श्री वैद्यनाथ शिवलिंग समस्त ज्योतिर्लिंगों में नौवें स्थान पर है। यह झारखंड के देवघर जिले में स्थित है। देवघर शब्द का अर्थ है – ऐसा स्थान जहां देवी-देवता निवास करते हों। इसलिए इसे देवघर या बाबा धाम भी कहा जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसी भी द्वादश ज्योतिर्लिंग से अलग यहां के मंदिर के …
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सावन के पवित्र महीनें में जानिए शिवजी के पवित्र धामों के बारें में
भगवान शिव का ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। इस स्थान पर नर्मदा के दो धाराओं में विभक्त हो जाने से बीच में एक टापू सा बन गया है। इस टापू को मांधाता पर्वत या शिवपुरी कहते हैं। नदी की एक धारा इस पर्वत के उत्तर और दूसरी दक्षिण होकर बहती है। दक्षिण वाली …
Read More »हरि ॐ क्यों
वेद पाठ के आरम्भ में मन्त्रोच्चारण से पूर्व हरि ॐ, उच्चारण करना वैदिकों की परम्परागत प्रणाली है इसका तात्पर्य यह है कि वेद के अशुद्ध उच्चारण में महापातक लगता है और बहुत सावधान रहने पर भी मनुष्य स्वभाव सुलभ स्वर वर्ण जन्य अशुद्धी हो जाने की पूरी सम्भावना रहती है अत: इस सम्भावित प्रत्यवाय की निवृति के लिए आदि और …
Read More »क्या है शनि की क्रूर दृष्टि के पीछे की वजह !
शनैश्चर का शरीर- कान्ति इन्द्रनील मणि के समान है। इनके सिरपर स्वर्ण मुकुट गले में माला तथ शरीर पर नीले रंग के वस्त्र सुशोभित हैं। ये गिद्ध पर सवार रहते हैं। हाथों में क्रमशः धनुष, बाण , त्रिशुल और वरमुद्रा धारण करते हैं।शनि भगवान सूर्य तथा छाया (संवर्णा) के पुत्र हैं। ये क्रूर ग्रह माने जाते हैं। इनकी दृष्टि में …
Read More »एक ऐसा तीर्थ जहां स्वयं प्रभु राम ने की थी शिव जी की आराधना
रामेश्वर ज्योतिर्लिंग में एकादशवें पर है श्री “रामेश्वर”। रामेश्वरतीर्थ को ही सेतुबन्ध तीर्थ कहा जाता है। यह स्थान तमिलनाडु के रामनाथम जनपद में स्थित है। यहाँ समुद्र के किनारे भगवान श्री रामेश्वरम का विशाल मन्दिर शोभित है। कहा जाता है कि इसी स्थान पर श्रीरामचंद्रजी ने लंका के अभियान के पूर्व शिव की अराधना करके उनकी मूर्ति की स्थापना की …
Read More »ईश्वर पर विश्वास
किसी जंगल मे एक गर्भवती हिरणी थी, जिसका प्रसव होने को ही था | उसने एक तेज धार वाली नदी के किनारे घनी झाड़ियों और घास के पास एक जगह देखी जो उसे प्रसव हेतु सुरक्षित स्थान लगा| अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू होने लगी, लगभग उसी समय आसमान मे काले काले बादल छा गए और घनघोर बिजली कड़कने लगी …
Read More »क्या मरना भी मुहूर्त में ही?
मुहूर्त विज्ञान उपक्रम मे इस बात का उदाहण मिलता है कि यदि मरने का मुहूर्त नहीं बनता था तो वे लोग अपना मरना भी स्थगित कर देते थे। आर्य जाति के गौरवपूर्ण इतिहास ग्रंथ में वर्णन आता है कि महाभारत के संग्राम के समय जब नौ दिन में ही भीष्मजी द्वारा कौरव सेना का संचालन करते हुए पांडवों की आधी …
Read More »हनुमान जी संजीवनी बूटी के लिए उखाड़ ले गए थे द्रोणगिरि-उत्तराखंड
उत्तराखंड के चमोली जनपत स्थित एक गांव है द्रोणगिरि। यहां पर स्थित पर्वत के बारे में मान्यता है कि यह वही पर्वत है जिसे हनुमान जी संजीवनी बूटी के लिए उखाड़ ले गए थे।…… रामायण की कथा के अनुसाल लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध में मेघनाद के वार से लक्ष्मण मूर्छित होकर युद्धस्थल में गिर गए थे। जिसके बाद सुषेन वैद्य को बुलाया …
Read More »महज एक रात में निर्मित हुआ था विशालकाय भोजेश्वर शिव मंदिर. रायसेन, भोपाल, मध्यप्रदेश
महज एक रात में निर्मित हुआ था विशालकाय भोजेश्वर शिव मंदिर…….. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से 32 किलोमीटर की दूरी पर ‘रायसेन’ जिले में स्थित यह मंदिर ‘उत्तर भारत का सोमनाथ’ कहा जाता है। यह भोजपुर से लगती हुई पहाड़ी पर एक विशाल, किन्तु अधूरा शिव मंदिर है। भोजेश्वर महादेव अपने आप में एक अनूठा शिव मंदिर है। इसका निर्माण …
Read More »बुधवार को करें भगवान गणेश की पूजा!
श्री गणेश को सभी दुखों का पालनहार माना जाता है। गणेश जी को भौतिक, दैहिक और अध्यात्मिक कामनाओं के सिद्धि के लिए सबसे पहले पूजा जाता है। वे भक्तों की बाधा, संकट, रोग-दोष तथा दरिद्रता को दूर करते हैं। इसलिए इन्हें गणाध्यक्ष और मंगलमूर्ति कहा जाता हैं। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि श्री गणेश जी विशेष पूजा का …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…