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Kumbha Sankranti

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During Kumbha Sankranti the Sun is in a transitory phase and is moving from Makar Rashi to Kumbha Rashi. Of the twelve Sankranti that occur during any given year, Kumbha Sankranti is the eleventh in the year. Many communities across Eastern India celebrate Kumbha Sankranti with full religious fervor. Kumbha Sankranti is also closely associated with Kumbh Mela which is …

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विजया एकादशी

श्री राम और माता सीता

एकादशी के व्रत को समाप्त करने को पारण कहते हैं। एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना अति आवश्यक है। यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गयी हो तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही होता है। द्वादशी तिथि के …

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महाशिवरात्रि

MAHAKAL

महाशिवरात्रि व्रत महाशिवरात्रि व्रत में उपवास का बड़ा महत्व होता है। इस दिन शिव भक्त शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का विधि पूर्वक पूजन करते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। भक्तगणों द्वारा लिंग पूजा में बेल-पत्र चढ़ाना, उपवास और रात्रि जागरण करना एक विशेष कर्म की ओर इशारा करता है। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन भोलेनाथ की शादी …

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अमावस्या

7 TYPES OF MOON

अमावस्या तिथि का रहस्यमय प्रभाव अमावस्या तिथि को सूर्य और चंद्रमा एक साथ होते हैं। एवं चंद्रमा आकाश में दिखाई नहीं देते हैं अर्थात सूर्य व् चंद्रमा का अंतर ३४९ से ३६० अंश तक एवं शून्य हो जाता है। अमावस्या को चन्द्र मास की तीसवीं तिथि माना गया है। अमावस्या तिथि के स्वामी पितृ देव माने गए हैं। अमावस्या तिथि …

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कामदा एकादशी

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कामदा एकादशी चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन भगवान वासुदेव का पूजन किया जाता है। व्रत के एक दिन पूर्व (दशमी की दोपहर) जौ, गेहूं और मूंग आदि का एक बार भोजन करके भगवान का स्मरण करें और दूसरे दिन अर्थात एकादशी को प्रात: स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प करके भगवान की पूजा अर्चना …

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आमलकी एकादशी

कामदा एकादशी

आमलकी एकादशी व्रत शुक्ल पक्ष की एकादशी को किया जाता है. इस व्रत में आंवले के वृक्ष की पूजा करने का विधि-विधान है. इस व्रत के विषय में कहा जाता है, कि यह एकादशी समस्त पापों का नाश करने वाली है. सौ गायों को दान में देने के उपरान्त जो फल प्राप्त होता है. वही फल आमलकी एकादशी का व्रत …

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होली

SHREE KRISHAN AND RADHA PLAY HOLI

होली एक रंगबिरंगा मस्ती भरा पर्व है। इस दिन सारे लोग अपने पुराने गिले–शिकवे भूल कर गले लगते हैं और एक दूजे को गुलाल लगाते हैं। बच्चे और युवा रंगों से खेलते हैं। फाल्गुन मास की पुर्णिमा को यह त्योहार मनाया जाता है। होली के साथ अनेक कथाएं जुड़ीं हैं। होली मनाने के एक रात पहले होली को जलाया जाता …

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जीवन मिथ्या, मृत्यु मिथक; फिर सत्य क्या है!!

जीवन मिथ्या, मृत्यु मिथक; फिर सत्य क्या है!!

जीवन में दो बड़े सत्य हैं, जन्म और मृत्यु। दोनों के मध्य अनंत कार्य हैं उनमें से एक है प्रेम। जन्म भी कई बार झूठा लगता है क्योंकि हम बार-बार जन्मते हैं। आत्मा सिर्फ शरीर बदलती है, नया वस्त्र ले लेती है। तो फिर इसे नया जन्म क्यों मानें, जन्म का रूप परिवर्तन क्यों न कहें !! इस जन्म के …

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Bhagavad Gita :अध्याय 11 श्लोक 11 – 43 ,

JAI HARI

आप इस चर तथा अचर सम्पूर्ण दृश्यजगत के जनक हैं । आप परम पूज्य महान आध्यात्मिक गुरु हैं । न तो कोई आपके तुल्य है, न ही कोई आपके समान हो सकता है । हे अतुल शक्ति वाले प्रभु! भला तीनों लोकों में आपसे बढ़कर कोई कैसे हो सकता है? तात्पर्य भगवान् कृष्ण उसी प्रकार पूज्य हैं, जिस प्रकार पुत्र …

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Vainaiki Ganesh Chaturthi Vrat

ganesh ji

 वैनायकी गणेश 4 व्रत  वैनायकी गणेश चतुर्थी व्रत अथवा दुर्वा गणपति व्रत श्रावण शुक्ल पक्ष में चतुर्थी तिथि को किया जाता है। यह दुर्वा गणपति चतुर्थी के नाम से प्रसिद्ध है। गणेश जी का उद्भव यानी जन्म भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ था। हालांकि, श्रद्धालु पूरे साल के प्रत्येक पक्ष में गणेश जी के निमित्त चतुर्थी तिथि …

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