जब हम छोटे थे तब माँ रोटियां एक स्टील के कटोरदान में रखा करती थी। रोटी रखने से पहले कटोरदान में एक कपडा बिछाती वो कपडा भी उनकी पुरानी सूती साड़ी से फाड़ा हुआ होता था।वो कपडा गर्म रोटियों की भाप से गिरने वाले पानी को सोख लेता था, जैसे माँ की साड़ी का पल्लू सोख लेता था, हमारे माथे …
Read More »Tag Archives: Mora
हमारो पर्णाम पर्णाम बक़ेबिहारी को
मोरा मुकुटा माथे तिलक़ा बिराजे, कुंडला अलका करी को आधारा माधुरा परा बंसी बाजवाई रिझा रिझवाई राधा प्यारी को यहा च्चवि देखा मगाना भाई मीरा, मोहना गिरधारा -धरी को [To English wish4me] Mora Mukuta Mathe Tilaka Biraje, Kumdala Alaka Kari Ko Adhara Madhura Para Bamsi Bajavai Rijha Rijhavai Radha Pyari Ko Yaha Chhavi Dekha Magana Bhai Mira, Mohana Giradhara -dhari …
Read More »