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धृतराष्ट्र का पुत्र मोह

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हस्तिनापुर नरेश धृतराष्ट्र जन्म से अंध थे। इस कारण वह ज्येष्ठ पुत्र होते हुए भी राजा बनने योग्य नहीं थे। परंतु राजा पांडु एक गंभीर बीमारी का शिकार हो जाने की वजह से वन प्रस्थान कर गए थे और एक राज्य का सिंहासन रिक्त नहीं रखा जा सकता था, इसलिए धृतराष्ट्र को पांडु का प्रतिनिधि राजा बनाया गया था। एक बार राजसुख का …

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एक क्षमा ऐसी

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गोदावरी नदी का तट और उसके नजदीक एकाग्रता पूर्ण तरीके से संत एकनाथ बैठे हुए थे। उनके दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग आते थे। वह जिस गांव में रहते थे, वहां एक चबूतरा था। जहां दिनभर संत विरोधियों का जमघट रहता था। एक दिन वहां एक व्यक्ति आया और तब उन्होंने कहा, तुम संत एकनाथ को नाराज करके दिखाओ। …

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राजा भोज और व्यापारी

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यह एक मनोवैज्ञानिक सत्य है कि जैसा भाव हमारे मन मेे होता है वैसा ही भाव सामने वाले के मन में आता है। इस सबंध में एक ऐतिहासिक घटना सुनी जाती है जो इस प्रकार है- कहते हैं कि एक बार राजा भोज की सभा में एक व्यापारी ने प्रवेश किया। राजा ने उसे देखा तो देखते ही उनके मन में …

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इसीलिए कभी न छोड़ें आत्म संयम

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बोधिसत्व (बुद्धत्व पाने के लिये बौधिसत्व को दस अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है। उस व्यक्ति के बोधिसत्व कहा जाता है। बोधिसत्व किसी व्यक्ति का नाम भी हो सकता है।) का जन्म वाराणसी के बंजारों के यहां हुआ था। उस समय बंजारों का काम था खाने पीने और जरूरत में आने वाली अन्य वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक …

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धर्म की निंदा होने पर दिया उचित तर्क

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बात उस समय की है जब स्वामी विवेकानंद पूना (वर्तमान में पुणे) गए हुए होते थे। वह रेलगाड़ी से वहां जा रहे थे। तभी वहां कुछ शिक्षित लोगों ने अंग्रेजी भाषा में सन्यासियों की निंदा करना शुरू कर दी। उन्हें लगा कि स्वामी जी को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान ने होने के चलते वह नहीं समझ पाएंगे। चर्चा जब रुकने …

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ज़िन्दगी में अच्छी बातों पर ध्यान देने की सीख देती

ज़िन्दगी में अच्छी बातों पर ध्यान देने की सीख देती

एक दिन एक प्रोफ़ेसर अपनी क्लास में आते ही बोला, “चलिए, surprise test के लिए तैयार हो जाइये। सभी स्टूडेंट्स घबरा गए…कुछ किताबों के पन्ने पलटने लगे तो कुछ सर के दिए नोट्स जल्दी-जल्दी पढने लगे। ये सब कुछ काम नहीं आएगा….”, प्रोफेसर मुस्कुराते हुए बोले, “ मैं question paper आप सबके सामने रख रहा हूँ, जब सारे पेपर बट …

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ईश्वर में विश्वास रखने की सीख देती प्रेरक कहानी

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4 साल से किशनगढ़ गाँव में बारिश की एक बूँद तक नहीं गिरी थी। सभी बड़े परेशान थे। हरिया भी अपने बीवी-बच्चों के साथ जैसे-तैसे समय काट रहा था। एक दिन बहुत परेशान होकर वह बोला, “अरे ओ मुन्नी की माँ, जरा बच्चों को लेकर पूजा घर में तो आओ…” बच्चों की माँ 6 साल की मुन्नी और 4 साल के राजू …

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भगवान शिव के 108 नाम

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भगवान शिव के 108 नाम —- १- ॐ भोलेनाथ नमः २-ॐ कैलाश पति नमः ३-ॐ भूतनाथ नमः ४-ॐ नंदराज नमः ५-ॐ नन्दी की सवारी नमः ६-ॐ ज्योतिलिंग नमः ७-ॐ महाकाल नमः ८-ॐ रुद्रनाथ नमः ९-ॐ भीमशंकर नमः १०-ॐ नटराज नमः ११-ॐ प्रलेयन्कार नमः १२-ॐ चंद्रमोली नमः १३-ॐ डमरूधारी नमः १४-ॐ चंद्रधारी नमः १५-ॐ मलिकार्जुन नमः १६-ॐ भीमेश्वर नमः १७-ॐ विषधारी …

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किसी को भी कमतर न आंके

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एक बार चौड़े रास्ते ने पगडंडी से कहा, ‘मुझे लगता है कि तुम मेरे आसपास ही चलती हो।’ पगड़ंगी ने विनम्रता से कहा, ‘नहीं मालूम, तुम्हारे रहते लोग मुझ पर ही चलना क्यों पसंद करते हैं। जब कि मैं तुमसे काफी छोटी हूं।’ उसी समय संयोगवश एक वाहन आकर रुका। सामने एक छोटा सा पुल था। जिस पर बोर्ड लगा …

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इसलिए है अलग-अलग दृष्टिकोण

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कबीर की सादगी देख उनके कुछ शिष्य दुःखी रहते थे। एक दिन साहस करते हुए एक शिष्य बोला, ‘गुरुवर आप सादगी से क्यों रहते हैं? आप एक सिद्ध पुरुष हैं। ऐसे में आपका कपड़ा बुनना भी अजीब है।’ कबीर थोड़ा मुस्कुराए, और फिर बोले, पहले में अपना पेट पालने के लिए बुनता था, लेकिन अब में सभी के अंदर समाए …

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