नमो नमो विष्णु हरी जी जग के पालनहार है,सुंदर रूप मनोहर सूरत भगतन के प्रतिपाल है| माथे मूकटा स्वर्ण का है रूप चतुर भुज आप का,शंख चकर पदम् के धारी गल वैजयन्ती माल है,नमो नमो विष्णु हरी जी… तुमने धुरव प्रहलाद उभारे पापी तुम सब मार दिए,जब जब धरा संकट में आई आप धरे अवतार है,नमो नमो विष्णु हरी जी…… …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…