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किवाड़ की खुली सांकल

बचपन में हम देखते थे कि घर के पुरुषों के बाहर जाने पर घर की महिलाएं कभी किवाड़ तुरंत बन्द नहीं करती थी, सांकल खुली छोड़ देती थीं।कभी कभी पुरुष कुछ दूर जाकर लौट आते थे, ये कहते हुए कि कुछ भूल गया हूं और मुस्कुरा देते थे दोनों एक दूसरे को देखकर।एक बार बच्चे ने अपनी मां से पूछ …

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महापंडित राहुल सांकृत्यायन का 130 वां जन्मदिन

कल महापंडित राहुल सांकृत्यायन का 130 वां जन्मदिन था…हम उन्हें महा पंडित भले ही कहें पर उनकी विद्वत्ता के कायल इस देश के विश्व विद्यालयों के अलावा पूरी दुनिया के शैक्षणिक संस्थान थे।इतिहास,पुरातत्व और दर्शन को हिंदी में जानने के लिए उनकी किताबें पहली सीढ़ी का काम करती हैं,मैं भी उनकी किताबों के माध्यम से दुनिया से परिचित हुआ था।पर …

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अपने शहर की अपनेपन की मिठास है

मैं तो सुबह से घूम -घूम कर थक गई हूं और कितना घूमना है।रानी ने कहा।अरे, अभी से थक गई हो ये तो कुछ भी नहीं है। ऐसे थकोगी तो बड़े बड़े किलों को कैसे देखोगी।ऐतिहासिक स्थलों को देखने के लिए बहुत चलना पड़ता है और सीढ़ियां भी चढ़नी पड़ती हैं।श्याम ने कहा।फिर भी घूमते हुए बहुत समय हो गया …

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आत्मविश्वास कभी न खोना,

जब डायरेक्टर के दफ्तर के बाहर रोके गए देव आनंद, वॉचमैन ने पूछने शुरू कर दिए थे सवालदेवानंद 21 साल की उम्र में बंबई आए थे और अपने कॉन्फिडेंस के बलबूते फिल्म प्रोड्यूसर को इंप्रेस कर डाला था। देव आनंद की छवि देख कर उस वक्त वह फिल्म प्रोड्यूसर भी उन्हें देखता रह गया था।देव आनंद ने फिल्म ‘हम एक …

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माता पिता के चरणों में स्वर्ग है

आजकल के लड़के नौकरी लगने के तुरंत बाद शादी करके दुलहन को सीधे नौकरी पर ले जाते हैं तथा सारा पढ़ाई का कर्ज , खेती का काम सब झंझट माता पिता के पास छोड़ जाते हैं ।वो सबसे पहले शहर में प्लाट लेने की सोचते हैं तथा माता पिता की ओर कम ध्यान देते हैं जो बहुत दुखदाई है ।फेसबुक …

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ज्योतिर्लिंग के दर्शनों की इच्छा दादी के मन समाई

निलीमा मैडम ,आपने इस स्टूडेंट को गलत तरीके से ज्यादा नंबर देकर पास करने की कोशिश की है , इसका आप क्या स्पष्टीकरण देना चाहती है ?वार्षिक परीक्षा की कापिया जाँची जा रही थी और उनमे से कुछ कापिया उस स्कुल के प्रिन्सिपाल ने क्रॉस चेक करने के हिसाब से अपने पास बुलवाई।उनमे से एक कॉपी में निलीमा मैडम ने …

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महात्मा बुद्ध का शिष्य चंदौसा

एक समय की बात है महात्मा बुद्ध अपने शिष्यों के साथ मगध आए हुए थे। वहां एक चंदौसा नाम का मोची गांव के बाहर अपनी कुटिया बनाकर रहता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी और 4 बच्चे रहा करते थे। चंदौसा की कुटिया के बाहर एक बड़ा सा तालाब था, जिसमें बरसात का पानी जमा हुआ करता था। चंदौसा सवेरे …

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मेहनत का स्वाद

मेहनत का स्वादगुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ धर्म चर्चा के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान जाया करते थे। इसी क्रम में उन्हें एक गांव और शहर के बीच का स्थान प्राप्त हुआ, जहां विशाल भव्य मंदिर था। गांव और शहर के लोग यहां बड़े-बड़े अनुष्ठान किया करते थे। गुरु नानक देव जी वहां रुके उनके रुकने …

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चार आशीर्वाद

चार आशीर्वादएक बार एक घने जंगल में एक शिकारी शिकार करने पहुंचा| वहां उसे रस्ते में घोड़े पर स्वर एक राजकुमार मिला|शिकारी राजकुमार के साथ चलने लगा|चलते-चलते उन्हें एक साधू मिला| अब वे दोनों साधू के साथ चल दीए| वे चरों जंगल में साथ-साथ जा रहे थे, तभी उन्हें एक कुटिया दिखाई दी|वे चारों चलते-चलते थक गए थे सो विश्राम …

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जब नर्मदा ने चाहा गंगा से श्रेष्ठ बनना

जब नर्मदा ने चाहा गंगा से श्रेष्ठ बननाहमारे देश में लगभग सभी नदियां पवित्र एवं पूजनीय मानी जाती हैं। उनमें से जो नदियां सीधे समुद्र में जाकर मिलती हैं, वे और नदियों से श्रेष्ठ हैं एवं उनमें से भी 4 नदियां सर्वश्रेष्ठ मानी गई हैं- गंगा, यमुना, सरस्वती एवं नर्मदा। गंगा नदी ऋग्वेदस्वरूप, यमुना युजुर्वेदस्वरूपा, नर्मदा सामवेदस्वरूपा एवं सरस्वती अथर्ववेदस्वरूपा …

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