एक बार में ट्रैन से सफर कर रहे थे मुझे टॉयलेट जाना था तो में गया भी, ज़ब में टॉयलेट के अंदर गए तो मुझे वहाँ कुछ नम्बर लिखें हुए मिला मैंने ट्रेन के टॉयलेट के दरवाज़े के पीछे लिखें नंबर में कॉल लगाया |
“आप अनीता जी बोल रहीं हैं”
“जी हाँ, लेकिन आप कौन और आपको मेरा ये नंबर कहाँ से मिला”
“दरसल वो ट्रेन.., दरसल वो ट्रेन के डिब्बे में किसी ने आपका नंबर आप के नाम से लिख रखा है, शायद आपका कोई अच्छा दुश्मनः या फिर कोई बुरा दोस्त होगा, जो भी हो आपसे ये कहना था कि हो सके तो ये नंबर चेंज करवा लीजिये या फिर किसी अच्छे से जवाब के साथ तैयार रहिये, वैसे अब तक जितने कॉल्स आ गए, आ गए.., आज के बाद किसी का नहीं आएगा क्योंकि ये नंबर मैं यहाँ से हटा देता हूँ ।
जी रखता हूँ ख्याल रखिएगा” और मैं फ़ोन काट उस नंबर और नाम को मिटाने में लग गया!
-आप सबको जानकर ताज्जुब होगा अनीता जी अनजाने नंबर और उनपे सुन रही गंदे और भद्दे बातों की वज़ह से बहुत ज़्यादा परेशान रही थी, तभी से मेरी ज़िंदगी को एक और दिशा मिली और मैं सार्वजनिक स्थानों पे लिखे ऐसे नम्बरों को मिटा देता हूँ, ताकि किसी न किसी को तो बचाया जा सके..!!
माना कि तुम किसी बुराई की वज़ह नहीं होंगे, पर किसी अच्छाई की वजह तो बन ही सकते हो..!! अतः आप भी कही इस तरह का कुछ देखें तो तुरंत नंबर व नाम मिटा कर एक अनजान खतरे से बहन-बेटियों की मदद करें.
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