Breaking News

Tag Archives: Moral story in Hindi

विवाह किसे कहते है?

क्या नाचने गाने को विवाह कहते हैं, क्या दारू पीकर हुल्लड़ मचाने को विवाह कहते हैं, क्या रिश्तेदारों और दोस्तों को इकट्ठा करके दारु की पार्टी को विवाह कहते हैं ? डी जे बजाने को विवाह कहते हैं, नाचते हुए लोगों पर पैसा लुटाने को विवाह कहते हैं, घर में सात आठ दिन धूम मची रहे उसको विवाह कहते हैं? …

Read More »

भाग्य….

एक रेस्टोरेंट में कई बार देखा गया कि, एक व्यक्ति (भिखारी) आता है और भीड़ का लाभ उठाकर नाश्ता कर चुपके से बिना पैसे, दिए निकल जाता है। एक दिन जब वह खा रहा था तो एक आदमी ने चुपके से दुकान के मालिक को बताया कि यह भाई भीड़ का लाभ उठाएगा और बिना बिल चुकाए निकल जाएगा।उसकी बात …

Read More »

“बनियों की कंजूसी कुछ उदाहरण”

दोस्तों दिल्ली में ‘चांदनी चौक’ प्रसिद्ध Jain Lal Temple मन्दिर है। ये लगभग 600 साल पुराना मन्दिर है।इसके बारे में कहते हैं। जब क्रूर, बेरहम, औरंगजेब ने इस मंदिर को तोड़ने का आदेश अपने सिपाहियों को दिया तो, ये बात लाला भागमल जी को पता चली, जो बहुत बड़े व्यापारी थे।उन्होंने औरंगजेब की आंखों में आंखे डालकर ये कह दिया …

Read More »

सिंहासन बत्तीसी की बारहवीं कहानी – पद्मावती पुतली की कथा!!

विक्रमादित्य की खूबियों के बारे में बताने के लिए इस बार बारहवीं पुतली सिंहासन से निकलती है। वह राजाभोज को राजा विक्रमादित्य और एक राक्षस की कहानी सुनाती है। एक दिन राजा विक्रमादित्य अपने राज-पाठ का काम खत्म करके सुहाने मौसम का आनंद उठा रहे थे। तभी उन्हें एक महिला की चीख सुनाई दी। वह मदद के लिए के लिए …

Read More »

समुद्र के किनारे जब एक तेज़ लहर आयी तो एक बच्चे का चप्पल ही अपने साथ बहा ले गयी..

बच्चा रेत पर अंगुली से लिखता है… “समुद्र चोर है” उसी समुद्र के दूसरे किनारे पर एक मछुवारा बहुत सारी मछलियाँ पकड़ लेता है…. वह उसी रेत पर लिखता है…”समुद्र मेरा पालनहार है” एक युवक समुद्र में डूब कर मर जाता है…. उसकी मां रेत पर लिखती है… “समुद्र हत्यारा है” एक दूसरे किनारे एक गरीब बूढ़ा टेढ़ी कमर लिए …

Read More »

विक्रम बेताल की बाईसवीं कहानी: चार ब्राह्मण भाइयों की कथा!!

जब राजा विक्रमादित्य ने एक बार फिर बेताल को पकड़ा, तो उसने हर बार की तरह एक नई कहानी शुरू कर दी। बेताल ने कहानी सुनाते हुए राजा विक्रमादित्य से कहा…. कुसुमपुर नाम के एक नगर में एक ब्राह्मण परिवार रहा करता था। ब्राह्मण के परिवार में चार बेटे और उसकी पत्नी थी। ब्राह्मण अपने परिवार के साथ सुखी-सुखी जीवन …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : पूस की रात!!

हल्कू ने घर आकर अपनी पत्नी मुन्नी से कहा, “घर में जो रुपए रखे हैं उसे ले आओ, सहना आया है, उसे दे देता हूं, ताकि उससे पीछा छूटे।” बरामदे में झाड़ू लगा रही मुन्नी ने पलटकर गुस्से से हल्कू को देखा और बोली, “चार रुपए ही तो बचे हैं घर में, अब वो भी सहना को दे दोगे, तो …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : पंच परमेश्वर !!

जुम्मन शेख और अलगू चौधरी दो पक्के दोस्त थे। वो हिस्सेदारी में खेती करते थे, यहां तक कि उनका कुछ लेन-देन भी एक साथ होता था। दोनों एक दूसरे पर पूरा विश्वास करते थे। जुम्मन जब हज पर गया, तो अलगू पर अपने घर की जिम्मेदारी छोड़ गया था और जब अलगू बाहर किसी काम से जाता, तो जुम्मन को …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : धिक्कार!!

बात उस समय की है जब ईरान और यूनान के बीच लड़ाई हो रही थी। ईरानियों का आक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा था और यूनानी कमजोर पड़ रहे थे। आलम ऐसा था कि देश के सारे व्यापार बंद हो चुके थे और सभी युद्ध की तैयारी में जुट गए थे। यहां तक की देश के किसान भी अपने हाथों …

Read More »

मुंशी प्रेमचंद की कहानी : एक आंच की कसर!!

पूरी नगरी में श्रीमान यशोदानंद की खूब चर्चा हो रही थी। उनकी कीर्ति के बारे में नगरवासी ही नहीं, बल्कि अखबारों में तक लोग लिख रहे थे। उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा थी। यही तो होती है समाज सेवा, जो इंसान को इतना मान-सम्मान दिला दे। ऊंचे विचार के लोग अक्सर ही …

Read More »