नर देहि पायी चित्त चरण कमल दीजै,दीन बचन संतन संग दरस परस कीजै| लीला गुण अमृत रस श्रवणन पुट पीजै,सुन्दर सुख निरख ध्यान नैन माहि लीजै| गदगद सुर पुलक रोम अंग प्रेम भीजै,सूरदास गिरिधर जस गाये गाये जीजै| नर देहि पायी चित्त चरण कमल दीजै,दीन बचन संतन संग दरस परस कीजै| लीला गुण अमृत रस श्रवणन पुट पीजै,सुन्दर सुख निरख …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…