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आखिर कहां से आया नारियल ?

Akhir Kha Se Aya Nariyal Story

हिन्दू धर्म में नारियल का विशेष महत्व है। नारियल के बिना कोई भी धार्मिक कार्यक्रम संपन्न नहीं होता है। नारियल से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है। कहते है नारियल को इस धरती पर ऋषि विश्वामित्र लेकर आए थे। प्राचीन काल की बात है। एक बहुत ही पराक्रमी सत्यव्रत नाम के राजा हुए। राजा सत्यव्रत का ईश्वर में सम्पूर्ण …

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औषधीय पौधा- ग्रेट मुलेन

Aoshadiya Podha - Great Muleain Story

ग्रेट मुलेन को लेटिन भाषा में “वरबेसकम थेप्सस” कहा जाता है। ग्रेट मुलेन अक्सर आपको पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों के किनारे जरूर देखने को मिला होगा। दो मीटर की उंचाई लिए हुए हल्के रोमों सी ढकी यह वनस्पति देखने में बिल्कुल जंगली झाड़ियो की तरह लगती है लेकिन सदियों से इस वनस्पति का घरेलू औषधि के रूप में प्रयोग किया …

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हार-जीत का फैसला

Har Jeet Ka Faisla Story

बहुत समय पहले की बात है। आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ की निर्णायक थीं मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार-जीत का निर्णय होना बाकी था, इसी बीच देवी भारती को किसी आवश्यक कार्य से कुछ समय के लिये बाहर जाना पड़ गया। लेकिन जाने से पहले देवी भारती नें …

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निर्जला एकादशी व्रत

Nirjala Akadshi Vart Story

हिंदू धर्म में एकादशी के व्रत को महत्वपूर्ण माना गया है । प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशी तिथियां होती हैं। जब मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं इस व्रत में पानी पीना वर्जित है इसलिये इसे निर्जला एकादशी कहते हैं। व्रतों में निर्जला एकादशी …

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तीर्थो का महत्त्व‬

Tirtho Ka Mahtav Story

एक समय की बात है। गंगा के किनारे एक आश्रम में गुरु जी के पास कुछ शिष्यगण बैठे हुए कुछ धार्मिक स्थलों की चर्चा कर रहे थे। एक शिष्य बोला गुरु जी अब की बार गर्मियों में गंगोत्री, यमनोत्री की यात्रा हमें आपके साथ करनी है। आपके साथ यात्रा का कुछ अलग ही आनंद है। दर्शन के साथ-साथ हर चीज …

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विनम्रता का फल

Vinamrta Ka Fl Story

महाभारत की एक कथा है। धर्मयुद्ध अपने अंतिम चरण में था। भीष्म पितामह शैय्या पर लेटे हुए अपने जीवन के आखिरी क्षण गिन रहे थे। उन्हें इच्छा मृत्यु का वरदान मिला हुआ था और वे सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने की प्रतीक्षा कर रहे थे। धर्मराज युधिष्ठिर जानते थे कि पितामह ज्ञान और जीवन संबंधित अनुभव से संपन्न हैं। …

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प्रदोष व्रत का महत्त्व

Pardosh Vart Ka Mahtav Story

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत प्रत्येक मास की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। यह व्रत कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों को किया जाता है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की उपासना की जाती है। यह व्रत हिंदू धर्म के सबसे शुभ व महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। जानिए इसकी पूजन विधि, कथा और महत्त्व …

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शिक्षाप्रद कहानियां- जल्दबाजी का फल‬

Dheeraj or Shanti Ka mahtav Story

एक समय की बात है। गरीबी से परेशान एक युवक अपना जीवन समाप्त करने के लिए नदी पर गया, वहां युवक को एक साधु मिल गए उन्होंने उसे ऐसा करने के लिए मना कर दिया। साधु ने युवक की परेशानी का कारण पूछा। युवक ने सारी बात साधु को बता दी। सब कुछ सुनकर साधु ने कहा- मेरे पास एक …

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‎गिलहरी‬ का ‪‎रामसेतु‬ बनाने में योगदान

Gilheri Ka Ramsetu Banane Story

माता सीता को वापस लाने के लिए रामसेतु बनाने का कार्य चल रहा था। भगवान राम को काफी देर तक एक ही दिशा में निहारते हुए देख लक्ष्मण जी ने पूछा भैया आप इतनी देर से क्या देख रहें हैं? भगवान राम ने इशारा करते हुए दिखाया कि वो देखो लक्ष्मण एक गिलहरी बार-बार समुद्र के किनारे जाती है और …

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चाणक्य की सीख‬

Chanekya Ki Sikh Story

बात 325 ई. पू. की है, जब भारत में मौर्य वंश का शासन था। सम्राट चंद्रगुप्त एक कुशल योद्धा, सेनानायक तथा महान विजेता ही नहीं थे, बल्कि एक योग्य शासक भी थे और उनकी सुदृढ़ शासन व्यवस्था का प्रमुख आधार चंद्रगुप्त मौर्य के महामंत्री चाणक्य थे। शासन व्यवस्था पर उनका पूरा अंकुश था। कहा जाता है एक दिन एक विदेशी …

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