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Tag Archives: Moral story in Hindi

जैसा अन्न वैसा मन

जैसा अन्न वैसा मन एक बार एक ऋषि ने सोचा कि लोग गंगा में पाप धोने जाते हैं, तो इसका मतलब हुआ कि सारे पाप गंगा में समा गए और गंगा भी पापी हो गयी ! अब यह जानने के लिए तपस्या की, कि पाप कहाँ जाता हैं ? तपस्या करने के फलस्वरूप देवता प्रकट हुए , ऋषि ने पूछा …

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Professor Walter

एक शिक्षक ने क्लास के सभी बच्चों को एक एक खूबसूरत टॉफ़ी दी और फिर कहा…”बच्चो ! आप सब को दस मिनट तक अपनी टॉफ़ी नहीं खानी है और ये कहकर वो क्लास रूम से बाहर चले गए।” कुछ पल के लिए क्लास में सन्नाटा छाया था, हर बच्चा उसके सामने पड़ी टॉफ़ी को देख रहा था और हर गुज़रते …

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झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई का बेटा दामोदर राव

झांसी के अंतिम संघर्ष में महारानी की पीठ पर बंधा उनका बेटा दामोदर राव (असली नाम आनंद राव) सबको याद है. रानी की चिता जल जाने के बाद उस बेटे का क्या हुआवो कोई कहानी का किरदार भर नहीं था, 1857 के विद्रोह की सबसे महत्वपूर्ण कहानी को जीने वाला राजकुमार था जिसने उसी गुलाम भारत में जिंदगी काटी, जहां …

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यह है दक्षिण भारत का एक ग्रन्थ

अति दुर्लभ एक ग्रंथ ऐसा भी है हमारे सनातन धर्म मेंइसे तो सात आश्चर्यों में से पहला आश्चर्य माना जाना चाहिए —यह है दक्षिण भारत का एक ग्रन्थक्या ऐसा संभव है कि जब आप किताब को सीधा पढ़े तो राम कथा के रूप में पढ़ी जाती है और जब उसी किताब में लिखे शब्दों को उल्टा करके पढ़ेतो कृष्ण कथा …

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डीडी कोसाम्बी की इतिहास दृष्टि

अभी कुछ दिनों पहले इतिहास लेखन वाले भाग में मैंने लिखा था कि 1950 के दशक में मार्क्सवादी इतिहास लेखन का उदय हुआ, जिसका प्राचीन भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन में सबसे प्रभावशाली भूमिका रही। मार्क्सवादी इतिहास लेखन पर अधिकाँश लोग ये आरोप लगाते हैं कि इसने प्राचीन भारतीय इतिहास को विकृत कर दिया लेकिन इस लेखन की सबसे बड़ी उपलब्धि …

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वासुदेव बलवंत फड़के

अगर बात करे भारतीय स्वतंत्रता की क्रांति और उन क्रांतिकारियों की जिनकी वजह से देश को आजादी मिली तो इतिहास की रेत में शायद हज़ारों नाम दबे मिले। पर हम सिर्फ कुछ नामों से ही रु-ब-रु हुए हैं। वैसे तो भारत माँ के इन सभी सपूतों के बारे में जानकारी सहेजने की कोशिश जारी है ताकि आने वाली हर पीढ़ी …

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भोजन संस्कृति

हमने कभी वेदों का अध्ययन नही किया,हमने कभी गीता पढ़कर उसे अमल में लाने का प्रयास नही किया,हमने योग विद्या को कभी नही अपनाया,हमने आयुर्वेद में कोई अनुसंधान नही किया,हमने संस्कृत भाषा को कोई महत्व नही दिया ऐसी बहुत सी अच्छी और महत्वपूर्ण चीजें है जो हमारे पूर्वज हमारे बुजुर्ग हमे विरासत में दे गए पर हम पाश्चात्य संस्कृति अपनाने …

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पॉजिटिव सोच

आपसे कोई पूछे भारत के सबसे अधिक शिक्षित एवं विद्वान व्यक्ति का नाम बताइए जो-▪️डाक्टर भी रहा हो,▪️वकील भी रहा हो,▪️IPS अधिकारी भी रहा हो,▪️IAS अधिकारी भी रहा हो,▪️कुलपति भी रहा हो,▪️विधायक, मंत्री, सांसद भी रहा हो,▪️चित्रकार, फोटोग्राफर भी रहा हो,▪️मोटिवेशनल स्पीकर भी रहा हो,▪️पत्रकार भी रहा हो,▪️संस्कृत, गणित का विद्वान भी रहा हो,▪️इतिहासकार भी रहा हो,▪️समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र का भी …

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#AlluriSitaRamaRaju

भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले वीर क्रांतिकारी अल्लूरी सीताराम राजू का जन्म 4 जुलाई 1897 को हुआ था.उन्होंने देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। सन 1882 में मद्रास फारेस्ट एक्ट को मंजूरी दी गयी थी जिसके कारण जंगल में रहने वाले जनजाति के लोगो पर बहुत बड़ा संकट आ गया था। …

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परफॉरमेंस देखनी हो तो ‘शक्ति’ ज़रूर देखें

अमिताभ बच्चन ने कभी एक इंटरव्यू में कहा था कि दिलीप साब की ‘गंगा जमुना’ उन्होंने कम से कम पच्चीस मर्तबे देखी थी. मतलब, वो बहुत बड़े फैन थे दिलीप साब के. इसीलिए एक सुबह जब उन्होंने खुद को ‘शक्ति’ में पाया तो लगा मानों खुदा मिल गया है. इसमें वो दिलीप साब के बेटे थे. दोस्तों और शुभचिंतकों ने …

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