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पूज्य श्री गोस्वामी तुलसीदास
1966 में हनुमान गढ़ी में लिखी गईं श्री हनुमान चालीसा जो की शुद्ध रूप से वैसी ही है जैसी पूज्य गुरुदेव ने संपादित की है… पूज्य गुरुदेव की ये..
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1966 में हनुमान गढ़ी में लिखी गईं श्री हनुमान चालीसा जो की शुद्ध रूप से वैसी ही है जैसी पूज्य गुरुदेव ने संपादित की है… पूज्य गुरुदेव की ये..
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उड़ीसा में बैंगन बेचनेवाले की एक बालिका थी | दुनिया की दृष्टि से उसमें कोई अच्छाई नहीं थी | न धन था, न रूप |किन्तु दुनिया की दृष्टिसे नगण्य...
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एक बूढ़ी माता मंदिर के सामने भीख माँगती थी। एक संत ने पूछा -- आपका बेटा लायक है, फिर यहाँ क्यों ??बूढ़ी माता बोली - बाबा, मेरे पति का......
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ट्रेन के इंतजार में एक बुजुर्ग रेलवे स्टेशन पर बैठकर रामायण पढ़ रहे थे…!!तभी वहां ट्रेन के इंतजार में बैठे एक नव दंपत्ति जोड़े में से उस......
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श्रीकृष्ण को श्राप से बचाने के लिए सुदामा ने उम्रभर की दरिद्रता स्वीकार की। एक ब्राह्मणी की कहानी, जिसने नाम लेकर भगवान का भोग समर्पित करने..
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ये वो हनुमान थे जिसने कलयुग में सनातन धर्म की जड़ो को फिर से सींचने का काम किया।स्व. श्री हनुमान प्रसाद पौद्दार जी जिन्होंने गीता_प्रेस.....
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महाराज दशरथ को जब संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी तब वो बड़े दुःखी रहते थे पर ऐसे समय में उनको एक ही बात से हौंसला मिलता था जो कभी उन्हें.......
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एक बार शरद पूर्णिमा की शरत-उज्ज्वल चाँदनी में वंशीवट यमुना के किनारे श्याम सुंदर साक्षात मन्मथनाथ की वंशी बज उठी। श्रीकृष्ण ने छ: मास की एक..
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कथा लंबी हैं किंतु ज्ञान के चक्षु खुल जाएंगे आपके।पापी मौज में, पुण्यात्मा कष्ट में. ये कैसा न्याय! ईश्वर हैं भी या नहीं! स्कन्द पुराण की....
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महाभारत में राजा दुर्योधन ने अपने सेनाध्यक्ष भीष्म के बजाय सेनापति द्रोणाचार्य के पास क्यों गए, इसे जानने के लिए पढ़ें। युद्ध में वफादारी....
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