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नैनन में गोपाल


बसो मेरे नैनन में गोपाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल ॥

तेरी छवि पे बलि बलि जाउँ,
बांकेबिहारी लाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल ॥

मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
गल वैजन्तीमाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल ॥

तेरा दरस पाने को व्याकुल,
मन मेरा बेहाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल ॥

कब तक तरसेगीं ये आंखें,
बीत रहे दिन साल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल ॥

राधारानी की कृपा मिले जो,
करूणामयी की कृपा मिले जो,
राधारानी की कृपा मिले जो,
बरसाने वाली की कृपा मिले जो,
हो जाऊं मैं निहाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल ॥

संजय दूजी चाह ना कोई,
मेरी दूजी चाह ना कोई,
चाहूँ बस नन्दलाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल,
बसो मेरे नैनन में गोपाल……

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