परिचय : भगतो पर जब भी संकट के बादल मंडराते है,माँ की लाल चुनरिया बच्चो की सिर पर ममता की छाया बनकर ढक लेती है | कुछ ऐसे ही भावो को माँ अपने भगतो के लिए कहना चाहती है | पल्लो चुनरी को गेर,ढक कर राखूं चारूं मेर काई कर लेसी ओ सारो संसार देखले रांखू कालजे में भगतां को …
Read More »Tag Archives: लाल
खून से सींचा जिसको मैंने,फूल के जैसे पाला है
बचपन में माँ अपने बच्चों को बोलना सिखाती है और बोलते हुए बच्चों को देख वो बोहोत खुश होती है,पर जब वह बच्चा बड़ा होता है तो माँ को सब के सामने चुप रहना सिखाता है…ये कैसा न्याय है? खून से सींचा जिसको मैंने,फूल के जैसे पाला है, आज उसी बेटे ने अपने घर से मुझको निकाला है । गर्मी …
Read More »
wish4me Your wish may come true today…