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झुंझुनू जावेली रेल गाड़ी


चालो चालो रे बुलावे रानी सती दादी
झुंझुनू जावे ले छुक छुक रेल गाडी,

बाधो आयो मेलो बरसी झुंझुनू मैं वारी,
दादी के मंदिर जाने की करलो सब तयारी
ले लेयो रे चुनर इक लाल साड़ी,
झुंझुनू जावे ले छुक छुक रेल गाडी,

आयो ये सुनार पति से बोल रही है पत्नी
आज जडायो दादी जी इक सोने की नथनी
मंगवालो रे सुनार से पूजा की थाली
झुंझुनू जावे ले छुक छुक रेल गाडी,

झुंझनु जावे लोग लुगाई जावे सुसुर सासू
टाबर बोले मैं भी जा सा लुड़का बे सब आसु
लागे लागे टाबरियां की टिकट आधी
झुंझुनू जावे ले छुक छुक रेल गाडी,

सांचे मन से जाए झुंझुनू दादी ने रिजाओ
दादी जी दीदार गनेरा मन ईशा फल पाओ
बोले बोलो रे राजीव आई अमावश मादी
झुंझुनू जावे ले छुक छुक रेल गाडी………….

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