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Tag Archives: motivatonal story for kids

सिंहासन बत्तीसी की 29वीं कहानी – मानवती पुतली की कथा!!

सिंहासन का महत्वाकांक्षी राजा भोज 29वीं बार सिंहासन पर बैठने की कोशिश करता है। वह जैसे ही सिंहासन पर बैठने जाता है, तभी 29वीं पुतली मानवती उसे रोकती है और राजा विक्रमादित्य की एक कहानी सुनाने लगती है। इस बार कहानी राजा की बहन की शादी की है। आइए जानते हैं कि इस किस्से में 29वीं पुतली ने क्या सुनाया …

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सिंहासन बत्तीसी की 30वीं कहानी – जयलक्ष्मी पुतली की कथा!!

अलग-अलग पुतलियों की उलाहना सुन-सुनकर थक चुका राजा भोज हिम्मत करके 30वीं बार भी सिंहासन पर बैठने जाता है, लेकिन इस बार उसे 30वीं पुतली जयलक्ष्मी रोकती है और कहती है कि अगर तुम राजा विक्रमादित्य की तरह तपस्वी हो, तो ही इस सिंहासन पर बैठो। यह कहते हुए 30वीं पुतली जयलक्ष्मी उसे राजा विक्रमादित्य के तपस्वी होने से जुड़ी …

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नटखट परी और जादुई गुफा की कहानी!!

एक समय की बात है एक बहुत ही नटखट परी थी। वह पूरी दुनिया देखना चाहती थी। यह सोचकर वह अपने सभी लोगों से अलग हो गई। वह हर दिन बहुक दूर-दूर तक जाती और नए लोग व नई दुनिया देखती थी। एक दिन वह उड़ती हुई एक घर के पास पहुंची। वहां पर वह खिड़की के पास छिप गई। …

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राजकुमारी और मटर की कहानी!!

किसी राज्य में एक बहुत ही बलवान राजा का राज चलता था। उसकी रानी भी बहुत सुंदर और समझदार थी। राजा-रानी को एक पुत्र था। दोनों मे अपने पुत्र के पालन-पोषण से लेकर, उसकी शिक्षा-दीक्षा में किसी तरह की कोई कमी नहीं होने दी थी। राजुकमार भी बहुत सुंदर था। उसका व्यवहार विनम्र था और वह हर से एक सुयोग्य …

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रॅपन्ज़ेल की कहानी!!

एक समय की बात है, जर्मनी के एक गांव में जॉन नाम का एक आदमी रहता था। उसकी पत्नी का नाम नैल था। वो दोनों निसंतान थे। उनकी इच्छा थी कि उन्हें भी एक प्यारा-सा बच्चा हो जाए। इसके लिए वो रोज भगवान से प्रार्थना करते थे। एक दिन भगवान ने उनकी प्रार्थना सुन ली और नैल गर्भवती हो गई। …

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मेंढकों की दौड़!!

एक सरोवर में बहुत सारे मेंढक रहते थे। सरोवर के बीचों -बीच दो बहुत पुराने लकड़ी के खम्बे लगे हुए थे, जिस पर मछुआरे अपने जाल लगा देते थे। उसमे से एक खम्भा काफी ऊँचा था और उसकी सतह भी बिलकुल चिकनी थी। एक दिन मेंढकों के दिमाग में आया कि क्यों ना एक रेस करवाई जाए। रेस में भाग …

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साप और चिड़िया की कहानी!!

जंगल के एक बड़े से पेड़ की खोल में बहुत सी छोटी-छोटी चिड़िया रहती थी। उसी पेड़ की जड़ में एक साँप भी रहता था। वह चिड़ियों के छोटे-छोटे बच्चों को खा जाता था। एक बार चिड़िया साँप द्वार बार-बार बच्चों के खाये जाने पर बहुत दुःखी और विरक्त सी होकर नदी के किनारे आ बैठी। उसकी आँखों में आँसू …

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मौसम की तैयारी!!

तिलारी वन में ठण्ड दस्तक दे रही थी, सभी जानवर आने वाले कठिन मौसम के लिए तैयारी करने में लगे हुए थे। एक पेड़ पर रहने वाली चिड़िया भी उनमे से एक थी। हर साल की तरह उसने अपने लिए एक शानदार घोंसला तैयार किया था और अचानक होने वाली बारिश और ठण्ड से बचने के लिए उसे चारो तरफ …

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कौवे का शिकार!!

एक पहाड़ की ऊंची चोटी पर एक बाज रहता था, वह पेड़ के आसपास रहते हुए खरगोश को आसानी से पकड़ कर खा जाता था। पहाड़ की तराई में बरगद के पेड़ पर एक कौआ अपना घोंसला बनाकर रहता था। वह बाज को खरगोश की शिकार करते हुए देखता था। उसकी कोशिश सदा यही रहती थी कि बिना मेहनत किए …

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हाथी और चिड़िया का झगड़ा!!

साहनपुर जंगल में बहुत सारे हाथी रहने के लिए आये क्योंकि वहां बहुत सारा पानी उपलब्ध था। पहले सिर्फ दस हाथी रहते थे, लेकिन अब उनकी संख्या लगभग पचास पर पहुंच गयी थी। जंगल के नदी किनारे पेड पर एक चिडिया व चिडे का छोटा-सा सुखी परिवार रहता था। चिडिया अंडो पर बैठी नन्हें-नन्हें प्यारे बच्चों के निकलने के सुनहरे …

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