ये कुञ्ज गली सकरी सकरी छिप गया कहा,
पकड़ी पकड़ी तेरी चोरी श्याम हो
ढूंडा सारा गाओ हो
ना श्याम मिले ना बांसुरियां की मीठी तान हो
ढूंडा सारा गाओ हो
तुझे पल पल चाहू तेरी शरण में आऊ,
जो दिखे श्याम तो पगली हो जाऊ,
तुझपे अर्पण मेरे तन मन दिखे मुझको दर्पण दर्पण तेरी सूरत श्याम हो,
ढूंडा सारा गाओ हो
चाहे याहा भी जाऊ
तुझमे खो जाऊ,
मेरे नटखट मोहन तुझे भूल न पाऊ,
अब दूर करो मेरी उल्जन पाउ तुमको हर जन्म जन्म
मेरे घनश्याम हो
ढूंडा सारा गाओ हो
ना श्याम मिले ना बांसुरियां की मीठी तान हो
ढूंडा सारा गाओ हो……….
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