मन भज गोविन्दम हरे हरे……
मन भज गोविन्दम हरे हरे,
सुक सनकादिसिद्ध मुनि नारद,
शिव- बिरंचि नित ध्यान धरे,
मन भज गोविन्दम……..
नील सरोरुह श्याम नीलमणि,
मदन मदहरण नीलधरे,
मन भज गोविन्दम……..
करुणा सागर नटवर नागर,
नैन मनोहर प्रेम भरे,
मन भज गोविन्दम……..
सुमिरत मिटत राग भय तृष्णा,
कलि कलुष भवसिंधु तरे,
मन भज गोविन्दम……..
ऐ श्याम मेरे कन्हैया संभालो,
तेरे भरोसे है नैया संभालो,
मुरली मनोहर गिरधर,
बंसी बजैया संभालो,
ऐ श्याम मेरें कन्हैया संभालो,
तेरे भरोसे है नैया संभालो।।
दुनिया के भव सागर में,
बड़ी लम्बी दूर किनारा है,
कोई सहारा नजर ना आये,
चारो तरफ अँधियारा है,
एक तू ही पार लगैया संभालो,
तेरे भरोसे है नैया संभालो,
मुरली मनोहर गिरधर,
बंसी बजैया संभालो,
ऐ श्याम मेरें कन्हैया संभालो,
तेरे भरोसे है नैया संभालो।।
मन भज गोविन्दम हरे हरे……
मन भज गोविन्दम हरे हरे……
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