यह कहानी एक कुत्ते की है जिसका मालिक एक प्रोफेसर था। जो जापान के एक कॉलेज में पढ़ाया करते थे। वह कुत्ता बहुत ही वफादार था।
वह अपने मालिक को स्टेशन छोड़ने जाता था और उन्हें लेने भी जाया करता था। एक दिन जब वह अपने मालिक को स्टेशन छोड़ कर आया और फिर उन्हें लेने गया तो उसके मालिक वहां नहीं आए। क्योंकि प्रोफेसर जब क्लास में पढ़ा रहे थे तब हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गई।
इसलिए वह स्टेशन नहीं जा पाए। लेकिन वह कुत्ता उनका इंतजार करता रहा वह लगभग उनका 10 साल तक उसी जगह पर उनके आने का इंतजार करता रहा और वही मर गया।
उस कुत्ते का नाम हिचको था जिसका स्मारक आज भी जापान में मौजूद है। बच्चों वफादारी हर एक इंसान के अंदर होनी चाहिए और इस बेजान जानवर ने हम सब कुछ सिखा दिया की वफादारी कैसी होती है?
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