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Kundalini Yoga Er Sikh Dharma

हयांगे-मादलाय्या-कृष्णा

This chapter includes . . . The Relationship between Kundalini Yoga & Sikh Dharma 50 Students of Elegant Action 51 Kundalini Yoga & the House of Guru Ram Das 5 1 The Relationship Between Kundalini Yoga Er Sikh Dharma A student asked Yogi Bhajan about the relationship between Kundalini Yoga and the Sikh Gurus. This was his reply: THE GURU, …

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परंपरा का निर्माण

जीवन के साथ आयुर्वेद का गहरा संबंध होने के कारण पितामह ब्रह्मा ने आयुर्वेद के पठन – पाठन की परंपरा स्थापित की । ब्रह्मा जी ने इस चिकित्सा – शास्त्र को अपने मानसपुत्र दक्ष को और दक्ष ने अश्विनीकुमारों को तथा अश्विनीकुमारों ने देवराज इंद्र को पढ़ाया । इस तरह यह परंपरा आजतक चलती चली आ रही है । यद्यपि …

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A Brief History of Yoga Er PataflialiJs Sutras

SITALI KRIYA

The ashrams and Gurus of ancient India used to be mental workshops. They taught and molded the minds of people to be clear, strong, and to act righteously under all possible circumstances. If all the spiritual teachers started to teach faith in the Self and stopped teaching faith in a personality, this world would be heaven. This existence with its …

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चिकित्सकों के चिकित्सक भगवान शिव

krshnadarshan - bhagavaan shiv ke avataar

भगवान रुद्र ने ओषधियों का निर्माण करके जगत का इतना कल्याण किया है कि वेद ने भी भगवान शंकर सम्पूर्ण शरीर को ही भेषज मान लिया है । कहा है कि – या ते रुद्र शिवा तनू शिवा विश्वस्य भेषजी । शिवा रुद्रस्य भेषजी तया नो मृड जीवसे ।। सचमुच आयुर्वेद भगवान शिव के रूप में ही अभिव्यक्त हुआ था, …

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सबसे बड़ा दान क्या है ?

sabase bada daan kya hai ?

यज्ञ में युधिष्ठिर से प्रश्न किया गया ‘श्रेष्ठ दान क्या है’ ? इस पर युधिष्ठिर ने उत्तर दिया, ‘जो सत्पात्र को दिया जाएं । जो प्राप्त दान को श्रेष्ठ कार्य में लगा सके, उसी सत्पात्र को दिया दान श्रेष्ठ होता है । वहीं पुण्यफल देने में समर्थ है ।’ कर्ण ने अपने कवज का शिवि ने अपने मांस का, जीमूतवाहन …

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दक्षिणा क्यों है महत्त्वपूर्ण

khud to baahar hee khade rahe

दक्षिणा प्रदान करने वालों के ही आकाश में तारागण के रूप में दिव्य चमकीले चित्र हैं, दक्षिणा देने वाले ही भूलोक में सूर्य की भांति चमकते हैं, दक्षिणा देने वालों को अमरत्व प्राप्त होता है और दक्षिणा देने वाले ही दीर्घायु होकर जीवित रहते हैं । शास्त्रों में दक्षिणारहित यज्ञ को निष्फल बताया गया है । जिस वेदवेत्ता ने हवन …

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गुरु का महत्त्व क्यों ?

Guru Purnima oshad main story

भारतीय संस्कृति में ‘आचार्य देवो भव’ कहकर गुरु को असीम श्रद्धा का पात्र माना गया है । गुरु शब्द में ‘गु’ का अर्थ अंधकार तथा ‘रु’ का दूर करने से लगाया जाता है । अर्थात जो अंधकार को दूर कर सके, वहीं गुरु है । वैसे, हमारे शास्त्रों में गुरु के अनेक अर्थ बताएं गए हैं । गुरु का महत्त्व …

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संस्कार क्या हैं ?

vyarth hai moh ka bandhan

भारतीय संस्कृति में संस्कार का साधारण अर्थ किसी दोषयुक्त वस्तु को दोषरहित करना है । अर्थात् जिस प्रक्रिया से वस्तु को दोषरहित किया जाएं उसमें अतिशय का आदान कर देना ही ‘संस्कार’ है । संस्कार मन:शोधन की प्रक्रिया हैं । गौतम धर्मसूत्र के अनुसार संस्कार उसे कहते हैं, जिससे दोष हटते हैं और गुणों की वृद्धि होती है । हमारे …

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Varieties of Yoga

SITALI KRIYA

just as all rivers end up in the ocean, all yoga ends up raising the kundalini. What is the kundalini? It is the creative potential of the human being. This chapter includes . . . The Varieties of Yoga Yogi Bhajan on Kundalini Yoga & Hatha Yoga What is Raj Yoga and What Does it Have to do with Kundalini …

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भगवान श्रीकृष्ण

dasha mujh deen kee bhagavan sambhaaloge to kya hoga

श्रीविष्णु भगवान के मुख्य दस अवतारों में श्रीकृष्णावतार को जो महत्त्व प्राप्त है, वह अन्य किसी अवतार को नहीं है । कुछ लोग यह शंका उठाते हैं कि ‘पूर्णकाम’ अजन्मा भगवान अवतार क्यों लेते हैं ? इसका समाधान स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के वचन से ही हो जाता है । पानी में डूबते हुए अनन्यगति बालक को देखकर वत्सल पिता प्रेमविह्वल …

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