मैं बरसने की राधा तुझे समजाऊ से
मत फोड़ दही की मटकी तोहे सजा करा दू से
मैं वृन्दावन का ग्वाला तुझको बतलाऊ से
मुरली की धुन पर मैं सब को नाच नचाऊ से,
मत इतरावे कान्हा इतना अकड़ धरी रह जावे से
मैं गोरी तू काला कान्हा श्यामा सखियाँ हसी उडावे से
मेरे कान्हा तो को धमकी साच बता दू से,
मत फोड़ दही की मटकी तोहे सजा करा दू से
मत कर जोर जोरी राधा काहे को इतरावे से
बातो में न आऊ राधा काहे तू बहकावे से
कार्लो प्यारी अपने मन की मजा चखा दू से
मुरली की धुन पर मैं सब को नाच नचाऊ से,
तेरा मेरा मेल पुराना जाने श्रृष्टि सारे से
राधा के संग में है कान्हा केहता कृष्ण मुरारी
नागर राधा श्याम की जोड़ी सब को दिख लाऊ से
मत फोड़ दही की मटकी तोहे ……….
wish4me Your wish may come true today…