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Bhula do apradh saware
कुछ समझ ना आये, खाटू वाले,ये खेल क्या रचाया तुमने,उन अखियों में कैसे देखु आँसू,के जिन्हे था हँसाया तुमने,मेरे अपराध भुला दो श्याम,बोलो श्याम, बोलो श्याम।क्षमा कर दो ग़ुनाहों को हमारे,भुला दो अपराध साँवरे।उन अखियों में कैसे देखु आँसू,के जिन्हे था हँसाया तुमने। नहीं और किसी का सहारा,सहारा बनों श्याम फिर से,उन अखियों में कैसे देखु आँसू,के जिन्हे था हँसाया …
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पौराणिक कथाओं, प्रेरक क्षण, मंदिरों, धर्मों, फिल्मों, हस्तियों के बारे में दिलचस्प जानकारी, हजारों गाने, भजन, आरती के बोल हैं Your wish may come true today…