुछ …

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राम राम क्यों कहा जाता है

Have you ever wondered why many people meet each other

क्या कभी सोचा है कि बहुत से लोग जब एक दूसरे से मिलते हैं तो आपस में एक दूसरे को दो बार ही “राम राम” क्यों बोलते हैं ? एक बार या तीन बार क्यों नही बोलते ? दो बार “राम राम” बोलने के पीछे बड़ा गूढ़ रहस्य है क्योंकि यह आदि काल से ही चला आ रहा है… हिन्दी …

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ईश्वर चंद्र विद्यासागर!!

1 रुपया देकर उन्होंने भिखारी को बना दिया था बड़ा व्यापारी

भारतीय समाजसुधारक, शिक्षाविद् और स्वतंत्रता सेनानी ईश्वर चंद्र विद्यासागर का 1820 में जन्म हुआ था। विद्यासागर के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग आज भी प्रासंगिक है और बेहतर समाज की नींव रखने में सहायक हो सकते हैं।

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बोले हुए शब्द वापस नहीं आते

बोले हुए शब्द वापस नहीं आते

एक बार एक किसान ने अपने पडोसी को गुस्से में भला बुरा कह दिया, पर जब बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया| उसने संत से अपने शब्द वापस लेने का उपाय पूछा| संत ने किसान से कहा , ” तुम खूब सारे पंख इकठ्ठा कर लो , और उन्हें शहर के …

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इस तरह मिल सकता है सच्चा सुख

इस तरह मिल सकता है सच्चा सुख

एक बार वीर शिवाजी के गुरु समर्थ स्वामी रामदासजी भिक्षा मांगते हुए एक घर के सामने खड़े हुए और उन्होंने आवाज लगायी – जय जय रघुवीर समर्थ! घर से महिला बाहर आयी। उसने उनकी झोली मे भिक्षा डाली और कहा, महात्माजी, कोई उपदेश दीजिए। स्वामीजी बोले, आज नहीं, कल दूंगा। दूसरे दिन स्वामीजी ने पुन: उस घर के सामने आवाज …

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